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लड़कियोंं की जुबानी जानिये, मेन्स्ट्रुल कप इस्तेमाल करने के फायदे और नुकसान
यह एक प्रकार का कपनुमा आकार का मेडीकल ग्रे सिलिकॉन कप होता है जिसे पीरियड्स के दिनों में वेजिना यानि योनि के अंदर घुसा दिया जाता है और इसी में सारा रक्त एकत्रित होता है।
वर्किंग महिलाओं को अक्सर सैनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल, पीरियड्स के दिनों में अखरने लगता है। वो असहज महसूस करने लगती हैं और उन्हें रैशेज भी पड़ जाते हैं।
जरूरी नहीं कि वर्किंग महिलाओं को ही ऐसा हो, लेकिन चूँकि वो ज्यादातर समय घर के बाहर रहती हैं तो ऐसा हो जाता है। ऐसे में वो मेन्स्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करने के बारे में सोचती है।
यह एक प्रकार का कपनुमा आकार का मेडीकल ग्रे सिलिकॉन कप होता है जिसे पीरियड्स के दिनों में वेजिना यानि योनि के अंदर घुसा दिया जाता है और इसी में सारा रक्त एकत्रित होता है।
ये महिला को होने वाले रक्तस्त्राव पर निर्भर करता है कि ये कप कितनी देर में भर जाता है। वैसे, मासिक धर्म के दूसरे या तीसरे दिन, ये 4 से 5 दिनों में भर जाता है। इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि आप इसे खाली करके साफ कर लें और फिर से इस्तेमाल में ला सकती है।
शहर की भागदौड़ में काम करने वाली महिलाओं के लिए ये काफी अच्छा साबित होता है। इसे इस्तेमाल करने वाली कुछ फीमेल्स ने इसके बारे में कुछ अच्छी और बुरी बातों को हमारे साथ साझा किया है जिसे हम अपने इस आर्टिकल में आपको बताने जा रहे हैं:

फायदे -
आराम: कोच्चि की मिनी का कहना है कि इसे इस्तेमाल करने से आराम रहता है। आपको गीलापन या चिपचिपापन महसूस नहीं होता है।

लागत-प्रभावी:
इस बारे में दिवा का कहना है कि आपको 100 रूपए के पैड हर महीने लेने पड़ते हैं लेकिन आप इसका इस्तेमाल बार-बार एक बार खरीदने के बाद ही कर सकती हैं। एक बार में आपको 650 रूपए को खर्च करना होता है।

समय की बचत:
इसके इस्तेमाल के बाद आपको बार-बार बाथरूम जाकर चेक नहीं करना पड़ता है और न ही पैड बदलना पड़ता है, साथ ही आप चाहें तो 10 घंटे बाद भी जाकर इसे खाली कर सकती हैं, ऐसा मुम्बई की श्री का कहना है।

इस्तेमाल करने में आसान:
श्री बताती हैं कि आपको इसे इस्तेमाल करना पैड की अपेक्षा ज्यादा आसान लगेगा। अापको सिर्फ इसे फोल्ड करने अंदर लगाना होता है।

फेंकने की चिंता नहीं:
कई बार महिलाओं को सबसे बड़ी चिंता होता है कि पैड को कहां फेंका जाएं। इसमें ऐसी कोई झंझट नहीं होती है। आप इसे धुल लें और फिर से इस्तेमाल करने लग जाएं।

पर्यावरण के लिए अच्छा:
यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा होता ह। मिनी बताती है कि आप इसे दिन में चार बार फेंकते नहीं हैं जिससे गंदगी नहीं होती है और पर्यावरण भी स्वच्छ रहता है।

क्या हैं इसके नुकसान-
गंदगी: अगर आप इसे सही समय पर क्लीन नहीं कर सकती हैं तो यह लीक होने लगता है और फ्लोर पर ब्लड गिरने लग सकता है। ऐसा अक्षया के साथ एक बार ऐसा हो चुका है जिससे उन्हें काफी बुरा महसूस हुआ।

दर्द:
इसे लगाने के दौरान शुरूआत में थोड़ा दर्द होता है। कई बार ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल भी करना पड़ सकता है। मिनी बताती हैं कि इसे जब पहली बार इस्तेमाल करते हैं तो आपको थोड़ी देर तक दर्द होता रहता है।

बदबू:
मिनी कहती हैं कि अगर आप इसे सही समय पर क्लीन नहीं कर लेती हैं तो इसमें से गंदी सी बदबू आने लग जाती है जिससे आपको अच्छा फील नहीं होता है।

ट्रेवल फ्रैंडली नहीं:
अगर आप लम्बी यात्रा पर निकलने वाली हैं तो आपको लिए ये बिल्कुल सही विकल्प नहीं है। इस बारे में आकांक्षा बताती हैं कि आपको थोड़ी देर बार जाकर टिश्यू से पोंछना पड़ जाता है। ऐसे में पैड ज्यादा सही रहता है।



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