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काम पर भारी चीज़ें उठाने वाली महिलाएं बन सकती हैं बांझ
हाल ही में हुए एक शोध से पता चला है कि जो महिलाएं अपने काम पर भारी वस्तुएं उठाती हैं उनकी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ सकता है।
हाल ही में हुए एक शोध से पता चला है कि जो महिलाएं अपने काम पर भारी वस्तुएं उठाती हैं उनकी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ सकता है और यह उन महिलाओं के साथ ज़्यादा होता है जिनका वज़न या तो ज़्यादा होता है या उनकी उम्र ज़्यादा होती है।
ऐसा पता चला है कि जो महिलाएं ज़्यादा भार उठाती हैं उनमें उन महिलाओं की तुलना में जो बिल्कुल भार नहीं उठातीं, 8.8 प्रतिशत कम अंडे बनते हैं और 14.1 प्रतिशत कम अंडे परिपक्व होते हैं। और, रात को काम करने से या रोटेटिंग शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं की प्रजनन क्षमता भी कम होती है।

"हमारे शोध के अनुसार जो महिलाएं मां बनना चाहती हैं, उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि भारी वस्तु उठाने और रात की शिफ्ट में काम करने से उनपर क्या गलत प्रभाव पड़ सकता है," हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ के प्रमुख ऑथर लीडिया मिन्गुएज़-अलार्कोन ने कहा।
भारी सामान उठाने और परिपक्व अंडे ना बनने की परिस्थिति का सामना मोटी और ज़्यादा उम्र की महिलाएं करती हैं जिनकी उम्र 37 साल से ज़्यादा है। पहले हुए शोध ने काम की समय सारिणी, काम पर होने वाले शारीरिक श्रम और प्रजनन की क्षमता को एक दूसरे से जोड़ा है।
"हमारा शोध ऐसा पहला है जो कहता है कि काम पर भारी सामान उठाने और रात को काम करने से अंडों की उत्पत्ती और गुणवत्ता पर असर पड़ता है ना कि गर्भाशय की उम्र बढ़ती है," हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ के रिसर्च सहयोगी ऑड्रे गस्किंस ने जोड़ा।
नए शोध के लिए जो ऑक्यूपेशनल और एन्वायरोंमेंटल मेडिसिन जर्नल में छपा, टीम ने साल 2004 और 2015 के बीच करीबन 500 महिलाओं को परखा जो अमेरिका के मासचुसेट्स जेनरल हॉस्पिटल में बच्चे ना हो पाने के लिए ट्रीटमेंट करवा रही थीं। हालांकि, इस बात का पता अब तक नहीं चल पाया है कि भारी वजन उठाने से अंडे की गुणवत्ता पर असर क्यों पड़ता है।
जहाँ तक दिन में काम न करके रात की शिफ्ट में काम करने से अंडे की पैदावार में कमी की बात आती है तो ऐसा पाया गया है कि यह सिरकाडीयन रिदम डिसरपशन के कारण होता है, शोधकर्ताओं ने कहा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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