World Thyroid Day 2024 : घर पर थर्मामीटर से करें थाइराइड टेस्‍ट, पता चलेगा एक्‍यूरेट रिजल्‍ट , जानें प्रोसेस

how to check thyroid at home : आज करोड़ों लोग थायराइड की समस्‍या से परेशान हैं। थायराइड की वजह से मोटापा, बांझपन, जोड़ों में दर्द, नींद आना, डिप्रेशन, बालों का झड़ना जैसी होती हैं। अमूमन थायराइड टेस्‍ट करने के ल‍िए TSH टेस्‍ट क‍िया जाता है। इसके अलावा एक और दूसरा T4 टेस्ट भी होता है। ये तब काम आता है जब थाइरॉइड ग्लैंड फैलियर की स्थिति में पहुंच जाता है। वैसे यह टेस्‍ट बहुत महंगे होते हैं।

अगर आपको शक है क‍ि आपको थाइराइड है तो आप थर्मामीटर का प्रयोग कर भी घर बैठे थाइराइड की जांच कर सकते हैं। आइए World Thyroid Day के मौकों पर जानते है इस टेस्‍ट के बारे में-

how to check thyroid with thermometer at home

बार्नी टेस्ट से पता करें थाइराइड?

वैसे तो थायराइड का पता लगाने का सबसे सही तरीका ब्‍लड तरीका है,क्योंकि इससे हमें थायराइड हार्मोन्स के अलग-अलग तरह के लेवल पता चल जाता है। लेकिन आप चाहे तो साधारण थर्मोमीटर से भी घर बैठे थायराइड का पता लगा सकते हैं।

अमेरिका के प्रसिद्ध चिकित्सक और बेस्ट सेलर किताबों के लेखक डॉ जैकब टाईटेलबम ने इस थर्मामीटर टेस्ट को बेहद भरोसेमंद बताया है। इस टेस्ट को आप फ्री में घर पर ही कर सकते हैं। इस टेस्ट को आर्मपिट टेस्ट और बार्नी टेस्ट (Barney's Test) भी कहते हैं । मरीज इस टेस्ट को घर पर बिना क‍िसी मदद के कर सकते हैं। इसका प्रॉसेस बहुत आसान है।

- इसे करने के लिए सबसे पहले आप थर्मामीटर को अच्‍छे से झटक कर पारा 35डिग्रीC या 95F से टेम्‍परेचर रखकर रात को सोने से पहले अपने सिरहान पर रख लें।

- सुबह उठते ही सबसे पहले आपको बिस्‍तर पर ही बैठे हुए थर्मामीटर को अपनी अंडर आर्म (armpit) में 10 मिनट तक लगाकर रखें। फ‍िर अर्लाम बजते ही रीडिंग लें।

1. यदि टेंपरेचर 36.5C (97.7F) और 36.8C (98.2F) के बीच आता है तो इसका मतलब है क‍ि थायराइड ग्लैंड ठीक से काम कर रहा है।

2. अगर टेंपरेचर 36.5C या कहें 97.7F से कम आता है तो थायराइड सामान्य से धीमे काम कर रहा है।

थायराइड ग्लैंड हमारे शरीर में गले के नीचे तितली के आकार की ग्रंथि होती है। यह थायरॉक्सीन और ट्राईआयोडोथायरोनीन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोन्स का उत्पादन करने का काम करता है। थायराइड ग्लैंड जब ठीक तरह से काम नहीं करता है तो इन हार्मोन गड़बड़ा जाते है और भी कई हेल्थ प्रॉब्लम होने लगती है। बैलेंस्‍ड लाइफस्‍टाइल और अच्छी डाइट से इस प्रॉब्लम को कंट्रोल किया जा सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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