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आपकी क्रिएटिविटी को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है आपका स्मार्टफोन : न्यू रिसर्च
स्मार्टफोन ने इस डिजिटल एरा में आपकी लाइफ को काफी आसान कर दिया है, इसके साथ ही आप अपने स्मार्टफोन पर काफी ज्यादा डिपेंड भी हो गये हैं, क्योंकि आपके स्मार्टफोन में आपकी पूरी दुनिया समाई हुई है। लेकिन एक नई रिसर्च के अनुसार, आपका मोबाइल फोन आपका "ब्रेन ड्रेन" कर रहा है। जी हां, स्मार्टफोन की उपस्थिति से आप सब कुछ आसानी से कर लेते हैं लेकिन इसकी वजह से आपके अंदर की रचनात्मकता कम होती जा रही है। दो एक्सपेरिमेंट के रिजल्ट बताते हैं कि जब लोग निरंतर ध्यान बनाए रखने में सफल होते हैं - जैसे कि जब वे अपने फोन को बार बार चेक करने से बचते है। क्योंकि इस डिवाइस का सिर्फ होना भी मौजूद कॉगनेटिव एबिलिटी को कम कर देता है।
ये नया रिसर्च क्रिएटविटी कोच मार्क मैकगिनीज के शब्दों को सही साबित कर रहा है, जैसा कि उन्होंने एक बार कहा था, "क्या बोरियत की मौत का मतलब आपकी क्रिएटिविटी की मौत हो सकती है?"

स्मार्ट फोन क्रिएटिविटी के विकास में रोड़ा
अध्ययन कहता है कि स्मार्ट फोन क्रिएटिविटी के विकास में रोड़ा है। सोशल कॉग्निटिव एंड अफेक्टिव न्यूरोसाइंस में पब्लिश एक नई रिसर्च के अनुसार, स्मार्टफोन की लत लगना या चिपकना आपके ब्रेन की रचनात्मक क्षमता के लिए एक बड़ी रूकावट बन सकता है।

क्या कहती है स्मार्टफोन एडिक्शन स्केल
स्मार्टफोन एडिक्शन स्केल (एसएएस) का इस्तेमाल कर 18 से 25 साल की उम्र के 48 प्रतिभागियों पर ये रिसर्च किया गया। रिसर्च 2 के डेटा उपलब्ध कॉगनेटिव केपिसिटी पर इस प्रभाव को दोहराते हैं, निरंतर ध्यान के बिहेवियर मेजरमेंट पर कोई प्रभाव नहीं दिखाते हैं, और सबूत दिखाते हैं कि कंज्यूमर की उनके डिवाइस पर निर्भरता में पर्सनल गैप WMC पर स्मार्टफोन के प्रभाव को कम करता है।

अध्ययन का निष्कर्ष:
अध्ययन में ये निष्कर्ष निकाला गया कि जिन लोगों के एसएएस स्कोर उच्च थे, वे लचीलेपन, प्रवाह और मौलिकता के मामले में खराब थे। जबकि कम एसएएस स्कोर वाले एक्टिव और क्रिएटिव थे।
(Reference- www.journals.uchicago.edu)



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