Latest Updates
-
World Polio Day 2026: पोलियो कैसे होता है? जानिए इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय -
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा
दुनिया में हर तीसरे बच्चे को मायोपिया की बीमारी, जानें क्या है ये बीमारी और इसके लक्षण
What is the myopia: हाल में आई एक रिसर्च के मुताबिक ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से मो बच्चों की आंखों की रोशनी पर काफी नकारात्मक असर पड़ रहा है और बच्चे मायोपिया के शिकार हो रहे हैं। इस रिसर्च के मुताबिक हर तीन में से एक बच्चे की आंखें फोन देखने से खराब हो रही है और उनकी दूर दृष्टि लगातार कमजोर हो रही है।
चाइना की सून यात सेन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने इस अध्ययन में पाया है कि कोविड लॉकडाउन के दौरान बच्चों का ज्यादा स्क्रीन पर समय बिताने से आंखों की रोशनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है इसकी वजह से दूर की रोशनी कमजोर यानी कि बच्चे मायोपिया का शिकार हो रहे हैं।

यह एक एक बढ़ती हुई विश्व स्तर पर स्वास्थ्य चिंता है जो 2050 तक लगभग 74 करोड़ बच्चों को प्रभावित करेगी। आइए जानते हैं कि आखिर क्या है मायोपिया और इसके शुरुआती लक्षण-
मायोपिया क्या है?
मायोपिया जिसे सामान्य भाषा में निकट दृष्टि दोष या नज़दीक की दृष्टि कमजोर होना कहा जाता है, एक दृष्टि दोष है जिसमें व्यक्ति को दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं, लेकिन नजदीक की चीज़ें स्पष्ट दिखती हैं। यह समस्या तब होती है जब कॉर्निया यानी आंख की पुतली अधिक फैल जाती है, जिसके कारण प्रकाश की किरणें रेटिना पर ठीक से नहीं गिरतीं और धुंधली दृष्टि का कारण बनती हैं।
मायोपिया के मुख्य लक्षण
- व्यक्ति को दूर की चीज़ें, जैसे बोर्ड, टीवी, या सड़क पर लगे साइनबोर्ड स्पष्ट दिखाई नहीं नजर आते हैं।
- आंखों पर अत्यधिक दबाव डालने से सिरदर्द हो सकता है।
- लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करने पर आंखें जल्दी थक जाती हैं।
- चीज़ों को बेहतर देखने के लिए व्यक्ति को अपनी आंखें सिकोड़नी पड़ती हैं।
मायोपिया के कारण
- यदि माता-पिता में से किसी को मायोपिया है, तो उनके बच्चों में भी इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।
- कंप्यूटर, मोबाइल या टीवी स्क्रीन का लंबे समय तक उपयोग करना और पर्याप्त ब्रेक न लेना।
- कम रोशनी में पढ़ाई या आंखों को नजदीक से चीज़ों पर फोकस करने से भी आंखों पर लगातर दबाव की वजह से भी ये बीमारी हो सकती है।
मायोपिया का इलाज
- चश्मा या कॉन्टेक्ट लैंस का इस्तेमाल करना सामान्य और सुरक्षित तरीको में से एक हैं। यह लेंस आंखों में गिरने वाली प्रकाश किरणों को सही दिशा में मोड़ने का काम करते हैं।
- लेजर सर्जरी यह स्थायी रूप से दृष्टि को सुधारने का एक विकल्प हो सकता है।
- नियमित रूप से आंखों के व्यायाम और आराम देना मायोपिया की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
