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स्पेस में फंसी सुनिता विलियम्स Space Anemia हो सकती है शिकार, Astronaut को होने वाली ये बीमारी क्या है?
What is space anaemia: भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुश विलमोर फरवरी 2025 तक स्पेस में फंसे रहेंगे। नासा ने दोनों एस्ट्रोनॉट को सिर्फ 8 दिनों के मिशन पर स्पेस में भेजा था। जिस स्पेसक्राफ्ट से सुनीता और विलमोर स्पेस में पहुंचे थे, वह खराबी के वजह से स्पेस में फंस गया है। अब ऐसे में पिछले तीन महीने से सुनीता और उनका साथी स्पेस में फंसे हुए हैं।
ऐसे में, अंतरिक्ष में फंसे होने के वजह से सुनिता और विलमोर के स्वास्थ्य पर कई तरह से दुष्प्रभाव को झेलना पड सकता है। फिलहाल सुनिता विलियम्स पर स्पेस एनिमिया का खतरा सबसे ज्यादा मंडरा रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर ये क्या होता है?

क्या होता है स्पेस एनिमिया?
अंतरिक्ष यात्रियों को माइक्रोग्रैविटी के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण अंतरिक्ष एनीमिया की शिकायत हो सकती है । आसान शब्दों में कहें तो खून की कमी। खून में हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कणिकाएं यानी रेड ब्लड सेल्स (RBC) होती हैं। इनकी कमी हो जाना ही एनीमिया कहा जाता है। स्पेस में रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स में खून की कमी को स्पेस एनीमिया कहा जाता है।
पृथ्वी पर रहने वाले एक इंसान में हर सेकंड दस लाख लाल रक्त कोशिकाएं बनती हैं, वहीं अंतरिक्ष में जाने वाले लोगों के शरीर में एक सेकंड में 30 लाख लाल रक्त कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं और यहीं से नया खतरा शुरू होता है। इसे 'स्पेस एनीमिया' कहते हैं।
वापस लौटने पर हो सकती हैं ये बीमारियां
पृथ्वी पर वापस लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्री खुद को थका हुआ और कमजोर महसूस करते हैं। साथ ही उनके मसल्स कमजोर हो जाते हैं। यानी स्पेस से लौटने के बाद लोगों का कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की तरह होता है। शरीर पर एनीमिया का ऐसा असर होता है कि जिससे वर्कआउट करने पर भी आपको थकान होती है।
क्यों जरूरी हैं लाल रक्त कोशिकाएं?
लाल रक्त कोशिका यानी रेड ब्लड सेल का काम शरीर के अन्य हिस्सो तक ब्लड फ्लो करके पहुंचाना होता है। जो हर टिश्यू तक ऑक्सीजन की सप्लाई करता है इसके अलावा इसके साथ ही ये संक्रमण के लक्षणों की जांच कर शरीर में चोट लगने की सूचना को इम्यून सिस्टम तक पहुंचाती हैं।
शरीर में रेड ब्लड सेल कम होने पर शरीर में ऑक्सीजन घटने लगता है और नया खून बनने की प्रक्रिया बाधित होती है। इसी समस्या को खून की कमी या एनीमिया या रक्ताल्पता भी कहा जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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