Latest Updates
-
New Rules From 1 April 2026: दवाइयों से मोबाइल तक, जानें 1 अप्रैल से क्या होगा सस्ता, क्या महंगा? -
Kamada Ekadashi Upay: वैवाहिक कलह और कर्ज के बोझ से हैं परेशान? कामदा एकादशी पर करें ये 3 अचूक उपाय -
Kamada Ekadashi Vrat Katha: कामदा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान विष्णु की कृपा से पूरी होगी हर इच्छा -
Kamada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा,,,कामदा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Kamada Ekadashi Sanskrit Wishes: इन दिव्य संस्कृत श्लोकों से अपनों को दें कामदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 29 March 2026: कामदा एकादशी पर किन राशियों का होगा भाग्योदय? जानें अपना भविष्यफल -
Summer Fashion Tips: चिलचिलाती धूप में ठंडक का एहसास कराएंगे ये 5 रंग, आज ही बदलें अपना वॉर्डरोब -
इन 5 समस्याओं से जूझ रहे लोग भूलकर भी न खाएं आंवला, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान -
क्यों मनाया जाता है अप्रैल फूल डे? जानें 1 अप्रैल से जुड़ी ये 3 दिलचस्प कहानियां -
IPL 2026 का आगाज आज, बेंगलुरु में SRH से भिड़ेगी चैंपियन RCB, जानें लाइव स्ट्रीमिंग की पूरी डिटेल
World Asthma Day 2025: आंधी-तूफान में बढ़ जाता है 'थंडरस्टॉर्म अस्थमा' का खतरा, किन बातों का रखें ख्याल
What Is Thunderstorm Asthma : जब आसमान में बिजली चमकती है और तेज़ गड़गड़ाहट सुनाई देती है, तो कई लोग डर और घबराहट महसूस करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह डर सिर्फ मानसिक नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी नुकसानदायक हो सकता है? हाल ही में एक अध्ययन में सामने आया है कि आंधी-तूफान अस्थमा के मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इस स्थिति को 'थंडरस्टॉर्म अस्थमा' कहा जाता है, जिसमें तूफान के दौरान अस्थमा अटैक की आशंका बढ़ जाती है।
इन दिनों देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग लगातार खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी कर रहा है। कई राज्यों में आंधी-तूफान और बवंडर की चेतावनी दी गई है। ऐसे में अस्थमा या सांस से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

क्या कहती है रिसर्च?
थंडरस्टॉर्म अस्थमा की घटनाएं पहली बार 1983 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में और 1987 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में दर्ज की गईं। साल 2016 में मेलबर्न में आई ऐसी ही एक तेज़ तूफान की लहर से आठ लोगों की मौत हो गई थी और 8,000 से ज्यादा लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा लेनी पड़ी थी। इन घटनाओं ने दिखाया कि मौसम में अचानक आए बदलाव अस्थमा मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
किन्हें होता है ज्यादा खतरा?
थंडरस्टॉर्म अस्थमा से उन लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है जिन्हें पहले से ही अस्थमा या सांस की कोई तकलीफ है। जिन लोगों को धूल, परागकण या प्रदूषण से एलर्जी होती है, उनके लिए यह मौसम और खतरनाक हो सकता है। हृदय रोग से पीड़ित मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जयपुर स्थित अस्थमा भवन के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि तूफान के दौरान हवा में धूल और सूक्ष्म कणों की मात्रा बढ़ जाती है, जो फेफड़ों में जाकर एलर्जी या अस्थमा का कारण बन सकते हैं। ऐसे में मरीजों को चाहिए कि वे पहले से ही एहतियात बरतें।
बचाव के तरीके
- तूफान के दौरान बाहर जाने से बचें, अगर ज़रूरी हो तो मास्क जरूर पहनें।
- अस्थमा की दवाइयां हमेशा अपने पास रखें।
- बुजुर्ग और हृदय रोगी बाहर निकलने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
- सांस लेने में परेशानी या असामान्य लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











