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World Arthritis Day 2023: हड्डियों से आती है चटकने की आवाज, Hip Arthritis के जानें लक्षण और इलाज
What is Hip Arthritis : कूल्हे में दर्द होना बहुत ही नॉर्मल सी बात है। लेकिन इस दर्द की वजह से अगर आपको चलने, उठने और बैठने या डेली रुटीन के काम करने में परेशानी आती हैं, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। हो सकता है कि यह दर्द नॉर्मल न होकर कूल्हों का गठिया (Hip Arthritis) या ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो।
जी हां कूल्हे के गठिया को अंग्रेजी में हिप अर्थराइटिस के नाम से जाना जाता है। यह रोग भी गठिया की ही तरह जोड़ों की सूजन और दर्द से जुड़ा रोग है। जो आमतौर पर विटामिन सी, विटामिन डी और कैल्शियम की कमी की वजह से होता है। ज्यादातर लोग बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों की कमजोरी और चलने-फिरने में दिक्कत की शिकायत करने लगते हैं। ऐसे में कुछ खास मौसम में या फिर कई बार उठने-बैठने पर गठिया का दर्द बढ़ जाता है।

यहां जानिए कूल्हों का गठिया या Hip Arthritis के लक्षण और वजह के बारे में-
हिप अर्थराइटिस के लक्षण
हिलने में परेशानी
कूल्हों या हिप में दर्द बढ़ने पर इनमें कठोरता बढ़ सकती है। ऐसे में बुजुर्गों को रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो सकती है।
हिप यानी कूल्हों में दर्द
खड़े होने या सीढ़ियां चढ़ने, उठने और बैठने पर हिप यानी कूल्हों में दर्द। समय के साथ ये दर्द बढ़कर कमर, जांघ या नितंबों (मलाशय का बाहरी भाग) तक भी फैल सकता है।
चलने पर कट-कट की आवाज
हिप अर्थराइटिस से पीड़ित व्यक्ति को चलने पर कट-कट की आवाज के साथ झनझनाहट सी भी महसूस हो सकती है। ऐसा हिप के जोड़ो का कार्टिलेज कम होने के वजह से भी होता है। जिसे हम भाषा में जोड़ों का ग्रीस कम होना भी कहा जाता है।
रीढ़ की हड्डी में दर्द
रीढ़ की हड्डी में इस बीमारी के मामले काफी ज्यादा आते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से पीठ में दर्द की समस्या होती है और कूल्हों में भी दर्द महसूस हो सकता है।
मसूड़े कमजोर होना
हड्डियों के कमजोर होने से मसूड़ों में दिक्कत होने लगती है। जबड़े की हड्डी दांतों पर पकड़ बनाए रखती है और एक उम्र के बाद अन्य हड्डियों की तरह ये भी कमजोर हो जाती है।
हिप अर्थराइटिस के वजह
अधिक उम्र
ज्यादातर लोगों में तो यह बीमारी अधिक उम्र के बाद ही देखने को मिलती है, लेकिन कभी-कभी कम उम्र के लोगों को भी इस बीमारी से जूझना पड़ सकता है।
ज्यादा वजन
कम उम्र के लोगों में यह समस्या अधिक वजन होने की वजह से भी होती है। वजन बढ़ने के साथ-साथ शरीर में कैल्शियम की कमी से भी हड्डियों में कमजोरी और घुटनों तथा जोड़ों के चटकने की आवाज आती है।
तनाव से दूर रहें
बहुत ज्यादा तनाव होने पर बोन मिनरल डेंसिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिस वजह से इस तरह की बीमारी व्यक्ति के शरीर में पाई जा सकती है।
इन तरीकों से हिप के अर्थराइटिस से करें बचाव
- रोजाना एक्सरसाइज करें
- डाइट में प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम को शामिल करें
- वजन को कंट्रोल में रखें
- विटामिन डी की जांच कराएं, अगर ये कम है तो डॉक्टर से सलाह लें
- कम नमक और चीनी का सेवन करें
- उचित जूते पहनें
- शराब का सेवन न करें
- स्मोकिंग करने से बचें
- रात को समय पर सोएं
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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