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World ORS Day: जानिए किसे और कब पड़ती है ओआरएस की जरुरत, घर पर बनाते हुए रखें ध्यान
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, विश्वभर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मुत्यु का दूसरा बड़ा कारण डायरिया है। अस्वच्छता की वजह से होने वाला डायरिया इतना गंभीर हो सकता है कि इससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। डायरिया की वजह से शरीर में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते है और डिहाइड्रेशन होने लगता है। डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए ओआरएस पाउडर पीने की सलाह दी जाती है। जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक की ओर से हुई एक रिसर्च के अनुसार ओरआरएस के सेवन से 93 फीसदी तक डायरिया की वजह से होने वाली मुत्यु दर को रोका जा सकता है।
ओआरएस के महत्व के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोग जान सके, इसके लिए 29 जुलाई को पूरी दुनिया में ओआरएस डे (World ORS Day) मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि ओआरएस क्या है और कैसे ये काम करता है और घर पर इसे कैसे बनाएं।

ओआरएस है क्या?
ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट यानी ओआरएस। इसके सेवन से शरीर में कम हुए इलेक्ट्रोलाइट्स वापस बनने में मदद होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ओआरएस में 4 मूल घटक होते हैं जिन्हें 1 लीटर साफ पीने के पानी में घोलने की जरूरत होती है। वे घटक हैं-
सोडियम क्लोराइड जो सामान्य नमक है (3.5 ग्राम)
ट्राईसोडियम साइट्रेट, डीहाइड्रेट (2.9 ग्राम)
पोटैशियम क्लोराइड (1.5 ग्राम)
ग्लूकोज, यानी चीनी (20 ग्राम)
वैसे तो ओआरएस का घोल बाजार में आसानी से मिल जाता है लेकिन अगर आप इसे घर पर भी बना सकते हैं।

डायरिया में कैसे मदद करता है ओआरएस?
डायरिया के दौरान उल्टी और दस्त की वजह से शरीर में मौजूद सभी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं और डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है। डायरिया की वजह से हुई डिहाइड्रेशन की इस गंभीर समस्या के इलाज के लिए मरीज को घर पर ही अतिरिक्त तरल पदार्थ दिए जाते हैं या फिर व्यक्ति को ग्लूकोज-इलेक्ट्रोलाइट सॉलूशन दिया जाता है जिसे ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट या ओआरएस का घोल कहते हैं। ये शरीर में फिर से मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स बनने में मदद करते हैं।

घर पर कैसे तैयार करें ORS
घर में ओआरएस के पैकेट नहीं है तो आप घर पर भी ओरआरएस तैयार कर सकते हैं। इसके लिए आप एक लीटर पानी में 30 ग्राम चीनी और आधा छोटा चम्मच नमक मिला लें। आप आप इस मिश्रण को तब तक मिलाते रहे जब तक चीनी अच्छे से घुल नहीं जाती।

बच्चों को कितना ओआरएस देना चाहिए?
डायरिया से पीड़ित कोई बच्चा हो या फिर कोई वयस्क इस बात का सुझाव दिया जाता है कि वे जितना हो सके उतना ओआरएस के घोल का सेवन करें। 2 साल की उम्र से कम बच्चों को डायरिया होने पर 250 मिलीलीटर या आधा कप तक ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि बच्चें के मल त्यागने के बाद एक खुराक ओआररएस जरुर पिलाएं।

क्या ओआरएस को स्टोर किया जा सकता है?
ओआरएस घोल को 24 घंटे से अधिक समय तक ढ़ककर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे बैक्टीरिया के दूषित होने का खतरा होता है।

ओआरएस का सेवन कौन कर सकता है?
ओआरएस का सेवन हर वो व्यक्ति कर सकता है जो डायरिया से पीड़ित है। डायरिया होने पर डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। बच्चों की तरह ही वयस्कों को रिहाड्रेशन की जरुरत होती है। लेकिन बच्चों को ओरआएस का सेवन करवाना इसलिए आवश्यक हो जाता है क्योंकि वो बहुत ही जल्दी डिहाइड्रेशन के शिकार हो जाते है।

ओआरएस घोल बनाते समय ध्यान रखें ये बातें
- अगर बच्चा इसे पीकर उल्टी कर देता है तो थोड़ी देर रुककर उसे एक बार फिर ओआरएस दें।
- हर 2 घंटे में नया घोल तैयार करें तो अच्छा है। अन्यथा पैकेट पर लिखे निर्देशों का पालन करें।
- ORS बनाते समय पूरी साफ-सफाई का ध्यान रखें। खाकर जिस बर्तन और बोतल, गिलास में इसे भर रहे हो।
ओआरएस बनाने से पहले अपने हाथों को साबुन लगाकर अच्छी तरह से साफ कर लें।
- ORS का घोल गाढ़ा बनाने से बचें। क्योंकि ओआरएस में पानी का घटक सबसे ज्यादा होना चाहिए।
ओआरएस घोल को केवल पानी के साथ ही बनाएं। इसे दूध, सूप, फलों के रस और सॉफ्ट ड्रिंक के साथ इसका सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही इसमें अतिरिक्त चीनी भी नहीं मिलानी चाहिए।
बच्चों को बोलत से पिलाएं। कप का इस्तेमाल न करें तो बेहतर होगा।
डिहाइड्रेशन होने पर मरीज को सादा पानी पिलाने से बचना चाहिए।

शिशु और बच्चे को ओआरएस कितनी मात्रा में दें?
विश्व स्वास्थ्य संगठन डायरिया के दौरान ओआरएस की निम्नलिखित मात्रा पीने की सलाह देता है:
2 साल से कम उम्र : हर दस्त के बाद 50-100 एमएल (¼ से ½ cup)
2 से 9 साल : हर दस्त के बाद 100-200 एमएल (½ से 1 कप)
10 साल या उससे अधिक उम्र : एक दिन में लगभग दो लीटर (8½) कप) तक



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