लाल, नीले, पीले निशान दिखें जीभ पर, तो न करें नजरअंदाज, हो सकती है क‍िसी बीमारी की चेतावनी

Tongue's Color Tells About Your Health Problems : हम सभी ने देखा होगा कि बीमार पड़ने पर डॉक्टर सबसे पहले हमारा गला और जीभ चेक करते हैं। पुराने समय में डॉक्टर सिर्फ जीभ और पेट देखकर ही यह अंदाजा लगा लेते थे कि व्यक्ति किस बीमारी से पीड़ित है। इसी वजह से जीभ को शरीर का आइना माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी खुद अपनी जीभ के रंग पर ध्यान दिया है?

कई बार हमारी जीभ पर लाल, पीले, नीले या सफेद धब्बे दिखाई देते हैं। यह केवल सतही बदलाव नहीं होते, बल्कि शरीर के अंदर हो रहे कुछ महत्वपूर्ण असंतुलनों का संकेत होते हैं। आयुर्वेद में माना जाता है कि जीभ का रंग बदलना किसी पोषक तत्व की कमी, पाचन तंत्र की गड़बड़ी या गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है।

Tongue s Color Tells About Your Health Problems

इंस्टाग्राम पर आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने जीभ के अलग-अलग रंगों के आधार पर शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी साझा की है। उनका मानना है कि जीभ का निरीक्षण करके हम कई बीमारियों की पहचान शुरूआती चरण में ही कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि जीभ का रंग बदलने के क्या कारण हो सकते हैं और इसके पीछे कौन-कौन सी बीमारियां या असंतुलन छिपे होते हैं।

1. जीभ की टिप और साइड्स लाल होना

यदि जीभ के किनारे या आगे का हिस्सा बहुत ज्यादा लाल दिखाई दे रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि आप मेंटल स्ट्रेस में हैं। यह स्थिति दिल से संबंधित समस्याओं या हार्मोनल असंतुलन से भी जुड़ी हो सकती है।
उपाय: दिमाग को शांत रखने के लिए ध्यान, मेडिटेशन और भरपूर नींद लें।

2. पीली जीभ होना

जब जीभ का रंग पीला दिखने लगे तो यह शरीर में पित्त दोष के बढ़ने का संकेत होता है। यह समस्या एसिडिटी, बदहजमी या लिवर से जुड़े असंतुलन के कारण हो सकती है।
उपाय: खाने के बाद 5 तुलसी के पत्ते और 1 इलायची चबाएं। यह पाचन में सुधार करेगा और पित्त दोष को शांत करेगा।

3. सफेद या फीकी जीभ

अगर जीभ का रंग बहुत फीका या सफेद हो गया है, तो यह शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी या अनीमिया का संकेत हो सकता है। कमजोरी और थकावट भी इसके कारण हो सकते हैं।
उपाय: सुबह खाली पेट 2 भीगी हुई अंजीर और थोड़ा सा गुड़ खाएं। यह खून की मात्रा बढ़ाने में मदद करेगा और जीभ फिर से गुलाबी दिखने लगेगी।

4. नीली या बैंगनी जीभ

यदि जीभ का रंग नीला या बैंगनी हो रहा है तो यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन की कमी या ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है। यह अत्यधिक तनाव या हृदय की कमजोरी का भी परिणाम हो सकता है।
उपाय: रोज़ाना अनुलोम-विलोम और प्राणायाम करें। रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Desktop Bottom Promotion