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ब्रेस्टफीडिंग के बिना निप्पल डिस्चार्ज क्यूं होता है?
वो महिलाएं जो ब्रेस्टफीड नहीं कराती हैं, अगर उनके निप्पल से हल्का सा डिस्चार्ज होता है तो यह उनके लिए ये कोई संकेत हो सकता है, हालांकि कुछ मामलों में निप्पल से स्त्राव होना ज्यादा गंभीर हो सकता है लेकिन कुछ मामलों में यह सामान्य स्थिति हो सकती हैं। अगर आप ब्रेस्टफीड नहीं कराती है इसके बावजूद आपके निप्पल से डिस्चार्ज होता है तो आपको डॉक्टर से एक बार जरुर चैक करवा लेना चाहिए।
आपके निप्पल से होने वाले डिस्चार्ज के लक्षणों के आधार पर मालूम चलेगा कि आखिर ये डिस्चार्ज किस वजह से हो रहा है। निप्पल में होने वाले बदलाव के वजह से मालूम चलता है कि आखिर ये महिलाओं के बीमारियों के किस और इशारा कर रहे हैं, आइए जानते हैं।

स्तन कई ग्रंथियों से मिलकर बना है
स्तन दूध निर्माण करने वाली कई ग्रंथियों से मिलकर निर्मित हुआ है। ये ग्रंथियां एक नली द्वारा स्तन के निप्पल से जुड़े होते हैं, जिससे दूध या अन्य द्रव्य बाहर आता है। ये ग्रंथियां चर्बीदार ऊतकों से घिरी होती है, जो स्तन का मांसल हिस्सा होता है।

स्तनों का सही माप
हर लड़की का ब्रेस्ट या स्तन का माप भिन्न-भिन्न होता है। किसी के स्तन छोटे तो किसी के बड़े और अधिक चर्बीयुक्त होते हैं। स्तनों का आकार बहुत कुछ लड़कियों या महिलाओं के गुणसूत्र व खानपान पर निर्भर करता है।

इंफेक्शन के वजह से
निप्पल में दर्द ब्रेस्ट फिडिंग के शुरूआती दौर में निप्पल का फट जाना या सूज जाना आम होता है। अगर ये चीज लगातार निप्पल के साथ हो रही है तो सचेत हो जाइएं। अगर आप ब्रेस्टफिड नहीं करवाते हैं हो सकता है ये कैंडीडा यीस्ट के कारण हुए इंफेक्शन के वजह से हो रहा है।

पीरियड के समय स्तनों में बदलाव
हर महीने होने वाले पीरियड या माहवारी के कारण स्तनों के आकार-प्रकार में अंतर आ सकता हैा हार्मोन स्तनों को गर्भावस्था के लिए तैयार करते हैं, जिस कारण माहवारी के दिनों में स्तन थोड़े बड़े, कड़े और संवेदनशील हो जाते हैं। इस दौरान छूने से इनमे दर्द भी हो सकता है तो एक सामान्य बात है। पीरियड समाप्त होने पर स्तन फिर से अपने स्वाभाविक आकार को ग्रहण कर लेते हैं। शादी के बाद गर्भ ठहरने से रोकने के लिए लिए जाने वाले गर्भनिरोधक गोलियों के वजह से भी स्तर के आकार में बदलाव आ सकता है। ऐसा गर्भनिरोधक गोलियों में स्त्री हार्मोन होने के कारण होता है।

रक्त स्त्राव होने पर डॉक्टर को जरुर दिखाएं
निप्पल से डिस्चार्ज ब्रेस्डफीड न करवाने के बावजूद निप्पल से डिस्चार्ज होता है। निप्पल को दबाने पर सफेद, नीला-हरा रंग का लिक्विड निकलता है, जिसको लेकर उतना चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। लेकिन ब्लड निकलने पर तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें। इग्नोर करना भारी पड़ सकता है।

निप्पल से स्राव और कैंसर
अधिकतर केस में निप्पल से स्राव का संबंध कैंसर से नहीं होता है। मगर ये कैंसर का संकेत हो भी सकता है अगर-
- अगर सीने में गांठ है और त्वचा में बदलाव आता है
- एक निप्पल से रक्त स्राव होना
- अपने आप स्राव होना
- 50 की उम्र के बाद स्राव होना



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