Latest Updates
-
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व
विश्व की 90% आबादी कोरोना संक्रमण से है इम्यून: WHO

पिछले 3 साल से कोरोना संक्रमण से पूरी दुनिया जूझ रही है। ऐसे में एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन का बयान सामने आया है। जिसमें WHO के मुताबिक दुनिया की कम से कम 90 प्रतिशत आबादी में अब कोरोना संक्रमण के प्रतिरोध का कुछ स्तर बचा है। WHO के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने जानकारी देते हुए बताया कि, "WHO का अनुमान है कि दुनिया की कम से कम 90 प्रतिशत आबादी में वैक्सीनेशन के कारण सार्स-सीओवी-2 के प्रति कुछ हद तक प्रतिरोधक क्षमता है।"
WHO प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण का इमरजेंसी फेस लगभग खत्म होनें के कागार पर है, लेकिन यह अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। WHO प्रमुख ने कहा कि, "हम यह कहने में सक्षम होने के बहुत करीब हैं कि इस महामारी का इमरजेंसी फेस खत्म हो गया है - लेकिन हम अभी तक वहां पहुंच नहीं पाएं हैं।"
टेड्रोस ने आगे बताया कि, "मॉनिटरिंग, टेस्ट और वैक्सीनेशन में कमी होने के कारण कोरोना संक्रमण नए तरह के लक्षण के साथ उभरने के लिए सही समय बना रहा है जो मृत्यु दर का कारण बन सकता है।" इससे पहले, एक शोध अध्ययन में पाया गया कि डबल वैक्सीनेशन एक साल बाद भी गंभीर कोरोना संक्रमण से आपको सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। 2021 में, वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने बताया कि मॉडर्न MRNA वैक्सीन और एक प्रोटीन-आधारित वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाता है।
चैपल हिल, वेइल कॉर्नेल मेडिसिन और न्यूयॉर्क-प्रेस्बिटेरियन में उत्तरी कैरोलिना यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के नेतृत्व में एक ही ग्रुप ने अपने अध्ययन में पाया कि वैक्सीनेशन की 2 खुराक अभी भी रीसस मकाक में फेफड़ों की समस्या से निपटने में मदद करती है। "हमारे SARS-CoV-2 शिशु रीसस मकाक अध्ययन के बाद, हमने जानवरों को एक साल बाद SARS-CoV-2 वैरिएंट के साथ हाई डॉस देने की चुनौती दी, ताकि वैक्सीन से इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जा सकें।" ANI की रिपोर्ट के मुताबिक।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications