Latest Updates
-
बिना दवाई सिर्फ 1 महीने में कंट्रोल हो सकता है थायराइड, बस रोजाना करें ये 3 काम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं ये 2 चीजें, कुछ ही दिनों में गायब हो जाएंगी झुर्रियां और फाइन लाइन्स -
गर्मियों में सौंफ का शरबत पीने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, जानें घर पर बनाने का तरीका -
Aaj Ka Rashifal 6 April 2026: आज इन राशियों पर होगी महादेव की अती कृपा, जानें अपना भविष्यफल -
Surya Grahan 2026: कब लगेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण? नोट करें सूतक काल और भारत में दिखने का समय -
फ्रीज के ऊपर भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, वरना घर में आ सकता है कर्ज और बदकिस्मती -
Akshay Tritiya 2026: 19 या 20 अप्रैल, कब है अक्षय तृतीया? जानें सोना-चांदी खरीदने का महामुहूर्त -
इस राज्य में प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ पतियों का भी होगा 'HIV' टेस्ट, इस गंभीर बीमारी की भी होगी जांच -
आपकी जीभ देगी Fatty Liver के संकेत? एक्सपर्ट से जानें पहली स्टेज के 5 शुरुआती लक्षण -
Brinjal Benefits: छोटे, लंबे या सफेद बैंगन; जानें आपकी सेहत के लिए कौन सा है सबसे बेस्ट?
ये है बच्चेदानी की टीबी के खतरनाक लक्षण, जानें कैसे ये एक से दूसरी महिला में फैलती है ये बीमारी?
टीबी से फेफड़ों से जुड़ा हुआ बैक्टीरिया नहीं है ये शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। महिलाओं के गर्भाशय में भी टीबी का संक्रमण हो सकता है, जिसे पेल्विक ट्यूबरक्लोसिस का नाम दिया गया है।
फीमेल जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस या एफजीटीबी महिला प्रजनन प्रणाली का एक जीवाणु संक्रमण है जो अक्सर महिलाओं में बांझपन से जुड़ा होता है। यूट्रस का टीबी भी अन्य टीबी की तरह एक संक्रामक रोग है। अगर टीबी से पीड़ित महिला के संपर्क में कोई दूसरी महिला आती है तो उसे भी ये बीमारी आसानी से हो सकती है। इतना ही नहीं अगर गर्भावस्था के दौरान किसी को टीबी हो जाए तो इससे गर्भपात का भी खतरा रहता है।

गर्भाशय का टीबी क्या है?
गर्भाशय टीबी में बीमारी गर्भाशय के पार्ट्स अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय का मुंह और वजाइना या वजाइना के मुख में आसपास के लिम्फ नोड्स को प्रभावित करता है। पुरुषों में, यह प्रोस्टेट ग्रंथि और टेस्टीज़ प्रभावित कर सकता है। यह दोनों में किडनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है। यह रोग आम तौर पर इंफेक्शन फैलने का परिणाम है, जिससे हमारे शरीर के अन्य भागों के साथ, मुख्य रूप से फेफड़े प्रभावित होते हैं।

यूट्रस के टीबी का सामान्य लक्षण
श्रोणि दर्द, दर्दनाक मासिक धर्म चक्र, संभोग के दौरान दर्द, पेट के निचले हिस्से में दर्द, बेचैनी और पीठ दर्द दुर्लभ, लेकिन स्थानीय तपेदिक घाव जननांग, गर्भाशय ग्रीवा या योनि के बाहरी हिस्सों पर दिखाई देते हैं।

जानें कैसे फैलता है?
टीबी एक ऐसा रोग है जो संक्रमित व्यक्ति के माध्यम से आसानी से फैल जाता है। टीबी से संक्रमित व्यक्ति टीबी के संपर्क में जानें से चांस बेहद बढ़ जाते हैं क्योंकि इस तरह का इंफेक्शन आसानी से हवा के माध्यम से फैल जाता है। शुरुआत में यह बीमारी फेफड़ों पर असर करती है, फिर बाद में बैक्टीरिया खून के जरिए दूसरे पार्ट्स में पहुंच जाता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग आसानी से टीबी के शिकार हो जाते हैं।

कैसे पता लगवाएं
ट्यूबरकुलीन स्किन टेस्ट से शरीर में किसी भी हिस्से में होने वाले टीबी के बारे में पता लगा लेता है। आपके पेट के निचले हिस्से का अल्ट्रासाउंड भी इस बीमारी का पता लगा सकता है। इसके अलावा कुछ टेस्ट और भी हैं। जिसके जरिए यूट्रस के टीबी का पता लगाया जा सकता है ।

कैसे बांझपन का कारण बनती है गर्भाशय की टीबी
किसी भी प्रकार के टीबी से ग्रस्त 30% महिलाओं में गर्भाशय की टीबी विकसित हो सकती है। 5-10% में हाइड्रो सल्पिंगिटिस होता है, जिसमें पानी ट्यूब में भर जाता है। जिसकी वजह से फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक हो जाती है, जिससे पीरियड्स रेग्युलर नहीं आते। जिस वजह से कंसीव करने में मुश्किलें आती हैं।

परीक्षण, उपचार और जांच
गर्भाशय टीबी से फैलोपियन ट्यूब बंद हो जाती हैं, जिससे असहनीय दर्द होता है। अगर समय रहते ये इस बीमारी का ट्रीटमेंट हो जाए, तो आपको आगे चलकर कंसीव करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। बीमारी है कि नहीं, यह पता लगाने के लिए कोई खास टेस्ट नहीं है। जब आप टीबी का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट या दूसरे टेस्ट करवाती हैं, तो उसमें टीबी का पता आपको चल जाता है। फैलोपियन ट्यूब तक इसका असर आया है कि नहीं, यह जानने के लिए एंडोमेट्रियल बायोप्सी और लैप्रोस्कोपी का उपयोग किया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications











