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Sloth Fever: एमपॉक्स के बीच 'स्लॉथ फीवर ने बढ़ाई टेंशन'? इस देश की यात्रा करते हुए रहे सावधान!
Sloth Borne Virus Outbreak : मच्छर और मक्खियां कितन संक्रामक बीमारियों की वजह बन सकती है। इसका अंदाजा आप इससे ही लगा सकते हैं कि डेंगू से लेकर चिकनगुनिया और नाइल वायरस, इन्हीं के जरिए फैलते हैं। ऐसे में मच्छर और मक्खी से फैलने वाली एक नई बीमारी सामने आई है, जिसने यूरोपीय देशों में इस बीमारी ने कहर मचाना शुरू कर दिया है।
ये वायरस स्लॉथ में पाया जाता है,जिसके कारण इसे Sloth Borne Virus भी कहा जाता है। ओरोपोचे बुखार के नाम से जानी जाने वाली ये बीमारी ओरोपोचे वायरस के वजह से फैलती है। आपको बता दें कि CDC के मुताबिक, इस साल जून और जुलाई के महीने में ओरोपोचे के करीब 19 मामले देखने को मिले हैं। जिनमें स्पेन में 12, इटली में पांच और जर्मनी में दो मामले पाए गए हैं।

इस वजह से इस बीमारी को लेकर गंभीरता बरतने की जरूरत है। बीती जुलाई में, ब्राजील में इसी वायरस के चलते दो महिलाओं की मृत्यु हो गई, जो ओरोपोच से जुड़ी पहली मौत थी। इसके बाद यूनाइटेड स्टेट्स के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने इसके बढ़ते मामलों के बारे में चेतावनी जारी की है। सी.डी.सी. ने ब्राजील, बोलीविया, पेरू, कोलंबिया और क्यूबा जैसे देशों में 8,000 से अधिक मामलों की रिपोर्ट की है। आइए जानते हैं कि इस बीमारी के बारे में डिटेल में-
'स्लॉथ फीवर' क्या है?
स्लॉथ फीवर ओरोपोचे वायरस के वजह से होता है और इसे औपचारिक रूप से ओरोपोचे वायरस रोग या ओरोपोचे फीवर के रूप में जाना जाता है। यह वायरस एक ऑर्थोबुन्या वायरस है। इस वायरस से संक्रमित मक्खी और मछरों के कारण व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ सकता है। वैसे 1955 में पहली बार इस वायरस की पहचान हुई थी।
स्लॉथ के लक्षण क्या है?
स्लॉथ के लक्षण डेंगू से मिलते जुलते होते हैं। जिसमें बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी और दाने शामिल हैं। ज्यादातर लोग एक महीने के भीतर ठीक हो जाते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में एन्सेफलाइटिस और मेनिन्जाइटिस हो सकता है। अगर मरीज की इम्युनिटी अच्छी हो तो यह बुखार 8 दिन में ठीक हो जाता है लेकिन इम्युनिटी कमजोर है तो ये लंबा भी चल सकता है और जानलेवा भी हो सकता है।
बचाव के तरीके
सबसे जरुरी बात ओरोपोचे वायरस के लिए कोई टीका या विशिष्ट उपचार नहीं है। इसलिए जिन देशों में ये बीमारी तेजी से फैल रही है, वहां जाने से बचें या अगर किसी वजह से जाना ही पड़ रहा है, कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। यात्रियों को मच्छरों और मक्खियों से बचने की जरूरत है।
कैसे करें इससे बचाव
- सोते वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करें या फिर मच्छरों को भगाने वाली दवाइयों का यूज करें।
- घर में कहीं भी ज्यादा दिन तक पानी न पड़ा रहने दें।
- खुले में मल त्याग या पेशाब न करें।
- पूरी बाजू के कपड़ें पहनें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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