Veere Di Wedding, स्‍वरा के मास्‍टरबेट सीन से सोशल मीडिया में छिड़ी बहस, जानिए मास्‍टरबेशन के फायदे

पिंक मूवी में फिजिकल हैरेसमेंट और पेडमैन में महिलाओं के मेन्‍सट्र्रूऐशन से जुड़ी समस्‍याओं को दिखाने के बाद हाल ही में रिलीज हुई फिल्म वीरे दी वेडिंग में अभिनेत्री स्वरा भास्कर को मास्टरबेट करते हुए एक दिखाया गया है, इस सीन को लेकर सोशल मीडिया में काफी चर्चा में हैं।

इस सीन के लिए ट्रोलर्स ने काफी भद्दे कमेंट भी किए है। लेकिन इस सीन के बाद फीमेल मास्‍टरबेशन पर काफी चर्चा होने लग गई है। हालांकि डॉक्‍टर्स की माने तो हस्‍तमैथुन करना नेचुरल एक्‍ट है। इससे न सिर्फ शरीर को आनंद महसूस होता है बल्कि सेक्‍सुअल तनाव भी दूर होता है। आइए जानते है महिलाओं के हस्‍तमैथुन करने के फायदें।

Swaras masturbation scene

तनाव मुक्‍त

मास्‍टरबेशन के दौरान धड़कन बढ़ जाती है। ब्लड का फ्लो भी बढ़ता है और मसल में सख्ती आती है। इन सारी शारीरिक प्रक्रियाओं के कारण तनाव से मुक्ति मिलती है। जैसे कि आप सेक्स के बाद राहत और तनाव से मुक्त महसूस करते हैं।


रात में अच्छी नींद

जब आप सेक्सुअल क्लाइमेक्स पर होते हैं और फील गुड जोन में पहुंच जाते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि बॉडी से ऑक्सिटॉक्सिन और एंडोर्फिन हॉर्मोन्स रिलीज हो चुके हैं। और आपको मास्‍टरबेट करने से अच्‍छा महसूस होता है। इससे अच्छी नींद आती है।


मासिक धर्म के दर्द से मिलती है राहत

हस्तमैथुन से मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मिल सकती है। मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से हस्तमैथुन से निकलने वाले रसायन की वजह से राहत मिलती है।

प्रेगनेंट होने का डर नहीं

हस्तमैथुन करने का कोई भी नकारात्मक असर नहीं पड़ता है। इसे करने से आपको कोई भी नुकसान नहीं पहुंचता है। ना तो आप बीमार पड़ेंगे और ना ही आपको प्रेगनेंट होने का कोई डर सताएगा।

एक नेचुरल प्रक्रिया

हस्तमैथुन दुनियाभर में एक आम सेक्सुअल एक्टिविटी है और ये फिजिक्ली, मेंटली और इमोशनली राहत देने वाली क्रिया है। ऑर्गैजम से एंडॉरफिंस डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है जिससे मूड अच्छा बनाने में मदद मिलती है।

चरम सुख की प्राप्ति

महिलायें आराम से और कोमलता से अपने आप को आनंद देती हैं। अगर उन्‍होंने अपनी उंगलियों के अलावा किसी अन्‍य वस्‍तु का प्रयोग इसके लिए किया तो कोशिश यही रहती है उसका स्‍पर्श आनंदित करने वाला हो।

नहीं होता है कैंसर

एक रिसर्च में ये बात भी सामने आई है कि फीमेल हस्तमैथुन में सर्वाइकल इन्फेक्शन से राहत मिलती है। रेग्युलर ऑर्गेजम से गर्भाशय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा कम से कम महीनें में हस्तमैथुन करते हैं उनमें प्रॉस्टेट कैंसर की आशंका कम होती है।

रिसर्च भी कहती है

एक शोध में पता चला है कि 18 से ऊपर उम्र की अधिकतर महिलाओं ने कम से कम एक बार हस्तमैथुन किया था, लेकिन कुछ महिलाएं इसे नियमित तौर पर करती हैं। 25 से 29 के बीच 7.9 प्रतिशत महिलाएं एक सप्ताह में 2-3 बार हस्तमैथुन करती हैं। वहीं 23.4 प्रतिशत पुरुष एक सप्ताह में 3-4 बार हस्तमैथुन करते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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