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व्हाइट ब्लड सेल्स कमी से शरीर पड़ सकता है कमजोर, जानें कारण और बचाव का तरीका
व्हाइट ब्लड सेल्स या श्वेत रक्त कोशिकाएं, जिन्हें ल्यूकोसाइट्स भी कहा जाता है, ये कोशिकाएं संक्रमण से आपका बचाव करती है। व्हाइट ब्लड सेल्स (WBC) आपको मौसमी बीमारियों, संक्रमण वायरस और बैक्टीरिया पर हमला कर देती हैं और उनसे लड़ती है। पर जब शरीर में इनकी कमी हो जाती है तो, इसे ल्यूकोपेनिया कहा जाता है। ल्यूकोपेनिया होने पर हमारे शरीर में इसके कई लक्षण नजर आते हैं।

व्हाइट ब्लड सेल्स क्या हैं?
व्हाइट ब्लड सेल्स अस्थिमज्जा यानी Bone Marrow में बनती हैं और ये प्रतिरक्षा प्रणाली का एक हिस्सा हैं।
व्हाइट ब्लड सेल्स शरीर को विभिन्न प्रकार की बीमारियों और संक्रमणों की पहचान करके, उनसे लड़ने में मदद करती हैं। मानव शरीर हर दिन लगभग 100 अरब व्हाइट ब्लड सेल्स का उत्पादन करता है।

व्हाइट ब्लड सेल्स पांच प्रमुख प्रकार की होती हैं:
बासोफिल्स (Basophils)
इयोस्नोफिल्स (Eosinophils)
लिम्फोसाइटों (Lymphocytes)
न्यूट्रोफिल (Neutrophils)
मोनोसाइट्स (Monocytes)

किन लोगों की व्हाइट ब्लड सेल्स कम होती है?
व्हाइट ब्लड सेल्स की कम संख्या किसी में भी हो सकती है। शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या अलग-अलग हो सकती है, यह व्यक्ति की उम्र, नस्ल और लिंग पर निर्भर करता है, और कुछ चिकित्सीय स्थितियों में भी ये सेल्स कम हो सकते है। जैसे कि जो कैंसर का इलाज करवा रहे हैं, उनमें श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या कम होने की संभावना होती है।

लो व्हाइट ब्लड सेल्स से बचने के लिए क्या करें
कुछ बीमारियों की संभावना को कम करने और लो व्हाइट ब्लड सेल्स से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें-
- साफ-सुथरे रहे, उदाहरण के लिए, बाथरूम का उपयोग करने के बाद और खाना पकाने से पहले अपने हाथ धोएं।
- पालतू जानवरों और अन्य जानवरों से सावधान रहें जो संक्रमण फैला सकते हैं।
-सुनिश्चित करें कि खाद्य पदार्थ खाने से पहले अच्छी तरह से पके हों।
-जिन लोगों को संक्रमण है उनसे दूर रहें।
- सुरक्षित सेक्स का ध्यान रखें ड्रग्स और सुई साझा करने से बचें।

कितना होता है लो व्हाइट ब्लड सेल्स?
हर व्यक्ति में व्हाइट ब्लड सेल्स (WBC) काउंट भिन्न-भिन्न होती हैं, लेकिन एक सामान्य सीमा आमतौर पर 4,000 और 11,000 प्रति माइक्रोलीटर रक्त के बीच होती है।
ब्लड टेस्ट में अगर आपका 4 हजार प्रति माइक्रोलीटर (कुछ प्रयोगशालाओं के अनुसार 4500 से कम) से कम डब्ल्यूबीसी काउंट दिखाता है, इसका मतलब यह हो सकता है कि आपका शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम नहीं है। लो काउंट को कभी-कभी ल्यूकोपेनिया कहा जाता है।
व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या कम होने का क्या कारण है?
लो ब्लड सेल्स काउंट ऐसी चीज है जिसके साथ आप पैदा होते हैं (एक आनुवंशिक स्थिति), जो चिंता का कारण हो भी सकती है और नहीं भी। लो ब्लड सेल्स काउंट के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे-
ऑटोइम्यून रोग
कुछ ऑटोइम्यून रोग, जैसे ल्यूपस और रुमेटीइड गठिया होने पर ये शरीर में खुद हमला कर डब्ल्यूबीसी को नष्ट करने लगते हैं।

दवाएं
एंटीबायोटिक्स सहित कुछ दवाएं डब्ल्यूबीसी को नष्ट कर सकती हैं।
तिल्ली की समस्या:
तिल्ली भी WBC बनाती है। संक्रमण, रक्त के थक्के और अन्य समस्याएं इसे बढ़ा सकती है, जिसके कारण से ये वैसे काम नहीं करती हैं, जैसे इसे करना चाहिए। इसलिए इनका काउंट कम हो जाता है।
अस्थि मज्जा से जुड़ी समस्याएं
आपकी हड्डियों का स्पंजी केंद्र, जिसे अस्थि मज्जा यानी बोर्न मेरो कहा जाता है, ये रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। WBC की कम संख्या अक्सर अस्थि मज्जा की समस्याओं से जुड़ी होती है। बेंजीन और कीटनाशकों जैसे कुछ रसायनों के साथ-साथ कीमोथेरेपी और विकिरण सहित कुछ प्रकार के कैंसर और कैंसर के उपचार के कारण, आपके अस्थि मज्जा की डब्ल्यूबीसी बनाने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है।
संक्रमण
वायरस आपके अस्थि मज्जा को प्रभावित कर सकते हैं, जिस वजह से आपका WBC कम हो सकते हैं। गंभीर संक्रमण, जैसे रक्त संक्रमण। इसके अलावा एचआईवी एक विशेष प्रकार की व्हाइट ब्लड सेल्स को खत्म करता है।
व्हाइट ब्लड काउंट कम होने की वजह
अगर आपका WBC काउंट बहुत कम है, तो आपको संक्रमण से बचने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे।
आपका डॉक्टर आपको हेमेटोलॉजिस्ट की सलाह लेने को कह सकता है। यह एक विशेषज्ञ है जिसके पास ब्लड काउंट की समस्याओं के बारे में मालूम करना और इलाज के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण होता है।
यदि आपका WBC काउंट कम रहता है या कम होता रहता है, तो ऐसा क्यों हो रहा है, इसका पता लगाने के लिए अपने डॉक्टर से बात करते रहें और सही उपचार से आपकी व्हाइट ब्लड काउंट सामान्य करने में मदद मिलेगी



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