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COVID-19 : ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट में क्या अंतर है?
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरे विश्व में अफरा तफरी का माहौल है। इसके पहले भी कोरोना के कई वैरिएंट अल्फा, बीटा,गामा और डेल्टा सामने आ चुके हैं। अपने तेजी से फैलने की क्षमता और मूल रूप से कहीं ज्यादा अंतर होने की वजह से ओमिक्रॉन वेरिएंट को अब तक का सबसे खतरनाक वेरिएंट माना जाता है। ओमिक्रॉन और डेल्टा में क्या है अंतर और कौन है ज्यादा खतरनाक? आइए जानने की कोशिश करते हैं।

कौन कितना खतरनाक?
कोई वायरस कितना खतरनाक है, इसको पता लगाने का एक तरीका ये है कि वो कितनी तेजी से फैल रहा है। वायरस की इस क्षमता को R वैल्यू कहा जाता है। कोरोना के शुरुआती स्ट्रेन की R वैल्यू 2-3 थी, जबकि डेल्टा वैरिएंट की R वैल्यू 6-7 थी। इसका मतलब ये है कि डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित एक व्यक्ति इस वायरस को 6-7 व्यक्तियों में फैला सकता है।
वहीं, ओमिक्रॉन की R वैल्यू डेल्टा से करीब छह गुना अधिक मानी जा रही है, जिसका मतलब है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित अकेला मरीज ही इस वायरस को 35-45 लोगों में फैला सकता है। अब तक ओमिक्रॉन 19 देशों में फैल चुका है। डेल्टा से अधिक संक्रामक क्षमता के कारण इसे कहीं अधिक खतरनाक माना जा रहा है।

डेल्टा vs ओमिक्रॉन
डेल्टा संस्करण को B.1.617.2. के रूप में जाना जाता है, जबकि Omicron वेरिएंट का वैज्ञानिक नाम B.1.1.1.529. है। डेल्टा पहली बार भारत में रिपोर्ट किया गया था। ओमाइक्रोन संस्करण सबसे पहले दक्षिणी अफ्रीका में रिपोर्ट किया गया था। डेल्टा प्लस वेरिएंट चिंता का एक प्रकार था लेकिन डेल्टा नहीं। Omicron चिंता का एक रूप है। पहली बार 24 नवंबर को इसकी सूचना मिली थी। डेल्टा प्लस संस्करण ने K417N नामक स्पाइक प्रोटीन उत्परिवर्तन का अधिग्रहण किया है जो कि दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पहचाने गए बीटा संस्करण में भी पाया जाता है। ओमाइक्रोन अपने स्पाइक प्रोटीन में उच्च संख्या में उत्परिवर्तन करता है, जिसकी मानव शरीर में कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश में मुख्य भूमिका होती है। NS बी.1.1.1.529 वैरिएंट में 50 म्यूटेशन हैं, जिसमें स्पाइक प्रोटीन पर 30 से अधिक म्यूटेशन हैं जो कि अधिकांश वर्तमान कोविड टीकों का लक्ष्य है। डेल्टा बहुत अधिक उत्परिवर्तित नहीं था। ओमाइक्रोन अब तक का सबसे उत्परिवर्तित वायरस है।

ओमिक्रॉन का सीटी वैल्यू कम है
कर्नाटक सरकार के मुताबिक ओमिक्रॉन वेरिएंट के और भी मरीज हो सकते हैं, इन मरीजों में कई ऐसे मरीज हैं जिनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। हालांकि अब तक इसके लिए कोई खतरनाक लक्षण दिखाई नहीं दिए। एक्सपर्ट को ओमिक्रॉन के लक्षण में लो सीटी (cycle threshold) वैल्यू दिखाई दी है, यानी वायरस का बहुत ज्यादा घनत्व नहीं है। यही कारण है कि जितने इंटरनेशनल यात्री पॉजिटिव पाए गए हैं उनमें लो सीटी लेवल देखा गया है।

लक्षण
डेल्टा वैरिएंट की सूखी खांसी होना, बुखार आना,
थकान महसूस होना है। ओमिक्रॉन से पीड़ित मरीज को बुखार, बहुत ज्यादा थकान, सिर दर्द, बॉडी दर्द, गले में खरांश आदि हो सकता है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट से पीड़ित मरीजों में डेल्टा वेरिएंट की तरह गंध और स्वाद नहीं जाता। न ही इसमें पल्स रेट बढ़ते हैं और ऑक्सीजन लेवल में भी कमी नहीं आती।



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