हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में कारगर है एंजियोप्लास्टी, जानें कब पड़ती है इसकी जरूरत और कितना आता है खर्च

What Is Angioplasty: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां लोगों में आम हो गई हैं। वर्तमान समय में दिल की बीमारियां दुनियाभर में मृत्यु और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का बड़ा कारण हैं। आजकल आए दिन हार्ट अटैक की खबरें सामने आती रहती हैं। जहां पहले बड़े-बुजुर्गों में इसके मामले सामने आते थ। वहीं, आजकल कम उम्र के लोगों को भी हार्ट अटैक पड़ रहा है। इसके पीछे का मुख्य कारण दिल में मौजूद खून की नसों में रुकावट है। ये रुकावट धमनियों में प्लाक जमने के कारण हो सकती है। यदि समय रहते पहचान न की जाए, तो जान जाने का खतरा भी रहता है।

इन्हीं बीमारियों के इलाज में एंजियोप्लास्टी एक महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से अपनाई जाने वाली प्रक्रिया है। यह एक कम जटिल (मिनिमली इनवेसिव) उपचार है, जिसमें हृदय की संकीर्ण या अवरुद्ध धमनियों को खोला जाता है। इससे रक्त प्रवाह सामान्य होता है, सीने के दर्द जैसे लक्षणों में राहत मिलती है और दिल के दौरे का खतरा कम होता है। आज इस लेख में डॉ दीपक अग्रवाल, कंसल्टेंट - कार्डियोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर से जानते हैं कि एंजियोप्लास्टी क्या है और कब पड़ती है इसकी जरूरत?

Angioplasty Benefits

एंजियोप्लास्टी क्या है? - What Is Angioplasty In Hindi

एंजियोप्लास्टी, जिसे मेडिकल भाषा में पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन (PCI) भी कहा जाता है, हृदय की उन धमनियों को खोलने की प्रक्रिया है जिनमें चर्बी या प्लाक जमा होने से रुकावट आ गई हो। इसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतली नली (कैथेटर) को हाथ की कलाई या जांघ की धमनी से हृदय की संकरी धमनी तक पहुंचाया जाता है। फिर कैथेटर की नोक पर लगे छोटे गुब्बारे को फुलाया जाता है, जिससे प्लाक धमनियों की दीवार से चिपक जाता है और रक्त प्रवाह के लिए रास्ता साफ हो जाता है। अधिकांश मामलों में, धमनी को लंबे समय तक खुला रखने के लिए स्टेंट (धातु की जाली जैसी नली) डाली जाती है।

एंजियोप्लास्टी के लाभ और जोखिम - Benefits And Risks Of Angioplasty In Hindi

एंजियोप्लास्टी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह तुरंत सीने के दर्द, सांस फूलने और थकान जैसी परेशानियों से राहत देती है। हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में तेजी से सुधार देखा जाता है। दिल के दौरे की स्थिति में तो यह प्रक्रिया जीवन रक्षक भी साबित होती है, क्योंकि यह तुरंत हृदय की मांसपेशियों तक रक्त प्रवाह बहाल कर देती है। हालांकि, किसी भी चिकित्सा प्रक्रिया की तरह इसमें भी कुछ जोखिम होते हैं। इनमें कैथेटर डालने की जगह पर खून निकलना, रक्त वाहिका को चोट लगना, प्रक्रिया में उपयोग होने वाले डाई से एलर्जी, या स्टेंट में थक्का बनने का खतरा शामिल है। कुछ मामलों में धमनी फिर से संकरी हो सकती है, जिसे री-स्टेनोसिस कहते हैं। दवा छोड़ने वाले (ड्रग-एल्यूटिंग) स्टेंट के इस्तेमाल से इस जोखिम को काफी कम कर दिया गया है।

एंजियोप्लास्टी कब की जाती है? - When Is Angioplasty Needed In Hindi

डॉक्टर विभिन्न परिस्थितियों में एंजियोप्लास्टी की सलाह देते हैं, जैसे:
1. दिल का दौरा (हार्ट अटैक):

