उम्र बढ़ाने वाली मांसपेशियों के स्वास्थ्य के पीछे है सेरामाइड : रिसर्च में खुलासा

जिस तरह से मनुष्यों की उम्र के साथ उनकी मांस पेशियां ताकत खोने लगती हैं उसी तरह से चूहे भी कम सक्रिय होने लगते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, जिस प्रकार से आप की उम्र बढ़ती जाती है, उसी तरह से चूहे भी बड़े होते जाते हैं और उनकी मसल्स सेरामाइड्स से भर जाती हैं। सेरामाइड्स स्फिंगोलिपिड्स हैं, जो फैट मॉलिक्यूल्स की फैमली है जो एनर्जी पैदा करने के बजाय सेल्स में कई तरह के कामों करता है। स्किन की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट्स में उनके यूज काफी होते हैं। ये रिसर्च, जोहान औवेर्क्स के लीडरशिप में ईपीएफएल के रिसर्चर्स के एक ग्रुप ने की है।

इस शोध के दौरान रिसर्चर्स ने पाया कि उम्र बढ़ने पर, प्रोटीन एसपीटी और अन्य पर ओवरलोड हो जाता है, जिनमें से सभी को फैटी एसिड और अमीनो एसिड को सेरामाइड्स में बदलने की जरूरत होती है। "स्फिंगोलिपिड्स और सेरामाइड्स काफी कॉम्प्लीकेटेड लेकिन बहुत ही दिलचस्प फैट ग्रुप हैं, उम्र बढ़ने में उनकी भूमिका की स्टडी करने की काफी संभावनाएं है, क्योंकि वे कई अलग-अलग काम करते हैं। डॉक्टर पिरका-पेक्का लॉरीला ने इस बारें में बताया।

सेरामाइड उम्र बढ़ने के दौरान मांसपेशियों के नुकसान को रोकते हैं

सेरामाइड उम्र बढ़ने के दौरान मांसपेशियों के नुकसान को रोकते हैं

रिसर्चर्स ये चेक करना चाहते थे कि क्या सिरामाइड ओवरलोड को कम करने से मांसपेशियों के काम में उम्र से संबंधित गिरावट को रोका जा सकता है। उन्होंने पुराने चूहों का सिरामाइड ब्लॉकर्स के साथ इलाज किया। सेरामाइड ब्लॉकर्स ने उम्र बढ़ने के दौरान मांसपेशियों के नुकसान को रोका, चूहों को मजबूत बनाया, और उनके हारमोनी में सुधार करते हुए उन्हें लंबी दूरी तक चलाया।

वैज्ञानिकों ने आरएनए इनडैक्सिंग तकनीक का यूज करके मांसपेशियों में हर जीन प्रोडक्ट को मापा। जिससे ये पता चला है कि सेरामाइड प्रोडक्ट की नाकाबंदी मांसपेशियों की स्टेम सेल को सक्रिय करती है, जिससे मांसपेशियां अधिक प्रोटीन को प्रड्यूस करती हैं और वृद्ध चूहों में बड़ी और मजबूत मांसपेशियों का प्रोडक्शन करने के लिए फाइबर प्रकार को फास्ट-ट्विच ग्लाइकोलाइटिक की ओर ट्रांसफर करती है। मुख्य सहयोगी डॉ मार्टिन वोहलवेंड ने इस बारें में जानकारी दी।

70-80 साल के पुरुषों और महिलाओं पर हुई रिसर्च

70-80 साल के पुरुषों और महिलाओं पर हुई रिसर्च

वैज्ञानिकों ने देखा कि क्या मसल्स में सेरामाइड्स को कम करना मनुष्यों में भी फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने हेलसिंकी के हजारों 70-80 साल के पुरुषों और महिलाओं की जांच की और पाया कि उनमें से 25% में जीन का एक विशेष रूप है जो मांसपेशियों में स्फिंगोलिपिड प्रोडक्शन पाथ के जीन प्रोडक्टों को कम करती हैं। जिन लोगों में ये सिरामाइड-कम करने वाला जीन था, वे लंबे समय तक चलने में सक्षम थे, मजबूत थे, और एक कुर्सी से बेहतर ढंग से खड़े होने की ताकत रखते थे।

जोहान औवेर्क्स ने कहा कि, वैज्ञानिकों का "ये निष्कर्ष काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे आपके ब्लॉकर्स को डेवलप करने के लिए मजबूत प्रोत्साहन प्रदान करते हैं जिन्हें मनुष्यों में टेस्ट किया जा सकता है। अब फार्मा बिजनेस के साथ सहयोग कर शुरू कर रहे हैं।

अपनी मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

अपनी मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

पालक और साग- पालक और साग आपकी मसल्स को मजबूत करने के लिए काफी मददगार साबित होते हैं। एक कप पके हुए पालक में कैल्शियम की डेली इनटेक 25 फीसदी होता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, आयरन और विटामिन ए भी पाया जाता है। अगर आप पालक नहीं खा सकते हैं, तो फलों की स्मूदी बनाकर उसमे ताजा पालक को एड कर ले।

डेयरी प्रोडक्ट - दही विटामिन डी से भरपूर होता हैं। आप अपने डेली कैल्शियम इनटेक सिर्फ 30 प्रतिशत दही से पा सकते हैं।

दूध और फोर्टिफाइड फूड

दूध और फोर्टिफाइड फूड

दूध को संपूर्ण आहार यूं ही नहीं कहा जाता। फैट रहित दूध का आठ औंस गिलास आपको कैल्शियम की डेली खुराक का 30 प्रतिशत देता है। विटामिन डी भरा होता है इसके साथ ही इसके कई सारे अन्य लाभ है।

फोर्टिफाइड फूड- फोर्टिफाइड फूड्स में ऑरेंज जूस, विटामिन डी वाले अनाज और कैल्शियम जैसे विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं। ये आपकी मजबूत हड्डियों और मसल्स ग्रोथ के लिए फायदेमंद हैं।

सी फूड

सी फूड

फिश न केवल आपके दिल के लिए बेहतर होती है बल्कि आपके हड्डियों और मांसपेशियों के लिए बेस्ट होती है। फिश में विटामिन डी, के साथ कई अन्य प्रकार के मिनिरल्स पाये जाते हैं जो आपके स्वास्थ के लिए उत्तम होते हैं।

Story first published: Monday, December 19, 2022, 15:04 [IST]
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