देर तक फोन से च‍िपके रहने से हो सकता है Smartphone Vision Syndrome, ये लक्षण दिखते हो जाएं अलर्ट

आजकल लोग अपना अधिकांश समय फोन की स्क्रीन पर बिताते हैं, चाहे वह छोटे हों या बड़े। ऑफिस में काम करने वाले लोग भी लगभग 9 घंटे लगातार स्क्रीन पर आंखें गड़ाए रहते हैं, जिससे स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम (Smartphone Vision Syndrome) जैसी समस्‍याएं होने लगते हैं। जो लंबे समय तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से होती है।

कंप्यूटर और स्मार्टफोन ने हमारे जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इनका लंबे समय तक इस्तेमाल हमारी आंखों पर बुरा असर डालता है। बड़ी स्क्रीन और डिजिटल डिवाइस की स्क्रीनें आंखों को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिसे डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है।

What is Smartphone vision syndrome

स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम क्‍या है?

स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम, या डिजिटल आई स्ट्रेन, एक ऐसी स्थिति है जो लंबे समय तक स्मार्टफोन, कंप्यूटर या अन्य डिजिटल डिवाइस के इस्तेमाल से होती है। इसमें आंखों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे आंखों में थकान, जलन, सूखापन, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह समस्या अब केवल वयस्कों में ही नहीं, बल्कि बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है। इसके कारण स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से आंखों की सेहत प्रभावित होती है।

स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम के लक्षण

स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम के लक्षण व्यक्ति की आंखों की स्थिति और स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर निर्भर करते हैं। सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

आंखों में थकान: लंबे समय तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे थकान महसूस होती है।
आंखों में सूखापन: पलकें कम झपकने से आंखों में नमी की कमी हो जाती है और सूखापन महसूस होता है।
धुंधला दिखना: ज्यादा स्क्रीन टाइम से धुंधला दिखाई देने लगता है।
सिरदर्द: आंखों पर दबाव पड़ने से सिरदर्द हो सकता है।
गर्दन और कंधे में दर्द: गलत मुद्रा के कारण गर्दन और कंधे में दर्द।
लाइट सेंसिटिविटी: स्क्रीन की रोशनी से सेंसिटिविटी।
आंखों में जलन या खुजली: आंखों में जलन और खुजली भी सामान्य लक्षण हैं।

स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम के प्रमुख कारणों में शामिल हैं

लंबे समय तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल: अधिक समय तक स्क्रीन पर देखने से आंखों पर दबाव पड़ता है।
स्क्रीन की चमक और कंट्रास्ट का गलत सेटिंग: अत्यधिक ब्राइटनेस या कंट्रास्ट से आंखों को नुकसान होता है।
स्मार्टफोन को आंखों के पास रखना: बहुत करीब से स्क्रीन देखना आंखों के लिए हानिकारक है।
कम रोशनी में स्मार्टफोन का इस्तेमाल: मंद रोशनी में स्क्रीन का इस्तेमाल आंखों को थका देता है।
आंखों को आराम देने के लिए ब्रेक न लेना: लगातार स्क्रीन पर देखने से आंखों को पर्याप्त आराम नहीं मिलता।

स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम से बचने के उपाय

- हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें।
- स्मार्टफोन की ब्राइटनेस को वातावरण के अनुसार एडजस्ट करें।
- ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करें।
- छोटे ब्रेक लें।
- नियमित आंखों की जांच करवाएं और जरूरत पड़ने पर चश्मे या लेंस का उपयोग करें

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, February 6, 2025, 21:45 [IST]
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