Latest Updates
-
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट
पैंक्रियाज का कैंसर को क्यों कहते हैं साइलेंट किलर, इस घातक बीमारी के इन लक्षणों को हल्के में न लें
Pancreatic Cancer : कैंसर एक घातक बीमारी है, जिसकी वजह से लाखों लोग हर साल अपनी जान गंवा देते हैं। इन्हीं कैंसर में से एक है पैंक्रियाटिक कैंसर जिसे साइलेंट किलर भी बोला जाता है। जानते हैं क्यों इस कैंसर को सबसे घातक माना जाता है।
पैंक्रियाटिक कैंसर पेट के निचले हिस्से (अग्न्याशय) के पीछे वाले अंग में होता है जो काफी खतरनाक कैंसर है। क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार इस घातक कैंसर के कोई शुरुआती लक्षण नहीं होते हैं, जिस वजह से शुरुआती स्टेज पर इसके बारे में मालूम चलना मुश्किल होता है।

इस वजह से खतरनाक कैंसर की श्रेणी में रखा जाता है। आइए जानते हैं इस कैंसर के बारे में-
क्या है पैंक्रियाज?
पैंक्रियाज यानी अग्नाशय यह अंग पेट के ऊपरी हिस्से में पीछे की ओर बाईं तरफ मौजूद होता है। इसका मुख्य काम इंसुलिन हार्मोन बनाने के साथ ही इसके स्त्राव को नियंत्रित करने में मदद करना है। साथ ऐसे नेचुरल जूस का उत्पादन करता है जो स्टार्च और प्रोटीन जैसी चीजों को पचाने में मदद करता है।
पैंक्रियाज को नुकसान पहुंचाने वाले लक्षणों को ध्यान में रखकर आप पेनक्रिएटाइटिस और पैंक्रियाज के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

पैंक्रियाटिक कैंसर के शुरुआती लक्षण
पेट दर्द की शिकायत : अगर आपको लंबे समय से पेट दर्द की समस्या हो रही है। यह दर्द पेट से पीठ की तरफ बढ़ रहा है तो आपको इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लें। लंबे समय से हो रहा पेट दर्द पैंक्रियाटिक कैंसर का संकेत माना जा सकता है।
गैस या अपच: कई बार हम पेट में बनने वाली गैस को मामूली समझकर इग्नोर कर देते हैं। जिसकी वजह से कई बड़ी बीमारियों का पता नहीं चल पाता है। अगर आप अपच या गैस की समस्या झेल रहे हैं तो वो कई बार पैंक्रियाटिक कैंसर का संकेत भी हो सकता है। लंबे समय से गैस की तकलीफ से परेशान हैं तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं।
शौच के रंग में परिवर्तन : अगर शौच के रंग में आपको परिवर्तन महसूस होता है। तो इस लक्षण को अनदेखा न करें। यह भी पैंक्रियाटिक कैंसर का संकेत है।
पीलिया : पैंक्रियाटिक कैंसर में बिलीरुबिन के निर्माण की वजह से त्वचा और आंखों का रंगपीला पड़ना। यह तब होता है जब ट्यूमर पित्त नलिकाओं को अवरुद्ध कर देता है।
त्वचा में सूखापन और खुजली: अगर आपको अचानक से पीलिया हुआ था उसके बाद अगर आप त्वचा में सूखेपन और खुजली की समस्या से ग्रस्त है तो इसे भी अग्नाशय यानी पैंक्रियाटिक कैंसर का संकेत माना जाता है।
वजन बढ़ना या घटना : पैंक्रियाटिक कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है, खासकर, कमर के पास फैट होना भी इस खतरनाक कैंसर का लक्षण है। इसके अलावा अचानक वजन घटना भी इसकी एक वजह हो सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर: हाई ब्लड प्रेशर भी पैंक्रियाटाइटिस कैंसर होने की तरफ से इशारा करता है, इसलिए हाई ब्लड प्रेशर वाले भी ब्लड प्रेशर का रेगुलर मॉनिटर करें।
इन चीजों से परहेज करें ?
पैंक्रियाटाइटिस के मरीजों को इन चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए, जैसे कि
- ऑयली और फ्राइड फूड
- वेजिटेबल ऑयल
- प्रोसेस्ड फूड्स
- रेड मीट
- प्रोसेस्ड बटर
- डेयरी आइटम्स
- अल्होकल
- स्मोकिंग
- सैचुरेटेड फैट
- बेकरी आइटम्स
- शुगरी आइटम्स
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











