Latest Updates
-
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं
Ramadan 2020: लॉकडाउन में इन फूड से बढ़ाए इम्यूनिटी, सहरी और इफ्तार में खाए ये चीजें
कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए देश के हर व्यक्ति ने खुद को घर में सीमित कर लिया है। इस दौरान रमजान के पवित्र माह की भी शुरुआत होने वाली है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान रोजेदारों को सेहत और सामाजिक दूरी के प्रति सतर्कता बरतनी होगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य संबंधी विशेष निर्देश जारी किए हैं। आइए जानते हैं कि आप शरीर की इम्युनिटी किस तरह बढ़ाएं।

हाई कार्ब फूड
ब्रेड, चावल, आलू आदि में कार्बोहाइड्रेड की मात्रा अधिक होती है, जिससे ये काफी देर में पचते हैं। इससे शरीर ज्यादा ऊर्जावान होता है। भोजन में मिर्च ज्यादा न डालें वरना अपच व जलन हो सकती है।

डायटरी फूड
प्रचुर मात्रा में प्रोटीन लेने के लिए सहरी में दूध, अंडा, दही, पनीर आदि डेयरी उत्पाद के अलावा दालें व मांस जैसे चिकन, मटन, मछली आदि शामिल करें। यह शरीर की प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा। विशेषज्ञ बताते हैं कि आहार में 60-80 ग्राम प्रोटीन शामिल होना चाहिए।

फाइबर फूड
सहरी के मेन्यू में ज्यादा फाइबर रखें। सेब, केला, खुबानी जैसे फलों में ज्यादा फाइबर होता है। साथ ही साबुत अनाज जैसे जौ, छोला, जई जरूर खाएं, इससे पेट भरा रहेगा। यह कब्ज रोकने में भी मदद करता है। इसके अलावा स्मूदीज भी अच्छा विकल्प बन सकता हैं।

हाइड्रेटेड ड्रिंक
सहरी व इफ्तारी में चाय, काफी आदि पीने से बचें क्योंकि कैफीन से शरीर में पानी घटता है और प्यास लगने लगती है। शरीर में तरावट लाने वाले पेय जैसे रुह अफजा जैसे शरबत आदि पियें। विशेषज्ञ बताते हैं कि जरुरत से ज्यादा पानी भी नुकसान पहुंचा सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान
- रोजा रखा है तो दिनभर में ज्यादा मेहनत वाले काम करने से बचे, ताकि शरीर में पसीना न आए और पानी की कमी न हो जाए।
- गर्भवती और बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाएं सहरी- इफ्तार में दुध व दही जैसे पदार्थों का सेवन करें ताकि शरीर में कैल्शियम की मात्रा पहुंचे।
- सहरी में ज्यादा नमक वाले भोजन से परहेज करें ताकि दिन में ज्यादा प्यास न लगे।

रमजान को लेकर WHO ने जारी किए दिशा निर्देश
डब्लूएचओ के अनुसार, रमजान में बड़े समूह में इबादत करने की जगह आभासी मंचों व तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करें।
उन्होंने सरकारों को सलाह दी है कि इसके लिए धार्मिक नेताओं के साथ मिलकर पहले से योजना बना ली जाए।
साथ ही लोग गले लगने की जगह सीने में हाथ रखकर, दूर से झुककर दुआ करने के तरीकों को अपनाएं।
साथ ही डायबिटीज और दिल के मरीज भीड़ में जाने से बचें। सिगरेट छोड़ने की सलाह दी गई है।

रमजान हेल्पलाइन के पैनल में डॉक्टर भी होंगे शामिल
हर साल रमजान माह में मुसलमानों के रोजे और नमाज से संबंधित विभिन्न आशंकाएं दूर करने के लिए शुरू की जाने वाली मशहूर रमजान हेल्पलाइन इस बार कोरोना वायरस संक्रमण से जुड़ी हुई जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए अपने पैनल में चिकित्सकों को भी शामिल करेगी। 'इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया' द्वारा संचालित की जाने वाली इस हेल्पलाइन में आमतौर पर रोजे की विभिन्न स्थितियों और नमाज से जुड़े मसलों पर लोगों के सवालों के जवाब दिए जाते हैं। यह हेल्पलाइन शरीयत के आधार पर धार्मिक परामर्श भी जारी करती है।



Click it and Unblock the Notifications
