Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
पिछले 10 सालों में महिलाएं हुई ज़्यादा गुस्सैल, ये रहा इसके पीछे सबसे बड़ा रीजन
गैलप नामक संस्था के सर्वे के मुताबिक, पूरी दुनिया में पिछले एक दशक के दौरान महिलाओं को पुरूषों के मुकाबले ज़्यादा गुस्सा आने लगा है। वहीं भारत की महिलाओं में गुस्से का स्तर दो गुना है, जो दुनियाभर की महिलाओं के गुस्से से डबल है। महिलाओं के बढ़ते गुस्से के बारें में वैश्विक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है। गैलप के वर्ल्ड पोल ने 2012 से लेकर 2021 तक 150 देशों के करीब 12 लाख लोगों पर सर्वे किया। इस सर्वे से ये बात निकल कर सामने आई कि पिछले 10 सालों में महिलाओं का गुस्सा पुरुषों से बढ़ा है, पहले पुरुषों और महिलाओं के गुस्से का लेवल समान रहता था। लेकिन पिछले 10 सालों के दौरान महिलाओं में स्ट्रेस लेवल बढ़ने के कारण उनका गुस्से का लेवल भी बढ़ गया है।

महिलाओं में गुस्से का स्तर 40.6 फीसदी
सिर्फ भारत की महिलाओं का गुस्सा नहीं बढ़ा है, बल्कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी महिलाओं के गुस्से में वृद्धि हुई है। ये गुस्सा दुनियाभर में महिलाओं के गुस्से से ज्यादा है। वहीं महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले 6 फीसदी ज्यादा गुस्सा भरा है।
सर्वे के मुताबकि, भारत के पुरुष में गुस्से का लेवल 27.8 प्रतिशत है, वहीं औरतों में उनके गुस्से का स्तर 40.6 फीसदी है।

पहले से ज्यादा महिलाएं अपने लिए आवाज उठाने लगीं
साइकोलॉजिस्ट इसकी सबसे बड़ी ये मानते हैं कि दुनियाभर की महिलाएं पहले से ज्यादा एजुकेटेड हो गई हैं, इसके साथ ही उनके नौकरी करने का परसेंट भी बढ़ा है। वो पहले से अधिक आत्मनिर्भल हो चुकी हैं। लेकिन जहां पर उनको उनका हक नहीं मिलता है, पुरूषों को बराबर उनको तवज्जो नहीं दी जाती है वहां पर उनके गुस्से का स्तर भी बढ़ने लग जाता है।
अब पहले से ज्यादा महिलाएं अपने लिए आवाज उठाने लगी हैं। अपना हक मांगने लगी हैं, और जब वो नहीं मिलता तो वो गुस्से के रूप में बाहर निकलता है।
'इंग्लैंड के' इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल स्टडीज' का सर्वे
साल 2020 में 'इंग्लैंड के' इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल स्टडीज' के द्वारा एक सर्वे में भी इसके बारें में सर्वे किया गया था। इस सर्वे के सामने आने के बाद, जब पूरी दुनिया में कोविड की वजह से लॉकडाउन था, उस दौरान घर के काम काज का सारा जिम्मा महिलाओं के उफर था। ज्यादा भार उन महिलाओं पर भी बढ़ा जो अपने पति या घर में कमाने वाले लोगों से ज्यादा कमाती थीं।
(कुछ इनपुट बीबीसी से)



Click it and Unblock the Notifications
