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क्या होता है स्मोक्ड बिस्किट? जिसे खाने के बाद कर्नाटक में एक बच्चे की बिगड़ गई तबीयत
मार्केट में इन दिनों लिक्विड नाइट्रोजन से तैयार होने वाले स्मोकी बिस्किट का बच्चों में खूब क्रेज हैं। मेले में इस तरह के बिस्किट ज्यादा देखने को मिलते हैं। हाल ही में कर्नाटक के एक मामले ने इन बिस्किट की तरफ ध्यान लोगों का ध्यान खींचा है। जहां इसे खाने के बाद एक बच्चे की तबीयत खराब हो गई।
सोशल मीडिया में इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दिखाई दे रहा है कि बच्चा एक धुंआ निकलते हुए बिस्किट को खा लेता है जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ जाती है ओर वो दर्द से तड़पने लगता हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ये स्मोक बिस्किट क्या होते हैं और यह इसमें इस्तेमाल होने वाला लिक्विड नाइट्रोजन कैसे आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता हैं?

क्या होते हैं स्मोक्ड बिस्किट?
नाम से आपको पता चल रहा होगा कि स्मोक्ड बिस्किट को खाते ही मुंह से धुंआ निकलने लगता है जैसे स्मोकिंग के बाद निकलता है। जैसे लोग इस बिस्किट खाते है उनके मुंह से सिगरेट की तरह धुआं निकलने लगता है। इसी वजह से इसे स्मोक्ड बिस्किट कहते हैं। कई लोग इसे लिक्विड नाइट्रोजन बिस्किट के नाम से भी बुलाते हैं क्योंकि इस बिस्किट को बनाने में इस केमिकल का इस्तेमाल होता है।
लिक्विड नाइट्रोजन के नुकसान
लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल आजकल कई रेस्त्रां और फूड आइटम्स में होने लगा है। फ्रोजन आइटम्स को ठंडा बनाए रखने के लिए इसका ज्यादा इस्तेमाल हाता है। एक्सपर्ट का कहना है कि लिक्विड नाइट्रोजन नाइट्रोजन गैस है जिसे नेचुरल फॉर्म यानी गैसीय अवस्था से लिक्विड फॉर्म में कम से कम तापमान में रखकर तरल अवस्था में बदल दिया जाता है। इसे -196 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाता है। क्रायोथेरेपी और क्रायोजेनिक्स जैसी मेडिकल ट्रीटमेंट में भी इसका इस्तेमाल किया जाता हैं।
हालांकि ये पूरी तरह सुरक्षित होता है लेकिन लापरवाही से इस्तेमाल करने की वजह से इसकी वजह से गले में दर्द और पेट दर्द जैसी शिकायत हो सकती हैं। इसका इस्तेमाल करते हुए बहुत ध्यान रखने की जरुरत हैं। सर्दी में इसका इस्तेमाल करने से सर्दी-जुकाम जरुर हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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