Latest Updates
-
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर
अचानक से माहवारी में कम रक्तस्त्राव होने के 8 कारण
लाइट ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं। इन्हीं में से आज हम आपको 8 कारणों से अवगत करा रहे हैं।
महिलाओं को पीरियड से रिलेटेड कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। जैसे पीरियड के दौरान पेट दर्द होना, शरीर में ऐंठन होना तो कभी कभी बुखार आ जाना। ऐसी कई तरह की समस्याएं जिससे उन दिनों में महिलाओं को अलग अलग तकलीफों से गुजरना पड़ता है। अगर आपकी माहवारी में कुछ परिवर्तन हो जाए तो अधिक ब्लीडिंग होती है तो कभी कम ब्लीडिंग होती है। पर हम आपको बता दें कि अचानक से लाइट ब्लीडिंग होना अच्छी बात नहीं होती है।
क्योंकि लाइट ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं। इन्हीं में से आज हम आपको 8 कारणों से अवगत करा रहे हैं।

हार्मोनल परिवर्तन
शरीर में हॉर्मोनल परिवर्तन आपके महावारी में रक्तस्त्राव की मात्रा को बढ़ा या घटा सकते हैं। यदि आपकी माहवारी सामान्य थी और अब कम रक्तत्राव हो रहा है तो घबराये नहीं और डॉक्टर से परामर्श लें।

एस्ट्रोजन की मात्रा कम
अधेड़ उम्र की महिलाएं जो रजोनिवृति की पड़ाव पर पहुंच चुंकी हैं उन्हें भी हल्के रक्तस्त्राव का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इनके शरीर में एस्ट्रोजेन की मात्रा कम हो जाती है।

कम उम्र की लड़कियों के साथ
कम्र उम्र की लड़कियों में भी लाइट ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। खासकर उन लड़कियों को जिन्हें हाल ही में महावारी शुरू हुई है। लाइट ब्लीडिंग के साथ है कई बार इन्हें माहवारी नहीं भी होती है।

जीवन शैली की वजह से
जीवनशैली में बदलाव, शारीरिक क्रिया के बढ़ने-घटने या तनाव से भी रक्तस्राव की मात्रा पर प्रभाव पड़ता है।

हेल्थ इश्यू
थायरॉइड कंडीशन, खानपान, पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी आपके महावारी पर प्रभाव पड़ता है।

कांट्रेसेप्टिव गोलियां
कांट्रेसेप्टिव गोलियों के सेवन से भी महावारी में बदलाव आता है जिससे रक्तस्त्राव की मात्रा में कमी आ जाती है।

म्यूकस डिस्चार्ज
प्रेग्नेंसी के दौरान भी कई बार महिलाओं में म्यूकस डिस्चार्ज होता है जो कि हल्के रक्तस्त्राव जैसा प्रतीत होता है। यदि ये ज्यादा मात्रा में हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

डॉक्टर से मिले
प्रेग्नेंसी के दौरान पहले तिमाही में भी हल्की ब्लीडिंग होती है जो कि मिसकैरिज के भी संकेत हो सकते हैं इसलिए इस मामले में भी आपको बिना लापरवाही फौरन डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
अगर आप इस समस्या से बचना चाहती हैं तो वक्त रहते ही इसका इलाज करें। साथ ही कम रक्तस्त्राव के दौरान अदरक, दालचीनी, धनिया, अजवायन या गर्म चीजों के अत्याधिक मात्रा में सेवन करने से बचें। ये भी जरूरी नहीं की हर महिलाओं की माहवारी की समस्या एक सी हो। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अपने चिकित्सक से जरूर परामर्श कर लें।



Click it and Unblock the Notifications











