Heart Blockage : ठंड में शरीर में दिख रहे हैं ये लक्षण तो समझे हार्ट में बढ़ रहा ब्लॉकेज

कड़ाके की ठंड में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा 30% तक अधिक होता है। ठंड के कारण हार्ट ब्लॉकेज और नसों के सिकुड़ने से हार्ट फेल हो सकता है।

सर्दियों में ठंड के कारण हार्ट की नसें सिकुड़ने से ब्लड फ्लो बाधित होता है, जिससे हार्ट अटैक या फेल का खतरा बढ़ता है। हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण समय पर पहचानकर हार्ट अटैक से बचाव किया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि WHO की मानें तो हार्ट से जुड़ी बीमारियों की वजह से हर साल करीब 17.9 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए आपका दिल स्वस्थ है या नहीं इसका ख्याल जरूर रखें। आज हम आपको हेल्दी हार्ट के लक्षण बता रहे हैं।

Heart Blockage

इन लक्षणों को न करें अनदेखा

- हार्ट ब्लॉकेज का सबसे आम लक्षण सीने में दर्द है। इसमें सीने पर दबाव या जकड़न महसूस हो सकती है।
- अगर गैस की समस्या नहीं है और दर्द बना रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- सांस लेने में परेशानी, विशेष रूप से हल्का व्यायाम या तेज चलने पर।
- हार्ट बीट का अचानक तेज हो जाना भी ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, थकान महसूस होना, खासकर व्यायाम या तनाव के दौरान, ब्लॉकेज का लक्षण है।
-बिना कारण हाथ-पैर ठंडे पड़ना, चक्कर आना।
- बेहोशी, पसीना आना, अत्यधिक चिंता महसूस करना, और त्वचा का पीला पड़ना शामिल हैं।
- अगर ये लक्षण बार-बार दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और इलाज से हार्ट अटैक या अन्य गंभीर समस्याओं को टाला जा सकता है।
इन लक्षणों को पहचानकर समय पर इलाज करवाना हार्ट अटैक के जोखिम को कम कर सकता है।

कमर से पहचानें

हार्ट की बीमारी का बड़ा कारण मोटापा है, जो कमर और पेट के आकार से झलकता है। पुरुषों की कमर 37 इंच और महिलाओं की 31.5 इंच से अधिक होने पर हार्ट कमजोर हो सकता है। पुरुषों में 40 इंच और महिलाओं में 35 इंच गंभीर खतरे का संकेत हैं। समय-समय पर कमर नापते रहें।

हार्ट ब्लॉकेज से बचाव के उपाय

हार्ट ब्लॉकेज से बचाव के लिए स्वस्थ खानपान अपनाएं, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी बनाएं। मानसिक तनाव से बचें और साल में एक बार हार्ट चेकअप कराएं। किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

ये लोग बरते सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, उम्र बढ़ने, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट वॉल्व की समस्या, या ल्यूपस जैसी ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित लोगों में हार्ट ब्लॉकेज का खतरा अधिक होता है। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और नियमित जांच व स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, January 3, 2025, 15:33 [IST]
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