Latest Updates
-
Rang Panchami 2026 Wishes In Sanskrit: रंग पंचमी पर संस्कृत के इन पवित्र श्लोकों से दें देव होली की शुभकामनाएं -
Happy Women's Day 2026: नारी शक्ति को सलाम! मां, बहन, सास और ननद के लिए महिला दिवस पर प्रेरणादायक संदेश -
दांत दर्द ने मुश्किल कर दिया है खाना-पीना? आजमाएं दादी-नानी के ये 3 घरेलू नुस्खे, मिनटों में मिलेगा आराम -
युद्ध के बीच ईरान में आया भूकंप, क्या सच हो रही है बाबा वांगा की भविष्यवाणी? -
Women's Day Wishes for Wife: इन प्यार भरे संदेशों के साथ अपनी जीवनसंगिनी को दें महिला दिवस की मुबारकबाद -
Eid Kab Hai 2026: भारत में किस दिन दिखेगा ईद का चांद? नोट कर लें ईद-उल-फितर की तारीख -
T20 World Cup 2026: क्या टीम इंडिया फिर रचेगी इतिहास? जानें क्या कहती है डॉ. वाई राखी की भविष्यवाणी -
क्या आप भी हैं 'सुपरवुमन सिंड्रोम' की शिकार? जानें इसका सच और बचने के तरीके -
Women’s Day Wishes For Girlfriend: नारी है शक्ति...इन संदेशों से अपनी गर्लफ्रेंड को दें महिला दिवस की शुभकामना -
Women's Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स, कई बीमारियों से होगा बचाव
कोका-कोला पीने वालों सावधान! इसे मीठा बनाने वाले स्वीटनर 'एस्पार्टेम' से हो सकता है कैंसर- WHO
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने अभी कुछ दिनों पहले ही चीनी की जगह आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा है कि इन स्वीटनर के इस्तेमाल से मोटापा बढ़ना और हार्ट डिजीज होने का खतरा है।
अब WHO ने एक नई चेतावनी करते हुए कहा- कोका-कोला समेत अन्य ड्रिंक्स और फूड आइट्म्स को मीठा करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे आर्टिफिशियल स्वीटनर एस्पार्टेम से कैंसर होने का खतरा है।
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) जुलाई में एस्पार्टेम को ऐसे पदार्थों की लिस्ट में शामिल करेगी जिनसे कैंसर होने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं कि आखिर ये एस्पार्टेम क्या है और इस रिसर्च में क्या बात सामने आई हैं?

क्या है एस्पार्टेम और कहां होता है इसका इस्तेमाल
बता दें कि एस्पार्टेम में कोई कैलोरी नहीं है और यह साधारण चीनी की तुलना में 200 गुणा मीठा होता है। ये एक कार्बनिक यौगिक है, जो शुगर फ्री के नाम से भी फेमस है। सॉफ्ट ड्रिंक में लगभग 95 फीसदी एस्पार्टेम का इस्तेमाल होता है। एस्पार्टेम का इस्तेमाल कोका-कोला, डायट सोडा से लेकर एक्स्ट्रा च्यूइंग गम जैसे खाने और पीने की चीजों को मीठा बनाने में किया जाता है।
भारत में एस्पार्टेम के इस्तेमाल पर गाइडलाइंस
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खाद्य और दवा प्रशासन यानी FDA ने 1981 में ही एस्पार्टेम को इस्तेमाल में लेने को लेकर मंजूरी दी थी। हालांकि FDA ने इसके बाद से अब तक अलग-अलग समय में पांच बार इसकी समीक्षा की है। भारत सहित 90 से अधिक देशों ने इसके इस्तेमाल में लेने की मंजूरी दी है। साल 2009 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के खाद्य सुरक्षा और विनियामक निकाय यानी FSSAI ने इस कृत्रिम चीनी के इस्तेमाल के संबंध में गाइडलाइंस जारी की थी। जिसमें कहा गया था कि जिस भी प्रोडेक्ट में इसका इस्तेमाल किया जाए उस पर साफ तौर पर इस पदार्थ जिक्र होना चाहिए।
WHO को भी नहीं पता कि एस्पार्टेम वाले प्रोडक्ट का कितनी मात्रा में सेवन सुरक्षित
WHO ने अभी ये नहीं बताया है कि एस्पार्टेम युक्त उत्पाद का कितनी मात्रा में सेवन सुरक्षित है। नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थ का कोई कितना सेवन कर सकता है, यह सुझाव WHO की एक अलग एक्सपर्ट कमेटी देती है। आमतौर पर यह सुझाव जॉइंट WHO एंड फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन एक्सपर्ट कमेटी ऑन फूड एडिटिव्स (JECFA) देता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











