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Year Ender 2022: भारत को मार रही हैं ये घातक बीमारियां, टॉप 10 सबसे खतरनाक मौत के कारण जानें
भारत में लोगों की मौत के सबसे बड़े कारण हैं कई खतरनाक बीमारियां, लेकिन साइंस और टेक्नोलॉजी की मदद से कई बीमारियों का इलाज अब संभव हो पाया है, और इलाज की सुविधा मिल रही है। टीकाकरण और ट्रीटमेंट के इनवेंशन से कई खतरनाक बीमारियां खत्म हो गई हैं, लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां है, जिनका पूरी तरीके से इलाज अभी संभव नहीं हो पाया है, लेकिन मेडिकल साइंस इस पर पूरी तरह से काम कर रही है। भारत में कुछ ऐसी बीमारियां हैं जो काफी खतरनाक है और डेडली है। ऐसी बीमारियों के इलाज की लागत बहुत अधिक है और वे लोगों की प्रोडक्टिविटी के साथ ही उनके कमाई को भी प्रभावित करती है। साल 2022 ये डेडली बीमारियां हजारों लोगों की मौत का कारण बनी हैं।

दिल से संबंधित रोग
दिल की बीमारी से भारत में लगभग 24.8% मौतें हो जाती हैं। हार्ट फेलियोर को रोका जा सकता है। लेकिन साल 2022 में हार्ट फेलियोर ज्यादा लोगों की मौत का कारण बना है। लेकिन इसके लिए कुछ सावधानियों को फॉलो करने के साथ इस बीमारी से होने वाली मौतों का रोका जा सकता है।
भारत में दिल से संबंधित बीमारियों के मुख्य कारण
हाई केलोस्ट्राल
हाई ब्लड प्रेशर
अच्छी डाइट ना लेना
फिजिकल एक्टिविटी ना होना
मोटापा
स्मोकिंग

सांस की बीमारियां
देशभर में सांस से संबंधित बीमारियों से 10.2 फीसदी मौतें होती हैं। एक रिसर्च से ये बात सामने आई है कि इससे होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 47 प्रतिशत है।
सांस से संबधित रोगों के कारण
स्मोकिंगएयर पोल्यूशन
सिलिका डस्ट, अनाज की धूल

ट्यूबरक्लोसिस या टीबी
एक वक्त था भारत में सबसे अधिक टीबी से मौतें होती थीं, इसका सबसे बड़ा कारण इसका उस वक्त कोई इलाज नहीं था, लेकिन आज के वक्त में इसका इलाज है। इसके साथ ही टीबी को लेकर सरकार के द्वारा कई प्रकार के प्रोग्राम भी चलाए जाते हैं, मुफ्त में ट्रीटमेंट भी इसका है। इसलिए टीबी के रोगियों में संख्या में काफी गिरावट पिछले दशक में देखी गई है, लेकिन फिर भी इस बीमारी से देश में 10.1% मौतें होती हैं।
ट्यूबरक्लोसिस रोग के कारण
संक्रामक

मालिगनेंट और ट्यूमर
भारत में लगभग 9.4% लोग घातक और अन्य ट्यूमर के कारण मर जाते हैं। यहाँ शरीर में ट्यूमर के विकास के कारणों की सूची दी गई है:
मलिगनेंट या ट्यूमर के कारण
केमिकल या टॉक्सिक कंपाउंड
अयनाइजिंग रेडिएशन
पॉथजेनिक
जेनेटिक्स
कुछ अननोन रीजन

पाचन संबंधी रोग
डाइजेस्टिव सिस्टम से संबंधित बीमारियां भी देश में होने वाली मौतों का कारण हैं। पाचन संबंधी रोगों से 5.1 फीसदी मौंते होती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों द्वारा खान-पान व लापरवाही है।इसके साथ ही पीने के साफ पानी की कमी भी इसका सबसे बड़ा कारण है।
पाचन रोगों के कारण
अस्वास्थ्यकर भोजनदवाएं: एस्पिरिन
शराब और तंबाकू का सेवन
साफ पानी ना मिल पाना

एक्सिडेंट
दुर्घटनाओं की वजह से देश में 4.6 फीसदी मौतें होती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, रोड एक्सिडेंट में होने वाली मौतों के मामले में भारत नंबर 1 देश के रूप में आंका गया है!
अनजाने में चोट लगने के कारण
दुर्घटनाएंआपदाएं

डाइरिया रोग
भारत में आज भी लगभग 5 फीसदी लोग इस डायरिया बीमारी से मरते हैं, जिसमें अधिकतर बच्चे शामिल हैं।
अतिसार रोगों के कारण
फूड प्वाइजनिंगएलर्जिक फूड
दवाएं
रेडिएशन थेरेपी
गंदा पानी पीना

सुसाइड
15-29 वर्ष की आयु के भारतीयों में मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण आत्महत्या है। यह भारत में होने वाली कुल मौतों का 3. फीसदी है। NCRB Report 2022 की रिपोर्ट के आधार पर 1.64 लाख से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की है।

जागरूकता की कमी से होती है कई बीमारियां
भारत में कुछ नॉर्मल सबसे घातक बीमारियां हैं जिसमें मधुमेह भी शामिल है। वहीं जागरूकता की कमी और अनहेल्दी खाना, लाइफ स्टाइल का खराब स्तर भी बीमारियों के प्रमुख कारण हैं। इसलिए, सबसे अहम है कि लोग खुद को शिक्षित करें साथ ही अपने परिवार में इस तरह की बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी ट्रीटमेंट व उपाय करें।



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