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हेपेटाइटिस-बी ने खराब किए अमिताभ बच्चन 75 फीसदी लिवर, जानें कैसे लिवर के लिए घातक है ये बीमारी
Amitabh Bachchan Is Hepatitis B Patient: साल 1983 में आई फिल्म 'कुली' के एक सीन में पुनीत इस्सर के साथ एक फाइट सीन में अमिताभ बच्चन बुरी तरह घायल हो गए थे। अंदरूनी ब्लीडिंग के कारण बिग-बी के शरीर में खून की काफी कमी हो गई थी।
उन्हें चढ़ाने के लिए आनन-फानन में करीब 200 डोनर्स से 60 बोतल ब्लड इकट्ठा किया गया था। इस दौरान हुई लापरवाही से एक हेपेटाइटिस-बी से संक्रमित व्यक्ति का खून बिग बी को चढ़ा दिया गया था, जिसके बाद वे भी हेपेटाइटिस-बी से संक्रमित हो गए थे।

अमिताभ बच्चन ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि यह बात उन्हें करीब 18 साल बाद तब पता चली, जब साल में उन्होंने रूटीन चेकअप कराया।
रिपोर्ट में सामने आया कि वायरस के कारण लिवर बुरी तरह संक्रमित है और लिवर सिरोसिस हो गया है। और नतीजा यह रहा है कि 2012 में लिवर का 75 फीसदी संक्रमित हिस्सा काटकर अलग किया गया। बिग-बी अब 25 फीसदी लिवर के साथ जी रहे हैं।
इसके बाद से ही उनके लिवर का फंक्शन कमजोर हो गया। उस एक एक्सीडेंट ने उनके पेट के इंटरनल पोर्शन को इतना नुकसान पहुंचाया कि अभी तक उसके साइड इफेक्ट सामने आते रहते हैं। आइए जानते है कि कैसे हेपेटाइटिस-बी लिवर के लिए घातक बन सकता है और क्या है इसके लक्षण और इलाज।
क्या है हेपेटाइटिस बी?
वायरल हेपेटाइटिस में लोग सबसे ज्यादा हेपेटाइटिस बी (what is hepatitis B) से प्रभावित होते हैं। हेपेटाइटिस बी धीरे-धीरे लिवर को संक्रमित करता है। कई मामलों में हेपेटाइटिस बी लिवर में किसी चोट के कारण होती है। हेपेटाइटिस बी एक खतरनाक संक्रमित बीमारी है। इसका समय पर जांच और इलाज ना किया जाए, तो लिवर कैंसर होने की संभावना भी बढ़ सकती है। हेपेटाइटिस बी एक वायरल इंफेक्शन है। यह लिवर पर सीधे अटैक करता है, जिससे आपका लिवर प्रभावित हो जाता है। इसमें लिवर में सूजन और संक्रमण हो जाता है। कई बार लिवर पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है, जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
हेपेटाइटिस बी के लक्षण
वैसे तो इसके लक्षण आसानी से नजर नहीं आते हैं, लेकिन आपको लगातार थकान, भूख में कमी, उल्टी आना,वजन घटना, पेट और सिर दर्द रहना, आंखों में पीलापन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
कैसे फैलता है हेपेटाइटिस
हेपेटाइटिस दो तरह से वायरल होता है। एक तो संक्रामक हेपेटाइटिस और दूसरा रक्त जनित हेपेटाइटिस। संक्रामक हेपेटाइटिस भोजन और पानी से फैलता है। रक्त जनित हेपेटाइटिस शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने पर फैलता है। संक्रामक हेपेटाइटिस में ए और ई आते हैं। रक्त जनित हेपेटाइटिस में बी और सी आता है। इनमें हेपेटाइटिस सी सबसे ज्यादा खतरनाक माना जात है और हेपेटाइटिस बी भी सी के बराबर ही खतरनाक होता है।

इलाज
हेपेटाइटिस बी के बेहतर उपचार, इलाज और टीके कई वर्षों से उपलब्ध हैं। उपलब्ध टीका या वैक्सीन 95 % तक हेपेटाइटिस डिजीज के खतरे को कम कर सकती है। हेपेटाइटिस बी की वजह से लिवर सिरोसिस हो सकता है। ऐसे में समय पर इसके लक्षणों को पहचानकर इसका इलाज करवाया जा सकता है। लिवर सिरोसिस हो गया, तो फिर लिवर ट्रांसप्लांट ही बचने का एक मात्र रास्ता है।
बचाव के तरीके
हेपेटाइटिस B को एड्स से भी ज्यादा खतरनाक माना गया है। WHO की एक रिसर्च के मुताबिक पूरी दुनिया में एड्स से अधिक मौतें हेपेटाइटिस B के कारण हो रही हैं। आइए जानते है इससे बचाव के तरीके-
- हेपेटाइटिस B का वायरस इन्फेक्टेड ब्लड के ट्रांसफर होने या इंफेक्टेड पार्टनर के साथ इंटरकोर्स करने से फैलता है, जिससे लिवर फेलियर या कैंसर जैसी स्थिति बनने लगती है। इसलिए यौन संबंध बनाते हुए सावधानी बरतें।
- हेपेटाइटिस B संक्रमित की इस्तेमाल की हुई सुइयों का प्रयोग न करें। अगर आपको रक्त छूना पड़े तो दस्तानों का प्रयोग करें और किसी का इस्तेमाल किया हुआ रेजर अथवा टूथब्रश का इस्तेमाल न करें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, बोल्डस्काई हिंदी इनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह के किसी भी उपचार और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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