श‍िव को चढ़ाया जाने वाला धतूरा नहीं है अमूत से कम, जानें इसके फायदे

भगवान शिव को चढ़ाया जाने वाला कांटेदार फल धतूरा आम तौर पर ज़हरीला और जंगली फल माना जाता है लेकिन इसका प्रयोग कई तरह की समस्याओं में किया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि धतूरा गंजापन दूर करने में सहायक होता है। आएये जानते हैं कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में....

गंजेपन की औषधि

गंजेपन की औषधि

धतूरे के रस को सिर पर लगाने से डैंड्रफ खत्म होते हैं। साथ ही इसके रस को लगाने से गंजापन कम होता है।

 बवासीर से दे मुक्ति

बवासीर से दे मुक्ति

अगर बवासीर के परेशान हैं तो ये इसके इलाज में भी कारगर है। धतूरे के पत्ते और फूलों को जलाकर इसके धुएं से बवासीर के मस्सों की सिकाई की जाती है।

जोड़ों के दर्द में दे आराम

जोड़ों के दर्द में दे आराम

इसे तिल के तेल के साथ मिलकार लगाने से शरीर में दर्द वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है। हर रोज धतूरे के रस में तिल का तेल मिलाकर गठिया, जोड़ों के दर्द में इस्तेमाल किया जाता है। इससे ना केवल जोड़ों का हल्का दर्द बल्कि गठिया में भी आराम मिलता है।

जुकाम दूर करें

जुकाम दूर करें

इसके अलावा पुराने समय में धतूरे के बीज को जलाकर उसका प्रयोग बुखार या फिर जुकाम में हुए कफ को दूर करने के लिए करते थे।

घाव भरें

घाव भरें

अगर शरीर पर कहीं घाव हो जाए तो हल्के गुनगुने पानी की धार से धोकर उसपर धतूरे के पत्ते की पोटली बांध लें। आराम मिलेगा।

लेकिन इन सबके बावजूद इसके प्रयोग से पहले किसी अच्छे विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें ले। किसी विशेषज्ञ की सलाह से ही इसक प्रयोग करें।

दांतों का दर्द दूर करें

दांतों का दर्द दूर करें

धतूरे के बीजों को पीसकर उसकी लुग्धी बना लें फिर उसे दांतों में जहां दर्द हो रहा हो वहां लगा लें, फायदा होगा।

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