क्‍यों नहीं पहनने या संभालकर रखने चाह‍िए मृत व्‍यक्ति के कपड़ें, जान‍िए इसके पीछे का वैज्ञान‍िक तर्क

जब क‍िसी व्‍यक्ति की मुत्‍यु हो जाती है, तो लोग उससे जुड़ी चीजों को याद के तौर पर सहजकर रखते हैं। हालांकि ऐसा करना पुराणों में सही नहीं माना गया है। कहा जाता है कि किसी की मृत्यु के बाद उसके सभी सामान खासकर कपड़ों को दान कर देना चाहिए। और ऐसा चलन में भी है, मुत्‍यु के बाद व्‍यक्ति की अस्थियां विसर्जित करने के साथ ही उस व्‍यक्ति से जुड़े सामान और कपड़ों को दान भी दान क‍िया जाता है।

वहीं परिवार के कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो मृत व्यक्ति के सामान या कपड़ों को याद के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। मृत व्यक्ति के कपड़ों को दान करने के पीछे कई धार्मिक व वैज्ञानिक कारण हैं। जान‍िए क्‍यों मृत व्यक्ति के कपड़ों को दान करना चाह‍िए और इसके पीछे का वैज्ञान‍िक तर्क भी समझें।

Scientific Reason

धार्मिक तर्क
गरुड़ पुराण के अनुसार जिस तरह व्यक्ति का जीवित रहते हुए अपने वस्‍तु और कपड़ों के प्रति जुड़ाव रहता है वैसा ही जुड़ाव व्यक्ति का मृत्यु के बाद बना रहता हैं। ऐसे में अगर कोई उसके कपड़ों का इस्तेमाल करता हैं तो जीवात्मा उस व्यक्ति की तरफ आकर्षित होती है। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृतक व्यक्ति की आत्‍मा की शांति के ल‍िए और उसे मोक्ष की प्राप्ति हो। उसके सभी सामान विशेषकर कपड़ों को दान कर देना चाहिए।

वैज्ञान‍िक कारण
विज्ञान के मुताबिक भी किसी मृत व्यक्ति के कपड़ों का प्रयोग करना मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए सही नहीं हैं। अगर हम किसी मृत व्यक्ति के कपड़ों को पहन लेते हैं तो हम में उसकी याद से घिरे हुए रहते हैं। लेकिन ऐसा करना किसी भी व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक तौर पर बीमार कर सकता है।

किसी की मृत्यु के बाद उसके बारे में ज्यादा सोचने और उसे याद करते रहने से व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार पड़ सकता है इसलिए मृत्यु के बाद व्यक्ति के कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

ये भी है एक तर्क
मृत व्यक्ति के कपड़े इस्‍तेमाल न करने की पीछे एक तर्क ये भी है क‍ि वैज्ञानिकों के मुताबिक जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उससे पहले इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से वह काफी कमजोर हो चुका होता है। बीमारी के वजह से उस व्‍यक्ति का शरीर अनगिनत बैक्टीरिया और वायरस का घर बन चुका होता है, जो हमें नजर नहीं आते हैं।

ऐसे में उस व्यक्ति की मृत्‍यु हो जाने के बाद भी वे बैक्टीरिया कपड़ों और अन्य चीजों में बने रहते हैं। उन चीजों को इस्‍तेमाल करने से दूसरे भी बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। इसल‍िए बीमार व्‍यक्ति के कपड़ों का इस्‍तेमाल नहीं करना चाह‍िए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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