Latest Updates
-
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती
डिलीवरी के बाद इस दाल को खाने से नहीं होती है खून की कमी, 45 दिन तक खिलाएं
प्रसव के बाद खून की कमी के वजह से अक्सर महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है। सही खान-पान से महिलाओं में ये आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है। इसलिए प्रसव के बाद महिलाओं को खासतरह का खान पान दिया जाता है। इनमें से एक होता है कुलथी दाल। इसके सेवन से नियमित और ज़्यादा रक्तस्राव के दौरान महिलाओं को फायदा पहुंचता है। प्रोटीन और विटामिन युक्त कुलथी से नवप्रसूताओं में दूध बढ़ता है। प्रसव के बाद 45 दिन तक इसके सेवन से विशेष लाभ मिलता है।

25 प्रतिशत अधिक होता है प्रोटीन
कुलथी दाल दूसरी आम दालों की तरह ही होती है, लेकिन इसके गुण जानकर आप हैरान रहे जाएंगे। इसके औषधीय गुणों के बारे में कम ही लोगों को पता है। अन्य दालों की तुलना में कुलथी दाल में पोषक तत्वों का भंडार होता है। इसमें 25 प्रतिशत प्रोटीन होता है, जो सोयबीन के लगभग आधा होता है। तो वहीं प्रचूर मात्रा में आयरन भी पाया जाता है।

महिलाओं में खून की कमी को रोके
कुलथी दाल का पानी या सूप का सेवन महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी होता है। आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं को नियमित रूप से एक चम्मच कुलथी दाल के पाउडर का सेवन करना चाहिए। खासकर प्रसव के उपरांत 45 दिनों तक इसके सेवन से विशेष लाभ मिलता है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है जो महिलाओं में खून की कमी को पूरा करता है।

फाइबर से भरपूर होता है
कुलथी दाल में मौजूद न्यूट्रीशियन यह नवप्रसूताओं में दूध बढ़ाने में कारगर है। प्रसव के बाद होने वाले बुखार को नियंत्रित करने में कारगर होती है। इससे वजन भी नियंत्रित रहता है। फाइबर से भरपूर ये दाल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखती है। अपच की समस्या में इसका सेवन फायदेमंद होता है।

एसिडिटी की समस्याएं से बचाएं
कई महिलाओं को प्रसव के एसिडिटी की समस्या होने लगती है। इसके वजह से डाइजेशन में समस्या होने लगती है। इसलिए डॉक्टर्स भी प्रसव के बाद नई मांओं को कुलथी की दाल खाने की सलाह देते है ताकि इससे उनका पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होती है।



Click it and Unblock the Notifications