Latest Updates
-
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर
विश्व की 90% आबादी कोरोना संक्रमण से है इम्यून: WHO

पिछले 3 साल से कोरोना संक्रमण से पूरी दुनिया जूझ रही है। ऐसे में एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन का बयान सामने आया है। जिसमें WHO के मुताबिक दुनिया की कम से कम 90 प्रतिशत आबादी में अब कोरोना संक्रमण के प्रतिरोध का कुछ स्तर बचा है। WHO के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने जानकारी देते हुए बताया कि, "WHO का अनुमान है कि दुनिया की कम से कम 90 प्रतिशत आबादी में वैक्सीनेशन के कारण सार्स-सीओवी-2 के प्रति कुछ हद तक प्रतिरोधक क्षमता है।"
WHO प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण का इमरजेंसी फेस लगभग खत्म होनें के कागार पर है, लेकिन यह अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। WHO प्रमुख ने कहा कि, "हम यह कहने में सक्षम होने के बहुत करीब हैं कि इस महामारी का इमरजेंसी फेस खत्म हो गया है - लेकिन हम अभी तक वहां पहुंच नहीं पाएं हैं।"
टेड्रोस ने आगे बताया कि, "मॉनिटरिंग, टेस्ट और वैक्सीनेशन में कमी होने के कारण कोरोना संक्रमण नए तरह के लक्षण के साथ उभरने के लिए सही समय बना रहा है जो मृत्यु दर का कारण बन सकता है।" इससे पहले, एक शोध अध्ययन में पाया गया कि डबल वैक्सीनेशन एक साल बाद भी गंभीर कोरोना संक्रमण से आपको सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। 2021 में, वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने बताया कि मॉडर्न MRNA वैक्सीन और एक प्रोटीन-आधारित वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाता है।
चैपल हिल, वेइल कॉर्नेल मेडिसिन और न्यूयॉर्क-प्रेस्बिटेरियन में उत्तरी कैरोलिना यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के नेतृत्व में एक ही ग्रुप ने अपने अध्ययन में पाया कि वैक्सीनेशन की 2 खुराक अभी भी रीसस मकाक में फेफड़ों की समस्या से निपटने में मदद करती है। "हमारे SARS-CoV-2 शिशु रीसस मकाक अध्ययन के बाद, हमने जानवरों को एक साल बाद SARS-CoV-2 वैरिएंट के साथ हाई डॉस देने की चुनौती दी, ताकि वैक्सीन से इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जा सकें।" ANI की रिपोर्ट के मुताबिक।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











