कोरोना वायरस: 'कोवैक्सीन' और 'कोविशील्ड' के आपात इस्तेमाल को हरी झंडी, जानें कैसे और कब मिलेगी

आखिर कोरोना के खिलाफ बनी 'कोविशील्ड' और 'कोवैक्सीन' किसे मिलेगी, कैसे मिलेगी, कब मिलेगी, किस कीमत पर मिलेगी, वैक्सीन से कोई खतरा तो नहीं होगा और सबसे अहम सवाल ये वैक्सीन हमारे और आपके जैसे बेहद आम लोगों तक कब, कैसे और किस कीमत पर पहुंचेगी? इन सभी सवालों के जवाब को लेकर केंद्र सरकार ने रविवार को तीन हिस्सों वाला एक वीडियो ट्वीट किया। इस वीडियो में टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवालों का जवाब दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए वीडियो में एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने टीकाकरण कार्यक्रम की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जारी दी और कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर कई सारे अहम सवालों के जवाब दिए।

कोरोना वायरस वैक्सीन का टीकाकरण कब शुरू होगा?

कोरोना वायरस वैक्सीन का टीकाकरण कब शुरू होगा?

केंद्र सरकार द्वारा दो वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने के बाद जल्द ही टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो सकता है। कोविशील्ड और कोवैक्‍सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने मंजूरी दे दी है।

क्या सबको एक साथ वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा?

केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पहले स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों को टीका लगाया जाएगा। इसके बाद 50 साल से ऊपर के गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को टीका लगेगा। पहले और दूसरे चरण के बाद वैक्सीन की उपलब्धता को देखते हुए केंद्र सरकार फैसला लेगी।

क्या वैक्सीन का टीका लगवाना अनिवार्य है?

कोरोना वायरस वैक्सीन लगवाना वालंटरी है। हालांकि कोरोना वायरस वैक्सीन का शेड्यूल पूरा लेने की सलाह दी जाती है।

कोरोना वायरस वैक्सीन के कितने डोज लेने होंगे और कितने दिन का गैप रहेगा?

वैक्सीन के दो डोज के बीच 28 दिन का अंतर रखने की आवश्यकता होती है। इसका ध्यान वैक्सीन का टीका लगवाने सभी को रखना होगा।

शरीर में एंटीबॉडी कब बनेगी?

शरीर में एंटीबॉडी कब बनेगी?

कोरोना वायरस का दूसरा डोज लेने के दो हफ्ते बाद आमतौर पर शरीर में सुरक्षात्मक एंटीबॉडी विकसित हो जाती है।

कोरोना वायरस वैक्सीन का संभावित साइड इफेक्ट क्या है?

आम तौर पर वैक्सीन का साइड इफेक्ट हल्का बुखार और हल्का शरीर दर्द होता है। केंद्र ने राज्यों से वैक्सीन के साइड इफेक्ट से निपटने के लिए तैयारी करने को कहा है।

टीकाकरण के लिए वैक्सीन का चुनाव कैसे हुआ?

ड्रग रेगुलेटर ने वैक्सीन के क्लिनिकल डाटा का परीक्षण किया और गहन अध्ययन के बाद कंपनी को आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई। मंजूरी प्राप्त वैक्सीन पूरी तरह प्रभावी और सुरक्षित हैं। महत्वपूर्ण ये है कि किसी एक वैक्सीन का टीका लगवाने के बाद शेड्यूल पूरा किया जाए। एक व्यक्ति को टीका लगाने के लिए वैक्सीन आपस में बदली नहीं जा सकती।

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मुझे कैसे पता चलेगा कि मैं टीका लगवा सकता हूं?

मुझे कैसे पता चलेगा कि मैं टीका लगवा सकता हूं?

शुरुआती चरण में कोरोना वायरस वैक्सीन लक्षित समूहों को लगाई जाएगी। योग्य उम्मीदवारों को मोबाइल पर मैसेज आएगा, जिसके जरिए उन्हें टीका सेंटर और समय की जानकारी दी जाएगी। ये पूरी प्रक्रिया रजिस्ट्रेशन में किसी तरह की बाधा न आए इसलिए अपनाई जाएगी।

क्या बिना रजिस्ट्रेशन के टीका लगवा सकते हैं?

नहीं, टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।

वैक्सीन का टीका लगवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

कोरोना वायरस वैक्सीन का टीका लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन के टाइम ड्राइविंग लाइसेंस, हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, पैन कार्ड, पासबुक, पासपोर्ट, सर्विस आईडी कार्ड या वोटर कार्ड दिखाना पड़ सकता है।

अगर मेरे पास फोटो पहचान पत्र ना हो?

टीका लगवाने व्यक्ति के लिए रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के टाइम फोटो आईडी प्रस्तुत करना जरूरी होगा।

क्या टीकाकरण पूरा होने तक मुझे अपडेट मिलता रहेगा?

जी हां, कोरोना वायरस टीका लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन होने के बाद आपको हर जानकारी मोबाइल पर एसएमएस के द्वारा मिलती रहेगी। जैसे कब दूसरा टीका दिया जाएगा और किस तरह से आपको क्यूआर कोड आधारित सर्टिफिकेट मिलेगा।

क्या एक कोरोना वायरस पॉजिटिव व्यक्ति टीका लगवा सकता है?

क्या एक कोरोना वायरस पॉजिटिव व्यक्ति टीका लगवा सकता है?

जो लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव हैं, उनसे टीकाकरण सेंटर पर संक्रमण फैलने का खतरा है। साथ ही अभी ये नहीं पता कि ऐसी स्थिति में वैक्सीन कितनी प्रभावी होगी। इस वजह से वायरस पॉजिटिव व्यक्ति को कम से कम 14 दिन इंतजार करना चाहिए ताकि उसके शरीर से कोरोना वायरस के लक्षण समाप्त हो जाएं।

कोरोना वायरस संक्रमण से उबर चुके व्यक्ति के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी है?

जी हां, सलाह ये है कि कोरोना वायरस वैक्सीन का शेड्यूल पूरा करें, बिना इस बात की परवाह किए बिना कि आप कोरोना वायरस पॉजिटिव रहे हैं। वैक्सीन का टीका लेने से आपको बेहतर प्रतिरक्षा तंत्र विकसित करने में मदद मिलेगी।

कैंसर, शुगर और हाइपरटेंशन की दवाएं खा रहे लोग वैक्सीन का टीका लगवा सकते हैं?

जी हां, गंभीर बीमारियों वाले मरीजों के लिए वैक्सीन का टीका लगवाना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये लोग हाईरिस्क ग्रुप में आते हैं। ये जानना बहुत जरूरी है कि दवाएं खाने से वैक्सीन के प्रभावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

ऐसी कोई सलाह जिसका टीकाकरण सेंटर पर पालन किया जाना चाहिए?

हां, वैक्सीन लगवाने वाले लोगों से गुजारिश रहेगी कि टीका लगने के बाद आधे से एक घंटे तक आराम करें। अगर कोई परेशानी महसूस होती है, तो तुरंत नजदीकी प्रशासन को सूचित करें, ताकि वे आपकी मदद कर सकें।

क्या इतनी जल्दी विकसित और टेस्ट की गई वैक्सीन सुरक्षित होगी?

भारत में वैक्सीन को मंजूरी तब दी गई है, जब ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इसके सुरक्षित और प्रभावी होने के डाटा का अध्ययन कर लिया। वैक्सीन को मंजूरी देने के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का पालन किया गया है।

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