प्रेगनेंसी में कब लगानी चाह‍िए कोविड-19 वैक्‍सीन, डॉक्टर से जानें सभी सवालों के जवाब

गर्भवती और ब्रेस्‍ट फीडिंग मह‍िलाएं भी कोविड वैक्‍सीन लगवा सकती है। इसे लेकर सरकार की और से गाइडलाइन भी जारी की गई है। भारत से पहले कई देशों जैसे अमेरिका, चीन और इंग्‍लैंड में इसका सफल परीक्षण हो चुका है। इसके बावजूद कई गर्भवती महिलाएं डर और भ्रामक जानकारी की वजह से वैक्‍सीन लगाने से बच रही हैं। लेक‍िन आपको इन सारी चीजों से घबराने की जरुरत नहीं है। गर्भावस्‍था में आप कब वैक्‍सीन लगवा सकती है और इसके कोई साइडइफेक्‍ट तो नहीं? गर्भावस्‍था में कोविड वैक्‍सीन और उससे जुड़े अन्‍य सवालों के जवाब जाने के ल‍िए ये आर्टिकल पढ़ें। दरअसल इस विषय से जुड़े हर सवाल के जवाब दे रही हैं लखनऊ स्थित केजीएमयू अस्‍पताल के मैटरनिटी विभाग व क्‍वीन मैरी कॉलेज की सीनियर प्रोफेसर डॉ. एस.पी. जायसवार।

क्‍या प्रेगनेंसी में वैक्‍सीन लगवाना सुरक्षित है?

क्‍या प्रेगनेंसी में वैक्‍सीन लगवाना सुरक्षित है?

इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर), केंद्र सरकार और द फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड ग्‍यानाकॉलोजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया (फॉग्‍सी) ने मिलकर गर्भवती, दुध पिलाने वाली मांओं और माहवारी के दौरान महिलाओं को ये वैक्‍सीन लगाने ल‍िए हरी झंडी दे दी है। जिससे ये साफ जाहिर है क‍ि ये पूर्णत महिलाओं के ल‍िए सेफ हैं।

 गर्भवती महिलाओं को कब वैक्‍सीन लगाना चाह‍िए?

गर्भवती महिलाओं को कब वैक्‍सीन लगाना चाह‍िए?

कई महिलाओं के मन में ये सवाल भी जरुर आता है क‍ि गर्भावस्‍था के क‍िस चरण में महिलाओं को वैक्‍सीनेशन करवा लेना चाह‍िए। इस बारे में एक्‍सपर्ट का कहना है क‍ि ऐसा कोई डाटा नहीं है जिसमें ये सामने आया हो क‍ि कोरोना से संक्रमित होने के बाद गर्भवती महिला की डिलीवरी में कोई जटिलता आई है या फिर बच्‍चें में कोई जन्‍मजात असामान्‍यता देखने को मिली हो। इसल‍िए गर्भावस्‍था के क‍िसी भी चरण में महिलाएं ये वैक्‍सीन लगवा सकती है। लेक‍िन एक्‍सपर्ट की मानें तो 28 हफ्ते की प्रेगनेंसी में वैक्‍सीन लगवाने से मां के साथ बच्‍चें में भी एंडीबॉडी बनने की संभावना रहती है। वैक्‍सीनेशन की गाइडलाइन की मानें तो वैक्‍सीन लगवाने के ल‍िए प्रेगनेंसी टेस्‍ट करवाने की जरुरत नहीं हैं क्‍योंकि इसके बाद भी आप आराम से कंसीव कर सकते हैं।

क्‍या वैक्‍सीनेशन से शरीर में गर्मी पैदा होती है?

क्‍या वैक्‍सीनेशन से शरीर में गर्मी पैदा होती है?

गर्भावस्‍था में अक्‍सर महिलाओं को गर्म चीज खाने की मनाही होती है। कई इंजेक्‍शन शरीर में गर्मी पैदा करने का काम भी करती हैं, ऐसे में गर्भवती महिलाओं के मन में ये सवाल आता है क‍ि कोविड-19 वैक्‍सीनेशन गर्भावस्‍था के दौरान शरीर में गर्मी तो पैदा नहीं करती हैं? इस बारे में एक्‍सपर्ट का कहना है क‍ि गर्भावस्‍था में कई दवाईयां खाने की मनाही होती है और एक्‍स-रे भी नहीं करवाया जाता है। लेक‍िन कोविड-19 वैक्‍सीनेशन के साथ ऐसा कोई खतरा नहीं है।

क्‍या डिलीवरी के आसपास महिलाएं वैक्‍सीनेशन लगवा सकती हैं?

क्‍या डिलीवरी के आसपास महिलाएं वैक्‍सीनेशन लगवा सकती हैं?

एक्‍सपर्ट की मानें तो ये वैक्‍सीन इतनी सेफ है क‍ि डिलीवरी के एक हफ्ते पहले भी इसे लगवाया जा सकता हैं।

जिन्‍हें कंसीव करने में मुश्किलें आई, उनके ल‍िए क‍ितना सुरक्ष‍ित हैं?

जिन्‍हें कंसीव करने में मुश्किलें आई, उनके ल‍िए क‍ितना सुरक्ष‍ित हैं?

एक्‍सपर्ट का कहना है क‍ि वैक्‍सीन लेना या नहीं लेना ये पूरी तरह महिलाओं पर न‍िर्भर करता है। डॉक्‍टर का काम है उनकी काउंसिल‍िंग करना। प्रेगनेंसी चाहे कैसी भी हो नेचुरली हो या इलाज के जरिए इस पर वैक्‍सीन का कोई असर नहीं पड़ता है। बेहतर तो ये है क‍ि आपको भविष्‍य में संक्रमण से बचने और इसकी गंभीरता को टालने के ल‍िए वैक्‍सीन लगा लेनी चाह‍िए।

गर्भावस्‍था में कौनसी वैक्‍सीन है ज्‍यादा इफेक्टिव?

गर्भावस्‍था में कौनसी वैक्‍सीन है ज्‍यादा इफेक्टिव?

एक्‍सपर्ट के ह‍िसाब से वैक्‍सीन की निर्माता कंपनी अलग-अलग है लेक‍िन अभी सबसे बड़ी समस्‍या है वो है उपलब्‍धता। हम पसंद से चुनाव करके कोई भी वैक्‍सीन नहीं ले सकते हैं। जो अभी उपलब्‍ध है उसे लगवाना सही है।

वैक्‍सीनेशन के बाद गर्भवती को क‍िन बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए?

वैक्‍सीनेशन के बाद गर्भवती को क‍िन बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए?

वैक्‍सीनेशन के बाद सेंटर पर आधे घंटे का रेस्‍ट करना जरुरी होता है। इसके अलावा कुछ माइल्‍ड लक्षण जैसे बुखार, सिरदर्द और चक्‍कर आ सकते हैं। लेक‍िन इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है। इसके अलावा खानपान में कोई परहेज करने की जरुरत नहीं है।

प्रेगनेंसी के दौरान घर में बैठे-बैठे कैसे स्‍वास्‍थय का ख्‍याल रखें

इस महामारी के दौरान सामान्‍य व्‍यक्ति की मानसिक स्थिति पर असर पड़ा है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के ल‍िए ये समय बहुत ही भारी है। इसल‍िए घर बैठकर मानसिक स्थिति बेहतर रखने के ल‍िए हल्‍के-फुल्‍के एक्‍सरसाइज करें और खूब अच्‍छे म्‍यूजिक सुनें।

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