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World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय
World Mosquito Day 2026: हर साल 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों को मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों और उनके रोकथाम के प्रति जागरूक करना है। दुनियाभर में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करती हैं। अलग-अलग प्रजाति के मच्छर अलग तरह की बीमारियां फैला सकते हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन से मच्छर किन बीमारियों का कारण बनते हैं, इनके पनपने की वजह क्या है और मच्छरों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन सवालों के जवाब जाने के लिए हमनें धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन), डॉ. गौरव जैन से बातचीत की।

मच्छर से कौन-कौन सी बीमारियां फैलती हैं?
1. मलेरिया
मलेरिया एक परजीवी से होने वाली बीमारी है। यह संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से इंसानों तक पहुंचती है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, ठंड लगना और सिरदर्द शामिल हैं। समय पर जांच और इलाज न मिलने पर मलेरिया गंभीर रूप भी ले सकता है।
2. डेंगू
डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित एडीज मच्छरों के काटने से फैलती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, मतली और त्वचा पर दाने शामिल हो सकते हैं। डेंगू फैलाने वाले मच्छर घर और उसके आसपास भी पाए जा सकते हैं और दिन के समय ज्यादा सक्रिय रहते हैं।
3. चिकनगुनिया
चिकनगुनिया भी एक वायरल बीमारी है। इसे मुख्य रूप से संक्रमित एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस मच्छर फैलाते हैं। तेज बुखार और जोड़ों में तेज दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान और शरीर पर दाने भी हो सकते हैं।
4. जापानी एन्सेफलाइटिस
जापानी एन्सेफलाइटिस एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से क्यूलेक्स ट्राइटेनिओरहाइन्चस जैसे संक्रमित मच्छरों के जरिए फैलती है। ज्यादातर संक्रमण में लक्षण नहीं दिखते या हल्के लक्षण होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में तेज बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे और गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या हो सकती है।
5. जीका वायरस
जीका वायरस भी संक्रमित एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है। इसके सामान्य लक्षण हल्का बुखार, त्वचा पर दाने, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान जीका संक्रमण भ्रूण को प्रभावित कर सकता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं के लिए मच्छरों से बचाव खास तौर पर जरूरी है।
6. फाइलेरिया
लिम्फैटिक फाइलेरियासिस यानी फाइलेरिया भी मच्छरों से फैलने वाली परजीवी बीमारी है। इसे अलग-अलग क्षेत्रों में एनोफिलीज, क्यूलेक्स और एडीज समेत कई प्रकार के मच्छर फैला सकते हैं। संक्रमण लंबे समय तक रहने पर शरीर के अंगों में असामान्य सूजन और दूसरी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
किन वजहों से मच्छरों का खतरा बढ़ जाता है?
ब्लड ग्रुप का भी पड़ता है असर
कुछ शोधों में पाया गया है कि मच्छरों की कुछ प्रजातियां ब्लड ग्रुप के आधार पर लोगों की ओर अलग-अलग आकर्षण दिखा सकती हैं। एक अध्ययन में O ब्लड ग्रुप वाले लोगों पर एडीज एल्बोपिक्टस के उतरने की दर A, B और AB समूहों की तुलना में ज्यादा पाई गई थी। हालांकि, सिर्फ ब्लड ग्रुप ही यह तय नहीं करता कि मच्छर किसे ज्यादा काटेंगे।
घर के आसपास जमा पानी
बारिश के बाद जमा पानी मच्छरों के लिए अच्छी प्रजनन जगह बन सकता है। यही वजह है कि कूलर, गमले, पानी की टंकी, बाल्टी, पुराने टायर और दूसरे खुले बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। WHO भी पानी रखने वाले बर्तनों को खाली करने, साफ करने और ढककर रखने की सलाह देता है।
घर में मच्छरों का आसानी से आना
खिड़की-दरवाजों पर जाली न होना, घर के आसपास सफाई की कमी और पानी का जमा रहना मच्छरों के संपर्क को बढ़ा सकता है। इसके अलावा कुछ प्रजातियां दिन में काटती हैं, जबकि कुछ रात के समय ज्यादा सक्रिय रहती हैं। इसलिए केवल रात में मच्छरदानी लगाना ही पर्याप्त नहीं है; दिन के समय भी शरीर को ढककर रखना और जरूरत के अनुसार रिपेलेंट का इस्तेमाल करना मददगार हो सकता है।
मच्छरों से बचने के लिए क्या करें?
मच्छरों से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर और पानी रखने वाले दूसरे बर्तनों को नियमित रूप से खाली करके साफ करें।
पानी की टंकियों और दूसरे कंटेनरों को ढककर रखें।
खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाकर रखें,
बाहर निकलते समय पूरी बांह के कपड़े पहनें और जरूरत के अनुसार मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
अगर तेज बुखार, कंपकंपी, शरीर में दर्द, दाने या दूसरे असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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