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इन मामूली कारणों से कम होता है स्‍पर्म काउंट, जानें कैसे बढ़ाए

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स्पर्म या शुक्राणु पुरुषों के ल‍िए बहुत जरुरी होता है। इसकी कमी के वजह से पुरुषों को फर्टिल‍िटी की समस्‍या से जूझना बढ़ता है। सीमन या वीर्य की पूरी गुणवत्ता ही इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें उपस्थित स्पर्म की मात्रा और क्वालिटी कैसी है? स्पर्म की गतिशीलता वह क्षमता होती है जिससे वो आगे बढ़ते हुए महिला के गर्भ में अंडे तक पहुँच पाता है।

पुरुषों के टेस्टिकल्स में रोजाना लगभग लाखों स्पर्म बनते हैं। औसतन एक बार के वीर्य स्खलन में करीब 1.5-5 मिलीलीटर स्पर्म निकलता है। WHO के अनुसार एक मिलीलीटर सीमन में करीब 15 मिलियन स्पर्म होते हैं। स्पर्म की संख्या कम होने को ओलिगस्पेर्मिया कहा जाता है। आइए जानते हैं स्पर्म की संख्या कम होने के पीछे क्या क्या कारण हो सकते हैं।

उम्र

उम्र

स्पर्म की क्वालिटी और उसकी गतिशीलता की क्षमता उम्र बढ़ने के साथ साथ घटती जाती है और इस कारण से बच्चे पैदा करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। एक शोध के अनुसार, जो लोग बच्चे पैदा करने के लिए बहुत दिनों तक इंतज़ार करते हैं ऐसे में उनके बच्चे के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ सीमेन का वॉल्यूम और उसकी क्षमता दोनों ही कम हो जाती है।

चोट

चोट

अंडकोष में चोट लगने के कारण स्पर्म सेल्स की क्वालिटी पर कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन इससे स्पर्म उत्पन्न करने वाले ऊतकों में खून का प्रवाह बंद हो जाता है जिससे स्पर्म बनने की क्षमता प्रभावित हो जाती है।

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रेडिएशन

रेडिएशन

एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो लोग अधिक रेडिएशन वाली जगह काम करते है। उनमें भी स्पर्म काउंट काफी कम हो जाता है यहाँ तक कि कई मामलों में तो उनकी स्पर्म की क्वालिटी भी ख़राब हो जाती है। इसलिए बहुत देर तक रेडिएशन वाली जगह के संपर्क में न रहें।

स्मोकिंग

स्मोकिंग

धूम्रपान करना हर मायनों में आपके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। ज्यादा धूम्रपान करने से सीमेन में कैडमियम की मात्रा बढ़ जाती है साथ ही जिंक की मात्रा घट जाती है। कैडमियम स्पर्म के डीएनए को ख़त्म कर देते हैं जिससे स्पर्म काउंट घट जाता है।

अल्कोहल

अल्कोहल

अल्कोहल के ज्यादा सेवन से आपकी सेक्स क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। रिसर्चर के अनुसार, हफ्ते में पांच बार अल्कोहल का सेवन करने वाले लोगों की स्पर्म क्वालिटी ख़राब हो जाती है।

ड्रग्स

ड्रग्स

मारिजुआना और कोकीन जैसी ड्रग्स आपके स्वास्थ्य को तो नुकसान पहुंचाते ही हैं साथ ही ये आपके स्पर्म क्वालिटी और उनकी संख्या पर भी बुरा असर डालते हैं।

स्ट्रेस

स्ट्रेस

बहुत हद तक तनाव में रहने के कारण आपके खून में भी स्ट्रेस हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे स्पर्म के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। हाल ही में किये एक शोध के अनुसार, सायकोलॉजिकल स्ट्रेस आपके स्पर्म और सीमेन क्वालिटी को ज्यादा प्रभावित करते हैं।

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प्रदूषण

प्रदूषण

शायद आपको यह जानकार आश्चर्य हो कि आपके आस पास का प्रदूषित माहौल भी आपके स्पर्म की क्वालिटी को ख़राब कर देता है। इसलिए बहुत देर तक प्रदूषित वातावरण में ना रहें।

डायबिटीज

डायबिटीज

हाल ही में कुछ अध्ययनों में यह बात सामने आयी कि डायबिटीज के कारण स्पर्म के डीएनए ख़राब होने की संभावना दोगुनी हो जाती है। डायबिटीज का असर स्पर्म कि क्वालिटी को उनकी संख्या दोनों पर पड़ता है।

स्पर्म की क्वालिटी कैसे बेहतर करें:

स्पर्म की क्वालिटी कैसे बेहतर करें:

- कई अध्ययनों से यह पता चलता है कि अधिक वजन वाले लोगों द्वारा वजन कम करने और व्यायाम करने से शुक्राणु की संख्या बढ़ती है और उनकी क्वालिटी भी बेहतर होती है।

- 2016 में हुए एक अध्ययन से भी यह पता चला है कि धूम्रपान और शुक्राणुओं का आपस में गहरा नाता है। इसलिए स्पर्म क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए धूम्रपान को आज ही छोड़ दें।

- कुछ खास तरह की दवाइयों के सेवन से भी पुरूष के शुक्राणु उत्पादन को संभावित रूप से कम कर सकती हैं। एक बार जब पुरुष दवा लेना बंद कर देता है, तो इससे उनके शुक्राणुओं की संख्या दोबारा बढ़ने लगती है।

English summary

What Causes Low Sperm Count and How Is It Treated?

There are numerous causes of low sperm count right from environmental factors such as industrial pollutants and lifestyle factors including smoking and weight to medical causes such as hormonal imbalance and infection.
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