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बारिश में बेवजह की एंटीबायोटिक्स लेने से बचें, वरना हो सकते हैं ये Side Effects
मानसून अपने साथ बहुत सारे बारिश की फुहारों के साथ संक्रमण भी लेकर आता है। इस मौसम में बुखार, जुकाम और खांसी होना बहुत ही सामान्य सी बात है। हम में से कई लोग है जो थोड़े से बीमार होने पर डॉक्टर के पास जाने की जेहमत भी नहीं उठाते हैं और खुद ही डॉक्टर बन जाते हैं। यानी कि अकसर लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ही ऐंटिबायॉटिक्स ले लेते हैं। अगर आप भी बीमार पड़ने पर बिना डॉक्टर से पूछे ऐंटिबायॉटिक्स दवाइयां खाते हैं तो सावधान हो जाइए। आपको इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। आइए जानते है कि इस सीजन अपने मन से डॉक्टर बनने का क्या परिणाम हो सकता है।

क्यों खतरनाक होती है एंटीबायोटिक दवाइयां
बेवजह एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल आपको अन्य बीमारियों के प्रति असुरक्षित बना सकता है क्योंकि इससे कई अच्छे बैक्टीरिया मर जाते हैं। ज्यादा इस्तेमाल से शरीर में एंटीबायोटिक के लिए प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है। ऐसे में हो सकता है कि जरूरत पड़ने पर शरीर को इसका फायदा न पहुंचे। बेवजह एंटीबॉयोटिक्स खाने से बेहतर होगा कि आप बारिश के मौसम में होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक रहें और उनसे बचने की कोशिश करें।
एंटीबायोटिक दवाइयां, वायरस संक्रमण को रोकने और इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाइयां हैं। एंटीबायोटिक प्रतिरोध तब होता है, जब इन दवाइयों के उपयोग के जवाब में बैक्टीरिया अपना स्वरूप बदल लेता है।
इन बातों का रखें ध्यान
बरसात के मौसम में हैजा, मलेरिया, पीलिया और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इनसे बचाव करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें।
- पीने के लिए साफ पानी का ही इस्तेमाल करें, जहां तक हो सकें गर्म पानी ही पीएं।
- पहनने के कपड़ों को धूप में सुखाएं।
- तेल लगाकर नहाएं।
- बाहर खाने से बचें।
- खाने से पहले और बाद में हाथ अच्छे से धो लें।
- खांसी या छींक आने पर अपना मुंह जरूर ढकें।
- ध्यान रहे कि आपके कपड़े अच्छे से सूखे हों।
- प्रतिदिन हरड़ के चूर्ण के साथ सेंधा नमक का सेवन करना चाहिए.
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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