Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट करवाने वाले पहले इंसान की मौत, कितना सक्सेसफुल है ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन
सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले दुनिया के पहले इंसान की ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन के करीबन दो महीने बाद मौत हो गई। 62 वर्षीय रिचर्ड स्लेमैन को अंतिम चरण में किडनी की बीमारी के बारे में पता चला था और उनके पास ट्रांसप्लांट करवाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था। इसके बाद मार्च में मैसाचुसेट्स में उन्हें सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। यह ट्रांसप्लांट मेडिकल की दुनिया में एक मील का पत्थर माना गया। इस ट्रांसप्लांटेशन ने उन लोगों के लिए एक नई आशा की किरण जगाई, जो अंगदान का इंतजार कर रहे हैं।
रिचर्ड स्लेमैन की मौत को लेकर अस्पताल का कहना है कि उनकी मौत ट्रांसप्लांट से जुड़ी नहीं है। वहीं, स्लेमैन के परिवार ने मेडिकल टीम का आभार जताया, जिनके प्रयासों से उन्हें रिचर्ड के साथ सात हफ्ते और मिल गए। तो चलिए आज इस लेख में हम जानते हैं कि ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन क्या होता है और इसके लिए सुअरों का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है-

ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन क्या है?
ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन एक ऐसा मेडिकल प्रोसेस है जिसमें एक प्राणी से दूसरे प्राणी में ऑर्गन या टिश्यू का ट्रांसप्लांटेशन किया जाता है। यह एक प्रजाति से दूसरी प्रजाति में होता है। जैसे कि जानवर से इंसान में, या फिर एक प्रकार के जानवर से दूसरे प्रकार के जानवर में। इसमें कई बार इंसानों के लिए जानवरों के अंगों का उपयोग होता है। ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन का इस्तेमाल कुछ बीमारियों के इलाज में भी किया जाता है, जैसे कि मधुमेह या कुछ खास प्रकार के कैंसर। आमतौर पर, ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन में इंसानों को ठीक करने के लिए पशु कोशिकाओं और अंगों का उपयोग किया जाता है। हृदय से जुड़े ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन को पहली बार 1980 के दशक में मनुष्यों में आज़माया गया था। इस प्रक्रिया की जरूरत इसलिए महसूस की गई, क्योंकि रोगियों की संख्या और ऑर्गन डोनर की उपलब्धता के बीच महत्वपूर्ण अंतर था।
नेचर में 2024 के एक लेख में कहा गया कि अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में, लगभग 90,000 लोग किडनी ट्रांसप्लांट के लिए इंतजार कर रहे हैं, और हर साल 3,000 से अधिक लोग इंतजार करते हुए मर जाते हैं।
ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन के लिए सूअरों का उपयोग क्यों किया जाता है?
सुअर के हृदय वाल्वों का उपयोग इंसानों के डैमेज्ड वाल्वों को बदलने के लिए 50 वर्षों से अधिक समय से किया जा रहा है। सुअर के अंग शारीरिक रूप से मानव अंगों के समान होते हैं और सुअर सभी आकार में आते हैं। सूअरों को पालना और उनका प्रयोग आर्थिक रूप से उपयुक्त हो सकता है। जनवरी 2022 में, जेनेटिकली मोडिफाइड सुअर के दिल का पहला ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन किया गया था। हालाँकि, दो महीने बाद कई कारकों के कारण मरीज की मृत्यु हो गई, जिसमें सुअर के हृदय में एक गुप्त वायरस से दूषित होना भी शामिल था। जिसके कारण ट्रांसप्लांट किए गए अंग ने सही तरह से काम करना बंद कर दिया।
ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन में क्या-क्या कॉम्पलिकेशन हैं?
ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन को मेडिकल साइंस में एक बहुत बड़ी तरक्की के रूप में देखा जाता है। लेकिन इसकी कुछ जटिलताएं भी है। सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि शरीर अंग को अस्वीकार न कर दे। इसके अलावा, जिस व्यक्ति में ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन किया जाए, उसे किसी तरह का संक्रमण ना हो। ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन में क्रॉस-प्रजाति संक्रमण की संभावना है, जो गुप्त हो सकती है और संक्रमण के वर्षों बाद बीमारी का कारण बन सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications