World Cancer Day 2025 : स्‍तनों में बनी गांठ कहीं कैंसर तो नहीं? घर बैठे ऐसे करें पता

How to Test Breast Cancer at Home : स्तन कैंसर महिलाओं में तेजी से फैलता हुआ आम कैंसर बनता जा रहा है, और यह सर्वाइकल कैंसर के बाद दूसरा सबसे सामान्य प्रकार है। रिसर्च के अनुसार, प्रत्येक अट्ठाईस महिलाओं में से एक स्तन कैंसर से प्रभावित होती है। इस बीमारी की सही समय पर पहचान बेहद जरूरी है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।

स्वयं स्तन जांच से महिलाएं इस बीमारी के संकेत जल्दी पहचान सकती हैं। नियमित रूप से स्तनों का निरीक्षण और महसूस करना महिलाओं को यह पता लगाने में मदद करता है कि कहीं वे भी इसके प्रभाव में तो नहीं हैं। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ आसान टिप्स देंगे, जिनकी मदद से आप घर पर ही स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान कर सकती हैं।

how to test breast cancer at home

ब्रेस्ट कैंसर क्‍या है?

ब्रेस्ट कैंसर तब होता है जब स्तन के टिश्यू में छोटी गांठें और सख्त कण बनने लगते हैं, जिससे कैंसर की स्थिति पैदा होती है। सामान्यत: ब्रेस्ट का काम दूध बनाना और उसे सूक्ष्म वहनियों के जरिए निप्पल तक पहुंचाना होता है। जब इन टिश्यू में असामान्य परिवर्तन होते हैं और गांठें विकसित होती हैं, तो यह स्तन कैंसर का रूप ले सकता है।

कैसे घर बैठे स्‍तन कैंसर का लगाएं पता

ब्रेस्ट कैंसर का घर पर स्वयं परीक्षण करना बेहद जरूरी है, जिसे "ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिन" कहा जाता है। डॉ. श‍िखा गुप्‍ता के अनुसार, महिलाएं इसे आसानी से कर सकती हैं। अपने स्तन की जांच करने के लिए महिलाओं को नियमित रूप से यह प्रक्रिया करनी चाहिए ताकि ब्रेस्ट कैंसर का सही समय पर पता चल सके। घर पर स्तन की जांच के लिए इन टिप्स को फॉलो करें:

- अपनी बाहों को मोड़ें और सिर के पीछे रखें। अब अपनी उंगलियों से स्तनों पर गोलाकार गति में दबाव डालें।
- हल्के हाथों से दबाकर मालिश करें और देखें कि कहीं आपको दर्द तो नहीं हो रहा या कोई असामान्य गांठ तो नहीं बन रही।
- जांच के बाद, निपल्स को दबाकर देखें कि डिस्चार्ज तो नहीं हो रहा। अगर नल के पानी जैसा, दूध जैसा, या मवाद जैसा डिस्चार्ज निकलता है, तो यह चिंता का कारण हो सकता है।

यह परीक्षण हर महीने मासिक धर्म खत्म होने के 5-7 दिन बाद करें। यह प्रारंभिक लक्षणों की पहचान में मदद कर सकता है, जिससे समय पर इलाज संभव हो सके।

क‍ितना कारगार है ब्रेस्‍ट सेल्‍फ एग्जामिनेशन

ब्रेस्ट कैंसर का समय पर पता लगाने के लिए सेल्फ एग्जामिनेशन बेहद जरूरी है। 10 में से 8 महिलाएं इस तरीके से खुद ही ब्रेस्ट कैंसर का पता लगा लेती हैं। ज्यादातर डॉक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ महिलाओं को रोजाना अपने स्तनों की जांच करने की सलाह देते हैं, क्योंकि समय रहते इसका पता चलने से इलाज संभव हो पाता है और कैंसर के फैलने से पहले ही इलाज किया जा सकता है।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण में निप्पल से बार-बार डिस्चार्ज होना, निप्पल का अंदर की ओर धंसना, और स्तन में गांठ बनना या सूजन आना शामिल हैं। यदि किसी महिला को इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, नल के पानी जैसा डिस्चार्ज होना, प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग न करने पर भी दूध जैसा डिस्चार्ज होना, और घाव से मवाद जैसा डिस्चार्ज होना भी संभावित लक्षण हो सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, February 3, 2025, 13:20 [IST]
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