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दिल्ली में 10 साल बाद लौटा जापानी इंसेफेलाइटिस, 13 साल के बच्चे में मिले लक्षण, कितनी खतरनाक है ये बीमारी?
Japanese Encephalitis Case in Delhi : देश की राजधानी दिल्ली में जापानी इंसेफेलाइटिस बुखार का एक मामला मिलने से हडकंप मच गया है। म्युनिसिपल कारपोरेशन ऑफ दिल्ली ( MCD) के मुताबिक, दिल्ली के वेस्ट जोन में बान्दीपुर इलाके में एक केस सामने आया है। 13 साल के बच्चे में इस बीमारी के लक्षण मिलने की पुष्टि हुई है। यह बीमारी मच्छरों के काटने से फैलती है।
घबराने की बात यह है कि यह बीमारी एक दशक बाद राजधानी में लौटकर आई है। आखिरी बार 2011 में इस बीमारी के मामले दिल्ली में देखने को मिले थे। इसे दिमागी बुखार भी कहा जाता है।

इसे यह नाम इसलिए मिला क्योंकि यह बीमारी आमतौर पर एशिया और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में संक्रमित मच्छरों के माध्यम से फैलती है और यहीं इसके ज्यादात्तर मामले सामने आते हैं। आइए जानते हैं कि यह बीमारी कैसे फैलती है और इसके बचाव।
जापानी इंसेफेलाइटिस बुखार के लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द, उलझन, गर्दन में जकड़न, मिर्गी जैसे दौरे और कोमा।
कैसे फैलती है ये बीमारी
जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) एक वायरल बीमारी है, जो जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस (जेईवी) के कारण होती है। यह संक्रमित मच्छरों के जरिए फैलती है, जो सूअर, पक्षी, या अन्य जानवरों से वायरस लेकर मनुष्यों को संक्रमित करते हैं। यह मस्तिष्क को प्रभावित कर गंभीर बुखार, सिरदर्द और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बनती है।

बचाव के उपाय
- मच्छरों से बचाव के लिए रात को मच्छरदानी का उपयोग करें।
- घर और आसपास के इलाकों में पानी जमा न होने दें।
- बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखें।
- टीकाकरण कराना (जापानी इंसेफेलाइटिस के लिए उपलब्ध)।
- मच्छर निरोधक क्रीम और स्प्रे का उपयोग करें।
इन टेस्ट से पता चलती है ये बीमारी
जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) की पहचान के लिए सेरेब्रोस्पाइनल फ्लुइड (सीएसएफ) और ब्लड टेस्ट में जेईवी एंटीबॉडी का पता लगाया जाता है। यह बुखार दिमाग तक पहुंचने पर गंभीर हो जाता है, जिससे इसे नियंत्रित करना कठिन हो सकता है। बच्चों में इसके मामले अधिक होते हैं। इसकी मृत्यु दर (सीएफआर) अधिक है, और बचने वाले मरीजों में अक्सर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बनी रहती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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