Latest Updates
-
Mother's Day Wishes for Chachi & Tai Ji: मां समान ताई और चाची के लिए मदर्स डे पर दिल छू लेने वाले संदेश -
क्या आपने कभी खाया है 'हरामजादा' और 'गधा' आम? मिलिए Mango की उन 14 किस्मों से जिनके नाम हैं सबसे अतरंगी -
Mother's Day 2026 Wishes for Bua & Mausi: मां जैसा प्यार देने वाली बुआ और मौसी को भेजें मदर्स डे पर ये संदेश -
Periods Delay Pills: पीरियड्स टालने वाली गोलियां बन सकती हैं जानलेवा, इस्तेमाल से पहले जान लें ये गंभीर खतरे -
वजन घटाने के लिए रोज 10K कदम चलना सबसे खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले दुष्परिणाम -
Maharana Pratap Jayanti 2026 Quotes: महाराणा प्रताप की जयंती पर शेयर करें उनके अनमोल विचार, जगाएं जोश -
Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि का महागोचर, मिथुन और सिंह सहित इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी -
Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: शनिवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे -
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग
रूमेटाइड अर्थराइटिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज
Rheumatoid Arthritis: रूमेटाइड अर्थराइटिस (आरए) एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला कर देती है। यह बीमारी अक्सर हाथों, कलाई, घुटनों, टखनों और पैरों के छोटे-छोटे जोड़ों को प्रभावित करती है। यह बीमारी जोड़ों में दर्द और सूजन पैदा करती है और धीरे-धीरे जोड़ों को नुकसान पहुंचाती है। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकती है और जॉइंट्स स्थायी रूप से खराब हो सकते हैं। रूमेटाइड अर्थराइटिस सिर्फ जोड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह हृदय, फेफड़े और आंखों जैसे अन्य अंगों पर भी असर डाल सकती है। रूमेटॉयड अर्थराइटिस के लक्षण दिखने से कई साल पहले ही शुरू हो जाते हैं और शरीर में फैलने लगते हैं। रूमेटाइड अर्थराइटिस के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 2 फरवरी को रूमेटाइड अर्थराइटिस जागरूकता दिवस (Rheumatoid Arthritis Awareness Day) मनाया जाता है। आइए, इस मौके पर गुरुग्राम स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट, डॉ. हेमंत बंसल से जानते हैं रूमेटाइड अर्थराइटिस के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में -

रूमेटाइड अर्थराइटिस के कारण
रूमेटाइड अर्थराइटिस का वास्तविक कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह एक ऑटोइम्यून प्रक्रिया है। इसका मतलब है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से स्वस्थ ऊतकों पर हमला करती है। कुछ प्रमुख कारक जो रूमेटाइड अर्थराइटिस की संभावना बढ़ा सकते हैं, उनमें आनुवंशिक प्रभाव, पर्यावरणीय कारक, हार्मोनल असंतुलन और इम्यून सिस्टम की असामान्यता शामिल हैं। परिवार में रूमेटाइड अर्थराइटिस का इतिहास होने पर इसका खतरा बढ़ जाता है, वहीं, धूम्रपान, प्रदूषण और कुछ संक्रमण भी इस बीमारी के शुरू होने में योगदान दे सकते हैं। महिलाओं में यह पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है, इसलिए हार्मोनल प्रभाव भी एक संभावित कारण माना जाता है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण
रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं। आम लक्षणों में जोड़ में दर्द, सूजन और गर्मी शामिल हैं। सुबह के समय जोड़ में जकड़न कई घंटों तक रह सकती है और जोड़ की गति में कमी भी हो सकती है। रूमेटाइड अर्थराइटिस का एक विशेष लक्षण यह है कि यह अक्सर शरीर के दोनों तरफ के समान जोड़ को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, केवल दाहिने हाथ का जोड़ नहीं बल्कि दोनों हाथों के जोड़ में सूजन और जकड़न हो सकती है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस का निदान
इसका निदान डॉक्टर शारीरिक परीक्षण, रक्त परीक्षण और इमेजिंग तकनीक के आधार पर करते हैं। रक्त में रूमेटाइड फेक्टर और एंटी सीसीपी एंटीबॉडीज की जांच की जाती है, जबकि एक्स-रे, एमआरआई या अल्ट्रासाउंड से जोड़ में सूजन और हानि का पता चलता है। समय पर निदान करना इसलिए जरूरी है क्योंकि शुरुआती इलाज से जोड़ की स्थायी क्षति रोकी जा सकती है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस का उपचार
रूमेटाइड अर्थराइटिस का उपचार पूरी तरह से बीमारी को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन लक्षणों को नियंत्रित करके जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है। दवाइयों में NSAIDs (जैसे ibuprofen) दर्द और सूजन कम करने के लिए, DMARDs (जैसे methotrexate) बीमारी की प्रगति को धीमा करने के लिए और Biologics (जैसे adalimumab) गंभीर मामलों में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके अलावा। फिजियोथेरेपी से जोड़ की लचीलापन और शक्ति बनाए रखी जा सकती है। जीवनशैली में बदलाव जैसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और धूम्रपान या शराब से दूरी भी इसके असर को कम करने में मदद करते हैं। गंभीर मामलों में जोड़ की गंभीर क्षति होने पर सर्जरी जैसे जोड़ प्रत्यारोपण या जोड़ सुधार की जरूरत पड़ सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications