World Health Day 2026: युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले? डॉक्टर ने बताया बचाव के लिए क्या करें

World Health Day 2026: आज के समय में हार्ट अटैक सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब यह समस्या तेजी से युवाओं में भी देखने को मिल रही है। 20 से 40 साल की उम्र के लोग भी अब इसकी चपेट में आ रहे हैं, जो एक चिंता का विषय है। भारत में हाल के मेडिकल स्टडीज ने चिंताजनक ट्रेंड दिखाए हैं कि 20s और 30s के युवा वयस्कों में कार्डियोवैस्कुलर डिज़ीज या हार्ट अटैक के केस बढ़ रहे हैं। कई पीयर-रिव्यूड स्टडीज़ बताती हैं कि 2020 से शहरों के हॉस्पिटल्स में रिकॉर्ड हार्ट अटैक केसों में से 50% 40 साल से कम उम्र के वयस्कों के थे। ये जो पहले रेयर था, अब मेट्रो और छोटे शहरों में आम हो गया है। डॉक्टरों का मानना है कि इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि, सबसे बड़ा कारण हमारी बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ता तनाव है। आइए, आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर डॉ दीपक अग्रवाल, कंसल्टेंट- कार्डियोलॉजी, नारायण हॉस्पिटल, जयपुर से जानते हैं कि आखिर युवाओं में हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़ रहे हैं और इससे बचाव कैसे किया जाए -

Heart Attack In Young Adults

यवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले?

खराब जीवनशैली

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। लंबे समय तक बैठकर काम करना, एक्सरसाइज न करना और जंक फूड का ज्यादा सेवन करना दिल की सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा, काम और निजी जीवन का तनाव भी युवाओं में काफी बढ़ गया है, जिससे ब्लड प्रेशर और दिल पर दबाव बढ़ता है और हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा हो जाता है। दिल्ली की एक मल्टी-ईयर स्टडी में पाया गया कि कोविड-19 महामारी के बाद युवा वयस्कों में हार्ट अटैक के केस दोगुने से ज्यादा हो गए। लॉकडाउन में इनएक्टिविटी, स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट शिफ्ट्स ने कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ पर बड़ा असर डाला।

स्मोकिंग और शराब का सेवन

स्मोकिंग और शराब का बढ़ता चलन भी एक बड़ा कारण है। सिगरेट पीने से खून की नलियां खराब हो जाती हैं और शराब का अधिक सेवन दिल को कमजोर बनाता है।

कुछ स्वास्थ्य समस्याएं और अनुवांशिक कारण

वहीं, अगर परिवार में पहले से किसी को दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज रही हो, तो युवाओं में इसका खतरा और भी बढ़ जाता है। इसके साथ ही हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापा भी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाते हैं। इसके अलावा, नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या भी दिल की सेहत को नुकसान पहुंचाती है।

युवाओं में हार्ट अटैक के लक्षण

सबसे खतरनाक बात यह है कि इन बीमारियों के लक्षण शुरुआत में साफ नजर नहीं आते, जिससे लोग समय पर सावधान नहीं हो पाते। युवाओं में हार्ट अटैक के लक्षण कई बार साफ नहीं होते, जैसे हल्का सीने में दर्द, सांस फूलना, ज्यादा थकान या चक्कर आना। अक्सर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर समस्या बन सकता है।

30 के बाद जरूरी टेस्ट

मेडिकल गाइडलाइन्स कहती हैं कि हार्ट हेल्थ स्क्रीनिंग 30 से देर न करें, और फैमिली हिस्ट्री, डायबिटीज़ या ओबेसिटी जैसे रिस्क फैक्टर्स वाले पहले शुरू करें। सबसे ज़रूरी टेस्ट ये हैं -

कोलेस्ट्रॉल लेवल टेस्ट: LDL (बैड), HDL (गुड) और टोटल कोलेस्ट्रॉल मापता है, लिपिड इम्बैलेंस और कार्डियोवैस्कुलर रिस्क चेक करने के लिए।

ब्लड प्रेशर मेज़रमेंट: रेगुलर मॉनिटरिंग ज़रूरी है, क्योंकि हाइपरटेंशन चुपके से बढ़ता है और सिम्पटम्स से पहले नुकसान करता है।

ब्लड शुगर टेस्ट (फास्टिंग ग्लूकोज़ और HbA1c): अनडायग्नोज़्ड डायबिटीज़ या प्रीडायबिटीज़ चेक करने के लिए, जो हार्ट डिज़ीज के बड़े कारण हैं।

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG): अंडरलाइंग अरिदमिया डिटेक्ट करता है और सडन कार्डियक अरेस्ट का रिस्क पहचानने में मदद करता है।

बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और वेस्ट-हिप रेशियो: ओबेसिटी और सेंट्रल फैट एक्यूमुलेशन चेक करता है, जो इंडियन पॉपुलेशन में हार्ट रिस्क फैक्टर्स हैं।

अन्य ब्लड इन्वेस्टिगेशन्स: हाई-सेंसिटिविटी सी-रिएक्टिव प्रोटीन (hs-CRP) या लिपोप्रोटीन(a), जब आगे रिस्क स्ट्रेटिफिकेशन चाहिए।

कैसे करें बचाव?

संतुलित और हेल्दी खाना खाएं
रोजाना एक्सरसाइज करें
तनाव को कम करने की कोशिश करें
स्मोकिंग व शराब से दूर रहें
नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, April 7, 2026, 8:00 [IST]
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