Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
दुनियाभर में काली खांसी के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता, जानें इस खतरनाक बीमारी के लक्षण और वजह
इस समय जब पूरी दुनिया में मंकीपॉक्स एक खतरे की तरह मंडरा रहा है। वहीं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काली खांसी के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है।
हाल के वर्षों में दुनिया के कई देशों में काली खांसी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां टीकाकरण की दर कम है, वहां संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। 2024 में इस बीमारी के वजह से दो लोगों की मौत हुई जिसमें एक पांच सप्ताह का बच्चा और 65 साल का बुजुर्ग शामिल था। सिर्फ नीदरलैंड में ही इसके 8 मामले देखने को मिले हैं। यूरोप में भी इस बीमारी का खतरा बना हुआ है। जुलाई में ब्रिटेन में 9 बच्चों की काली खांसी की वजह से मौत हो गई।

वहीं कुछ देशों में टीकाकरण के बावजूद प्रतिरक्षा कम होने या टीकाकरण कार्यक्रम में समस्याओं के कारण इस बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। आइए जानते हैं कि आखिर क्या है काली खांसी और इसके लक्षण और बचाव के तरीके।
क्या है काली खांसी?
काली खांसी (Pertussis), जिसे व्हूपिंग कफ भी कहा जाता है, एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन रोग है। यह बीमारी बोर्डेटेला पर्टुसिस ( Bordetella pertussis) वायरस के वजह से फैलता है। ये बीमारी मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है, हालांकि यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। इस बीमारी में खांसते समय एक "व्हूप" जैसी आवाज आती है, इसलिए इसे काली खांसी कहा जाता है।
काली खांसी के लक्षण
ठंड, सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण (नाक बहना, हल्की खांसी, हल्का बुखार)
हल्की खांसी जो धीरे-धीरे बढ़ती है
गंभीर खांसी:
एक सप्ताह बाद तेज और लंबे समय तक चलने वाली खांसी की शुरुआत होती है।
खांसी के बाद तेज सांस लेने पर "व्हूप" की आवाज आती है।
खांसी के दौरान उल्टी हो सकती है।
खांसते-खांसते व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
काली खांसी का कारण
- Bordetella pertussis नामक बैक्टीरिया सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और श्वसन तंत्र के रास्ते को संक्रमित करता है।
- यह बीमारी तब फैलती है जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता है, छींकता है, या सांस छोड़ता है, जिससे बैक्टीरिया हवा के माध्यम से दूसरों तक पहुंचते हैं।
- इस बीमारी के पीछे टीकाकरण की कमी भी एक वजह हो सकती है। कुछ स्थानों पर टीकाकरण अभियान की कमी के कारण बच्चे इस बीमारी से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
काली खांसी का संक्रमण कैसे फैलता है?
यह बीमारी एक संक्रमित व्यक्ति से हवा के माध्यम से फैलती है।
संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से बैक्टीरिया हवा में आ जाते हैं और दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं।
काली खांसी से बचाव
- DTaP और Tdap वैक्सीन काली खांसी से बचाव में सबसे प्रभावी उपाय हैं। बच्चों और बड़ों के लिए टीकाकरण आवश्यक है।
- गर्भवती महिलाओं को भी होने वाले बच्चे को इस संक्रमण से बचाने के लिए पर्टुसिस का टीका लगवाना चाहिए।
- संक्रमित व्यक्ति से संपर्क कम करना।
- अच्छी स्वच्छता बनाए रखना, खासकर श्वसन संक्रमण के दौरान।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications