क्‍या है Puberty Blockers? ज‍िसे एलन मस्‍क ने बताया था बेटे की मौत की वजह, कई देशों में है बैन

What are Puberty blockers : पिछले कुछ समय से प्यूबर्टी ब्लॉकर्स दवाईयां चर्चा में बना हुआ है। जैसा क‍ि नाम से जाहिर हो रहा है क‍ि प्यूबर्टी ब्लॉकर्स ऐसी दवाएं हैं जिनका उपयोग प्यूबर्टी यानी यौवन आने के दौरान होने वाले शारीरिक बदलावों को रोकने या उनमें देरी करने के लिए किया जाता है।

दरअसल प‍िछले द‍िनों टेस्ला के CEO एलन मस्‍क का इंटरव्‍यू चर्चा में आया था जब उन्‍होंने बताया क‍ि उनकी ट्रांसजेंडर बेटी विवियन जेना के बारे में बात करते हुए बताया क‍ि कैसे जेंडर बदलवाने की सर्जरी ने उनसे उनके बेटे को अलग कर दिया था। इस दौरान उन्‍होंने बताया क‍ि कैसे इस प्रोसेस के ल‍िए धोखे से उनसे साइन लिए गए थे। जिनमें प्यूबर्टी ब्लॉकर्स लेनी की अनुम‍ति दी गई थी। इसके बाद विवियन ने अपना जेंडर बदलवाने के बाद पहला इंटरव्यू दिया है। अमेरिकी मीडिया NBC न्यूज से बात करते हुए मस्क पर कई आरोप लगाएं। आइए इसी बीच जानते हैं क‍ि आख‍िर प्यूबर्टी ब्लॉकर्स? होती क्‍या हैं?

What Are Puberty Blockers Used By Elon Musk s Trans Child

क्या है प्यूबर्टी ब्लॉकर्स?

प्यूबर्टी ब्लॉकर्स ऐसी दवाएं हैं जिनका उपयोग प्यूबर्टी के दौरान होने वाले शारीरिक बदलावों को रोकने या उनमें देरी करने के लिए क‍िया जाता है। प्यूबर्टी ब्लॉकर से टीन-एज वाले लक्षण दिखना रुक जाते हैं। दवाएं मुख्य रूप से ट्रांसजेंडर लेते हैं या फिर इन दवाओं का इस्‍तेमाल वो लोग करते हैं जो जो जेंडर डिस्फोरिया का अनुभव करते हैं। इसे गोनैडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन के तौर पर जाना जाता है। एलन मस्‍क की ट्रांसजेंडर बेटी इन ही दवाईयों का इस्‍तेमाल करती थी। जिन लोगों को जेंडर डिस्फोरिया है यानी जो अपने जेंडर आइडेंडिटी को लेकर कंफ्यूज होते हैं उन्हें प्यूबर्टी ब्लॉकर्स दिए जाते हैं ताक‍ि शरीर में हो रहे बदलावों को रोक सकें।

ऐसे काम करती हैं ये दवाईयां

इसमें ऐसी दवाएं या इंजेक्शन दिए जाते हैं, जो सेक्स हॉर्मोन जैसे टेस्टॉस्टेरॉन और एस्ट्रोजन को बनने में अवरोध पैदा करते हैं। इस दवा को लेने पर ये नहीं होता कि जो बदलाव हो चुके हैं वो बदल जाते हैं बल्कि ब्रेस्ट डेवलपमेंट, चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ आना, या आवाज का भारी होने जैसा नेचुरल प्रोसेस थम जाता है ताक‍ि एडल्‍टहुड के लक्षण न द‍िखें।

कई देशों में बैन हुई ये दवाईयां

NHS की एक रिपोर्ट के मुताबिक प‍िछले कुछ समय से ल‍िंग पर‍िर्वतन कराने के ल‍िए प्यूबर्टी ब्लॉकर लेने वाले टीन-एज लड़के-लड़कियों की संख्‍या बढ़ चुकी हैं। इसके गलत और धड़ल्ले से इस्तेमाल को रोकने के ल‍िए यूरोप के कई देश ने इसे बैन कर दिया है। ब्रिटेन ने कुछ समय पहले ही इन दवाओं को प्रतिबंध क‍िया था। वहीं कई देशों में बिना अभिभावक की सहमति के इन दवाओं के इस्‍तेमाल पर प्रतिबंध हैं।

कनाडा, अमेरिका और यूरोप में ये ब्लॉकर्स एक विवादास्पद मुद्दा बन गए हैं, इन देशों में इस दवा के इस्‍तेमाल पर बच्चों की उम्र को लेकर बहस चल रही है। हालांक‍ि अमेरिका के कई राज्यों में नाबालिगों के लिए इन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है

भारत में जो लिंग परिवर्तन सर्जरी चाहते हैं, वो 18 साल से पहले इन दवाईयों का इस्‍तेमाल नहीं कर सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, August 4, 2024, 10:25 [IST]
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