Latest Updates
-
Eid Mubarak Wishes For Friends: बकरीद पर दोस्तों को भेजें ये मैसेज, खास अंदाज में कहें ईद मुबारक -
Bihar Original Method Litti Chokha Recipe: घर पर पाएं पारंपरिक सोंधा स्वाद -
Eid Mubarak Wishes For Husband: चांद रात की रौनक...लाइफ पार्टनर को भेजें ईद-उल-अजहा की रोमांटिक मुबारकबाद -
Bakrid 2026: ईद उल अजहा या बकरीद पर कुर्बानी के क्या हैं नियम? जानें किन जानवरों की कुर्बानी जायज -
UP Village Style Aloo Matar Recipe: घर पर पाएं गांव के स्वाद वाली लाजवाब सब्जी -
क्या सिरदर्द की दवा से पेट का दर्द भी ठीक हो सकता है? पहले जान लें ये दवाएं हमारे शरीर में कैसे काम करती हैं -
बकरीद के मौके पर वायरल हुई 'डोनाल्ड ट्रम्प' भैंस, ब्राउन हेयर और 700 किलो है वजन, देखें वीडियो -
Bihar Style Sattu Paratha Recipe: घर पर बनाएं बिहार का मशहूर और चटपटा नाश्ता -
Padmini Ekadashi Vrat Katha: पद्मिनी एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, संतान प्राप्ति का मिलेगा आशीर्वाद -
Aaj Ka Rashifal 27 May 2026: मिथुन और तुला राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कलर ब्लाइंडनेस की संभावना अधिक, ये है सबसे बड़ा कारण
कलर ब्लाइंडनेस महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा कॉमन है। इसमें किसी व्यक्ति की आंखें कुछ रंगों को देख पाती हैं और कुछ को नहीं या रंग बिल्कुल नहीं देख पाती हैं। यह महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक आम है। लेकिन क्यों?
कलर ब्लाइंडनेस एक आनुवंशिक स्थिति हैं, जो एक्स- क्रोमोसोम के साथ होती हैं। एक्स-क्रोमोसोम और वाई-क्रोमोसोम वाले लोगों को इसे प्राप्त के लिए केवल एक एक्स की जरूरत होती है। दो x-क्रोमोसोम वाले लोगों में दोनों का दोषपूर्ण होना आवश्यक है। इस प्रकार के वंशानुक्रम पैटर्न को एक्स-लिंक्ड इनहेरिटेंस कहा जाता है और ये मुख्य रूप से पुरुषों को प्रभावित करता है।

कौन सी बीमारी या चोट कलर ब्लाइंडनेस का कारण बन सकते हैं?
कलर ब्लाइंडनेस तब भी हो सकती है जब आपकी आंखें या आपके मस्तिष्क का वो हिस्सा जो आपको रंग देखने में मदद करता है, क्षतिग्रस्त हो जाता है। इसके कारण हो सकता है-
आंख की बीमारी, जैसे ग्लूकोमा या मैक्लुलर डिजनरेशन
मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम की बीमारी जैसे अल्जाइमर या मल्टीपलस्केलेरोसिसकुछ मेडिसिन जैसे प्लाक्वेनिलआंख या मस्तिष्क की चोटें
जैसे-जैसे आप बड़े होते जाते हैं, आपकी कलर विजन भी खराब हो सकती है, खासकर अगर आपको मोतियाबिंद हो जाता है।

यह कैसे पहचाना जाता है?
कलर ब्लाइंडनेस का निदान करने का सबसे सामान्य तरीका इशिहारा चेक है जो डॉट्स से नंबर बनाता है जो उनके आसपास के डॉट्स की तुलना में एक यूनिक कलर है। जापान के टोक्यो कॉलेज के एक प्रोफेसर शिनोबू इशिहारा के नाम पर, जिन्होंने पहली बार 1917 में अपने आकलन का खुलासा किया, कई शोधों के अनुसार, बारह पॉइंट आउट कलर के तहत स्कोर इमेजिनेटिव लेकिनफॉरथॉट और 97 प्रतिशत सेसिंविटी और 100 फीसदी यूनिकनेस के साथ 12 या एक्स्ट्रा कलर इमेजिनेटिव और प्रेजेंटेशन को शो करते हैं।

कलर ब्लाइंडनेस का कोई इलाज नहीं
कलर ब्लाइंडनेस का कोई इलाज नहीं है। लेकिन कई तरह के लेंस और रंगे हुए चश्मे यूज किये जा सकते हैं। इस तरह के चश्मे "जन्मजात प्रकार के वर्णांधता में एक सीमा तक" मदद कर सकते हैं। एक्वायर्ड कलर ब्लाइंडनेस का इलाज नहीं किया जा सकता है। लेकिन पहली बीमारी की स्थिति का इलाज करके इसमें सुधार हो सकता है।

कलर ब्लाइंडनेस के लिए बच्चों का आई टेस्ट
4 साल की उम्र के आसपास कलर ब्लाइंडनेस की कमी के लिए एक बच्चे का टेस्ट किया जा सकता है। उस उम्र में, वह जो कुछ भी देखता है उसके बारे में सवालों के जवाब देने के लिए पर्याप्त विकसित होता है। कई स्कूल यह निर्धारित करने के लिए कम उम्र में कलर टेस्ट करवाते है।



Click it and Unblock the Notifications