जब किसी धमनी में अचानक रुकावट आ जाती है तो हृदय की मांसपेशियों तक रक्त नहीं पहुँच पाता। इस स्थिति में तुरंत की गई एंजियोप्लास्टी (प्राइमरी एंजियोप्लास्टी) जीवन बचाने वाली साबित होती है।

2.गंभीर एनजाइना (सीने में दर्द):

यदि मरीज को बार-बार और तेज सीने में दर्द हो और दवाओं से राहत न मिले तो एंजियोप्लास्टी की जाती है।

3. दवाओं से लाभ न मिलना:

कई मरीजों में दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के बावजूद बीमारी पर नियंत्रण नहीं होता। ऐसे मामलों में यह प्रक्रिया उपयोगी होती है।

4. उच्च जोखिम वाले ब्लॉकेज:

जब जांच में पता चले कि हृदय की मुख्य धमनियों में गंभीर अवरोध है, तो भविष्य में दिल का दौरा रोकने के लिए एंजियोप्लास्टी की जाती है।

एंजियोप्लास्टी किन मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है?

एंजियोप्लास्टी सभी मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं होती। यह इस बात पर निर्भर करता है कि अवरोध कितने और किस स्थान पर हैं। यदि केवल एक या दो जगह रुकावट है, तो यह प्रक्रिया लाभकारी होती है। लेकिन कई जटिल और गंभीर ब्लॉकेज की स्थिति में बाईपास सर्जरी अधिक उपयुक्त हो सकती है। मरीज की उम्र, किडनी की कार्यक्षमता और अन्य बीमारियों की स्थिति भी इस निर्णय को प्रभावित करती है।

एंजियोप्लास्टी के विकल्प

हालांकि, एंजियोप्लास्टी बहुत प्रभावी है, लेकिन यह एकमात्र उपचार नहीं है। अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं:
1. दवाएं:

हल्के या मध्यम लक्षणों वाले मरीजों के लिए खून पतला करने वाली दवाएँ, कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाएँ और हृदय की कार्यक्षमता नियंत्रित करने वाली दवाएं पर्याप्त हो सकती हैं।

2. जीवनशैली में बदलाव:

धूम्रपान छोड़ना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और तनाव को नियंत्रित करना बीमारी की प्रगति को रोकने में मदद करता है।

3. कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी (CABG):

कई गंभीर ब्लॉकेज वाले मरीजों के लिए बाईपास सर्जरी बेहतर विकल्प होती है। इसमें शरीर की किसी दूसरी रक्त वाहिका का उपयोग करके अवरुद्ध धमनी के चारों ओर नया मार्ग बनाया जाता है।

एंजियोप्लास्टी में कितना खर्च आता है? - Cost Of Angioplasty In Hindi

इस प्रक्रिया में आने वाला खर्च अस्पताल के ऊपर निर्भर करता है। अगर कोई महंगा या प्राइवेट हॉस्पिटल है, तो वहां ज्यादा खर्चा आएगा। प्राइवेट हॉस्पिटल में एंजियोप्लास्टी का कुल खर्च 2 लाख से लेकर 5 लाख तक आ सकता है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में इसका खर्च 20-30 हजार रुपए तक आता है।

एंजियोप्लास्टी ने हृदय रोग के उपचार में क्रांतिकारी बदलाव किया है। यह न केवल लक्षणों में तुरंत राहत देती है बल्कि कई परिस्थितियों में जीवन भी बचाती है। फिर भी, यह हर मरीज के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होती। इसलिए डॉक्टर मरीज की स्थिति, ब्लॉकेज की गंभीरता और अन्य विकल्पों को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं। मरीजों और उनके परिवारों के लिए यह समझना जरूरी है कि एंजियोप्लास्टी हृदय रोग का एक महत्वपूर्ण उपचार है, लेकिन लंबे समय तक अच्छे परिणाम पाने के लिए दवाओं का पालन, नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार भी उतना ही आवश्यक है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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