Latest Updates
-
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स
Covishield बनाने वाली AstraZeneca ने माना, वैक्सीन से हो सकता है थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम, जानें लक्षण
What is Thrombocytopenia Syndrome : कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने पहली बार इस बात को माना है कि उनकी वैक्सीन से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। एस्ट्राजेनेका ने यूके हाईकोर्ट में इस बात को स्वीकार किया है कि कोविड-19 वैक्सीन से थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (TTS) जैसे गंभीर और दुर्लभी बीमारी हो सकती हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम क्या है और क्या यह हर वैक्सीन लगवाने वाले को यह साइडइफेक्ट हो सकता है?

ऐसे हुआ था मामले का खुलासा
एस्ट्राजेनेका के खिलाफ ब्रिटेन के जेमी स्कॉट नाम के शख्स ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2021 में इस कंपनी की कोरोना वैक्सीन की वजह उन्हें थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम जैसी बीमारी हो गई है। जिसकी वजह से वो ब्रेन डैमेज का शिकार हो गए थे। अब वे कंपनी से अपनी शारीरिक क्षति के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। जिसके बाद लंबी कार्यवाही के बाद कंपनी ने भी ये बात कबूल कि कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी वैक्सीन ने दुनियाभर में 60 लाख लोगों की जिंदगियां बचाई गई हैं हालांकि वैक्सीन के रेयर ऑफ रेयरेस्ट साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (TTS) क्या हैं?
टीटीएस यानी थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम यानी शरीर में खून के थक्के जमने या ब्लड क्लॉट की वजह वाली समस्या, जिसकी वजह से ब्रेन स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट जैसे जानलेवा खतरे हो सकते हैं। इसके अलावा इस सिंड्रोम की वजह से शरीर में अचानक से प्लेटलेट्स काउंट भी गिर सकते हैं।
थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम के लक्षण
- नाक, मसूड़ों या महिलाओं के पीरियड के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग
- शरीर के प्लेटलेट्स गिर जाना।
यूरिन में ब्लड आना
- हार्ट अटैक के लक्षण
- स्किन पर बैंगनी-लाल रंग के दाने होना, जिसे पेटीचिया भी कहते हैं।
थ्रोम्बोसाइटोपेनिया का इलाज
थ्रोम्बोसाइटोपेनिया एक ऐसी बीमारी है, जिसका इफेक्ट कई दिनों या सालों तक देखने को मिल सकता है। इस बीमारी की गंभीरता के आधार पर इसका इलाज होता है। किसी दवा या वैक्सीन की वजह से किसी शख्स को यह बीमारी हुई है तो डॉक्टर जांच के आधार पर इलाज करते हैं। प्लेटलेट गिरने पर मरीज को किसी स्वस्थ व्यक्ति से मैचिंग ब्लड ग्रुप से लाल रक्त कोशिकाओं या प्लेटलेट्स चढ़ाकर बढ़ा सकते हैं। अगर समस्या इम्यून सिस्टम से जु़ड़ी है तो डॉक्टर प्लेटलेट काउंट बढ़ाने के लिए दवाईयों लिखकर भी इलाज कर सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
