शिलाजीत के अधिक सेवन से बढ़ सकता है यूरिक एसिड, ये है इसके अन्य साइड-इफेक्ट

जब बात सेक्सुअल हेल्थ प्रॉब्लमस की आती है तो इसके इलाज के लिए लोग औषधि के रुप में शिलाजीत का इस्तेमाल करते है। शिलाजीत का उपयोग सदियों से आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के तौर पर किया जाता रहा है। क्यूंकि इसमें औषधीय गुण पाए जाते हैं। शिलाजीत को इंडियन वियाग्रा के नाम से भी जाना जाता है।

ये ना सिर्फ सेक्सुअल प्रॉब्लमस बल्कि बीपी, डायबिटीज, आर्थराइटिस, अल्जाइमर, डिमेंशिया और हार्ट संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में भी मददगार है। बल्कि यह सेहत के साथ स्किन के लिए भी काफी फायदेमंद है। हालांकि, बाकी अन्य चीजों की तरह शिलाजीत के सेवन के भी नुकसान है। खासकर तब जब इसे हम जरूरत से ज्यादा मात्रा में ले लेते है। यहां हम आपको शिलाजीत के अधिक सेवन से होने वाले साइड इफेक्ट के बारे में बताने जा रहे है।

 What is the Side effect of shilajit?

क्या है शिलाजीत

शिलाजीत एक काला-चिपचिपा पदार्थ है, जो हिमालय और तिब्बती पहाड़ियों की परतों में पाया जाता है। सदियों से इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक औषधि के रूप में होता आ रहा है। आयुर्वेद में, शिलाजीत का इस्तेमाल हड्डी के फ्रैक्चर से लेकर नपुंसकता तक कई तरह की स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है। प्राचीन ग्रंथों में किए गए उल्लेख के मुताबिक शिलाजीत का निर्माण तब हुआ जब गर्मी के मौसम के दौरान, पहाड़ों में भी गर्मी बढ़ जाती थी। इस दौरान पहाड़ की बाहरी परत पिघलने लगती थी, जिससे काले राल जैसे सेमी-सॉलिड पदार्थ का निर्माण होता था। सूखने के बाद इस पदार्थ को प्रोसेस्ड करके सूखा पाउडर बनाया जाता था, जिसे शिलाजीत कहा जाता है। लेकिन कई महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों और खनिजों से भरपूर, शिलाजीत के कुछ नुकसान भी हैं।

शिलाजीत के नुकसान क्या हैं?

- कच्चे शिलाजीत में भारी मेटल आयरन, फ्री रैडिकल, फंगस हो सकते हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

- शिलाजीत के अधिक सेवन से शरीर में यूरिक एसिड का प्रोडक्शन बढ़ सकता है।

- ये गठिया की परेशानी को और बदतर बना सकता है।

- शिलाजीत आयरन के लेवल को बढ़ा सकता है। इससे हेमोक्रोमैटोसिस जैसी गंभीर परेशानियां हो सकती हैं।

- अधिक मात्रा में शिलाजीत के सेवन से शरीर मे गर्मी बढ़ सकती है। इस कारण हाथ-पैर और पेट में भारीपन महसूस होने लगता है।

- शिलाजीत के अधिक सेवन से तापमान असंतुलित हो सकता है जो मूड स्विंग का कारण बन सकता है।

- इससे सिर दर्द जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।

- गर्मी और एलर्जी के चलते स्किन पर फोड़े-फुंसी, रैशेज़ और इरिटेशन जैसी परेशानियां होने के पीछे का कारण भी शिलाजीत का सेवन हो सकता है।

- शिलाजीत के सेवन से उल्टी होना, बेचैनी महसूस करना या फिर हार्ट बीट भी बढ़ सकती है।

- शिलाजीत का सेवन करने के बाद बार-बार यूरिन आने की समस्या भी हो सकती है।

- शिलाजीत का सेवन अगर अशुद्ध रूप में किया जाए, तो इससे नशा भी हो सकता है, क्योंकि इसमें माइकोटॉक्सिन और फ्री रेडिकल्स आदि मौजूद होते है।

- शिलाजीत का अधिक मात्रा में सेवन हार्मोन में असंतुलन का कारण बन सकता है। जिसके कारण शरीर में हार्मोनल संबंधी परेशानियां हो सकती है।

किन्हें विशेष ध्यान रखना जरूरी

- शिलाजीत में ब्लड प्रेशर कम करने वाला प्रभाव पाया जाता है। इसलिए, ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों को इसके सेवन से पूर्व डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लेना चाहिए।

- चूंकि शिलाजीत ब्लड शुगर को कम करने में मददगार है। इसलिए, डायबिटीज की दवा के साथ इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से इस बारे में जरूर पूछ लें।

- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों को किसी भी रूप में शिलाजीत का सेवन नहीं करना चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, September 16, 2023, 10:00 [IST]
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