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स्टील्थ ओमिक्रॉन: क्या है ओमिक्रॉन का बीए.2 उप स्वरुप, जानें इसके बारे में सब कुछ
कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में दहशत फैला रखी है। इसके अलग-अलग स्वरूपों ने आम जनता के साथ ही वैज्ञानिकों की भी चिंता बढ़ा रखी हैं। अब यूरोप में ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक नया उप स्वरूप मिला है, जिसे 'स्टील्थ ओमिक्रॉन' कहा जा रहा है। इस बीए.2 स्ट्रेन को ज्यादा खतरनाक इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि यह गुप्त स्वरूप आरटी-पीसीआर टेस्ट को भी चकमा दे रहा है। इसके कारण यूरोप में नई कोरोना लहर का खतरा पैदा हो गया है।

वैरिएंट ऑफ कंसर्न
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ओमिक्रॉन की तीन उप स्वरुपों यानी sub-strain बीए.1, बीए.2 और बीए.3 हैं। बीए.1 उप स्वरूप पूरी दुनिया में पाया गया है। अब बीए.2 प्रजाति तेजी से फैल रही है। डेनमार्क की बात करें तो 20 जनवरी तक देश में बीए.2 उप प्रजाति के संक्रमितों की संख्या सक्रिय मामलों की तुलना में लगभग आधी हो गई है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बीए.2 स्ट्रेन को जल्द 'वैरिएंट आफ कंसर्न' के रूप में घोषित किया जा सकता है।

इसे 'स्टील्थ ओमिक्रॉन ' क्यों कहा जाता है?
जब वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन संस्करण की खोज की, तो उन्होंने पाया कि इसके मूल स्ट्रेन - बीए.1 - में "एस" या स्पाइक जीन में विलोपन के रूप में एक उत्परिवर्तन है जिसे पीसीआर परीक्षणों द्वारा पता लगाया गया था। हालांकि, BA.2 सब-स्ट्रेन में एक ही म्यूटेशन नहीं होता है, जिसके कारण इसे 'स्टील्थ ओमिक्रॉन' कहा जाता है।

लक्षण
मतली
दस्त
उल्टी करना
पेट में दर्द
पेट में जलन
सूजन
अमेरिका में सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने भी डायरिया को ओमाइक्रोन के लक्षण के रूप में सूचीबद्ध किया है।

भारत में भी मिला यह स्टील्थ स्ट्रेन
ब्रिटेन व डेनमार्क के अलावा बीए.2 स्ट्रेन स्वीडन, नार्वे और भारत में भी मिलने की खबर सामने आई है। भारत और फ्रांस के वैज्ञानिकों ने भी इस नए स्वरूप को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह बीए.1 को पछाड़ सकता है। यानी इसके मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। ब्रिटेन ने 10 जनवरी तक BA.2 उप स्वरूप की पहचान की थी।

'स्टील्थ ओमिक्रॉन' से डरने की जरुरत क्यों ?
शोधकर्ताओं के अनुसार, भले ही BA.2 सब-स्ट्रेन BA.1 के साथ 32 स्ट्रेन साझा करता है, लेकिन इसमें 28 से ज़्यादा यूनिक म्यूटेशन हो सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि BA.1 में एक म्यूटेशन है- 'S' या स्पाइक जीन में डिलीशन- जो पीसीआर टेस्ट में दिखाई देता है, उससे ओमिक्रॉन का पता लगना आसान हो जाता है। दूसरी ओर, BA.2 में इस तरह का म्यूटेशन नहीं होता, जिससे इसका पता लगाना। दूसरी ओर, BA.2 में इस तरह का म्यूटेशन नहीं होता, जिससे इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। BA.2 सबलाइन में स्पाइक में डिलीशन नहीं है, इससे RT-PCR टेस्ट के लिए इस्तेमाल की जा रही ज़्यादातर PCR किटों में इसका पता नहीं चलता है। इस बात के प्रमाण हैं कि BA.1 की तुलना में BA.2 तेजी से बढ़ रहा है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह मालूम करना अभी जल्दबाजी होगी कि क्या ओमिक्रोन का नया रूप मानक ओमिक्रोन संस्करण की तरह ही फैलेगा, लेकिन यह कि "गुप्त" संस्करण आनुवंशिक रूप से अलग है और इसलिए ये अलग तरह से व्यवहार कर सकता है। दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से हाल के दिनों में सामने आए कोविड वायरस जीनोम के बीच स्टील्थ वेरिएंट को पहली बार देखा गया था, लेकिन यह पहले से ही अधिक व्यापक रूप से फैल सकता है।



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