Heart Attack First Aid: दि‍ल का दौरा पड़ने पर फौरन करें ये 5 काम, बच जाएगी मरीज की जान

Heart Attack First Aid: हार्टअटैक एक इमरजेंसी मेडिकल कंडीशन है जिसमें मरीज को तुरंत मेडिकल हेल्‍प की जरुरत होती है। इस नाजुक स्थिति में अगर समय रहते मेडिकल हेल्प न मिले तो मौत का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स दिल के दौरे के मामूली लक्षणों को भी नजरअंदाज नहीं करने की सलाह देते हैं।

ऐसा माना जाता है कि तुरंत मेडिकल मदद मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। मेयो क्लिनिक के मुताब‍िक, दिल का दौरा आम तौर पर 15 मिनट से अधिक होने पर सीने में दर्द की वजह बनता है। इसके लक्षण सभी में अलग-अलग होते हैं। इस स्थिति में कुछ लोगों को सीने में हल्का दर्द, जबकि कुछ लोगों को अधिक-गंभीर दर्द होता है। हालांकि कुछ लोगों को सीने में दर्द या दबाव बिल्कुल भी नहीं होता है।

कुछ लोगों को दिल का दौरा अचानक पड़ता है, लेकिन कई लोगों में चेतावनी के संकेत घंटों या दिन पहले ही होते हैं। दिल का दौरा पड़ने पर आपको समय गंवाए बगैर तुरंत नीचे बताए गए काम करने चाहिए।

Heart Attack First Aid

दिल का दौरा आने पर शरीर में ऐसा कुछ होता है?

किसी को जब दिल का दौरा (Heart attack) पड़ता है तो सामान्य तौर पर छाती में दर्द, दबाव, जकड़न या तेज दर्द का अनुभव होता है। दर्द और दबाव, कंधों, बाहें, पीठ, गर्दन, जबड़े, दांतों और कभी कभी पेट के ऊपरी भाग में फैलता हुआ महसूस होता है। उलटी, अपच, हार्ट में जलन या पेट में दर्द महसूस हो सकता है। सांस उखड़ने लगती है। पसीना आने लगता है और चक्कर या बेहोशी महसूस होती है।

मेडिकल इमरजेंसी पर कॉल करें

हार्ट अटैक आने की सिचुएशन में मेडिकल इमरजेंसी पर कॉल करना चाहिए। तुरंत मरीज को नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। क्‍योंक‍ि जरा सी बिगड़ती हालत से तबीयत खराब हो सकती है।

एस्पिरिन लें

दिल के मरीज हमेशा अपने पास एस्पिर‍िन रखें। जब तक आपके पास इमरजेंसी मेडिकल हेल्प नहीं पहुंच जाती है, तब तक एस्पिरिन को चबाते रहें। इससे आपका रक्त में थक्का नहीं जमेगा। मगर ये डॉक्‍टर की सलाह के अनुसार ही बचाव के ल‍िए अपने पास रखें।

नाइट्रोग्लिसरीन

अगर आप द‍िल के मरीज हैं और डॉक्टर ने आपके लिए पहले से नाइट्रोग्लिसरीन निर्धारित की है, तो इमरजेंसी मेडिकल हेल्प आने तक इसे निर्देशानुसार लें।

सीपीआर दे

अगर दि‍ल का दौरा पड़ने से मरीज बेहोश हो गया है, तो उसे तुरंत सीपीआर दें। यदि व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है या आपको नस नहीं मिल रही है, तो आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए कॉल करने के बाद रक्त प्रवाह को बनाए रखने के लिए सीपीआर शुरू करें। इसके लिए व्यक्ति की छाती के बीचो बीच जोर और तेजी से प्रेशर से धक्‍का देते रहें। एक मिनट में लगभग 100 से 120 बार ऐसा करें।

एइडी का उपयोग ( Use AED)

अगर एइडी उपलब्ध हो तो डिवाइस के इंस्ट्रक्शन को फॉलो करते हुए उसे उपयोग करना चाहिए। तो ये उपकरण बेहद काम आता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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