Kolkata Rape Case: इस बीमारी से जूझ रहा है कोलकाता डॉक्टर रेप केस का आरोपी, नहीं रहता है खुद पर कंट्रोल

Kolkata Rape Case Suffreing from this Mental Disorder: कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर की हत्या और रेप के मामले में सीबीआई ने आरोपी संजय रॉय का साइकोलॉजिकल टेस्ट कराया था। अब इस टेस्‍ट से जुड़ी रिजल्‍ट के कुछ जानकारी सामने आई है। इस टेस्ट के दौरान संजय से कई सवाल किए गए थे।

आरोपी के मोबाइल में म‍िले अश्‍लील वीड‍ियो से लेकर न‍िजी जिंदगी से जुड़े कई सवालों के पूछे गए। ज‍िसके बाद आरोपी के साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी टेस्ट के दौरान एक्सपर्ट्स ने यह आंकलन किया है की संजय SATYRIASIS Hypersexuality नाम की एक बीमारी से ग्रसित है। ये एक तरह की मानसिक बीमारी होती है, जिसमें व्‍यक्ति सेक्‍स एडिक्‍ट हो जाता है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में।

What is Satyriasis Hypersexuality as RG Kar Hospital Murder Accused Suffering from This Mental Disorder

क्‍या है सैटायरासिस हाइपरसेक्सुअलिटी ( What is SATYRIASIS Hypersexuality)

सैटायरासिस हाइपरसेक्सुअलिटी का मतलब होता है सेक्स एडिक्‍ट या यौन इच्‍छाओं पर कंट्रोल नहीं होना। इस बीमारी से ग्रसित व्‍यक्ति के दिमाग में हमेशा गंदे ख्याल की आते हैं। ऐसे व्यक्ति यौन संतुष्टि के लिए किसी हद तक जा सकते हैं इसके ल‍िए उन्‍हें अफसोस भी नहीं होता है। टेस्ट में सामने आया है कि संजय की प्रवृति वाश्विक है यानी कि वह सेक्स एडिक्ट है। रेप के आरोपी ने टेस्ट के दौरान यह भी बताया की वो अक्सर रेड लाइट एरिया जाता रहता है।

लक्षण

- हर समय दिमाग में सेक्‍स को लेकर ही ख्‍याल आना।
- यौन इच्छाओं पर कम नियंत्रण होना।
- अश्‍लील कंटेट देखना या पढना।
- जोखिमों को जानते हुए भी असुरक्षित यौन गतिविधियों में लिप्त होना।
- अत्यधिक हस्तमैथुन करना।
- यौन ज़रूरतें पूरी न होने पर बेचैनी महसूस करना

इलाज

एक्‍सपर्ट के मुताब‍िक सैटायरासिस हाइपरसेक्सुअलिटी डिसऑर्डर के मामले में इस बीमारी से न‍िजात पाने के ल‍िए डॉक्टर काउंसलिंग और दवाओं की मदद से इसको कंट्रोल करते हैं। हाइपरसेक्सुअलिटी डिसऑर्डर से बचाव भी कुछ हद तक हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति में यौन इच्छा सामान्य से ज्यादा है तो उसको इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर इस समस्‍या से ग्रसित व्‍यक्ति को नशे की लत भी है तो सबसे पहले उस पर न‍ियंत्रित करना जरूरी होता है। क्योंकि ये चीजें ब्रेन में केमिकल इंबैलेंस का कारण बनती हैं और इस वजह से ऐसे डिसऑर्डर होने का रिस्क रहता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, August 22, 2024, 19:05 [IST]
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